चीन ने कहा- बलूचिस्तान पर पीएम मोदी का भाषण चिंता का विषय
नई दिल्ली। बलूचिस्तान के मुद्दे पर कई दिनों से शांत चीन ने अब अपनी बात रख ही दी है।

चीनी थिंकटैंक्स की ओर से कहा गया है कि भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से लाल किले की प्राचीर से बलूचिस्तान में मानवाधिकारों के खराब हालात पर चिंता जाहिर करना 'चिंता का विषय' है।
चीन को देना पड़ेगा दखल
यह भी कहा गया है कि यदि भारत की ओर से किए गए किसी भी षड़यंत्र के चलते चीन -पाक इकॉनमिक कॉरिडोर के प्रोजेक्ट को बाधित करने की कोशिश की गई तो फिर चीन को मामले में अपना दखल देना पड़ेगा और चीन-पाक एक साथ कदम उठाएंगे।
चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ कंटम्पररी इंटरनेशनल रिलेशन्स के इंस्टीट्यूट ऑफ साउथ एंड साउथ ईस्ट एशियन एंड ओसिनियन स्टडीज (सीआईसीआईआर) के डायरेक्टर हू शीशेंग ने इस मामले पर कहा है कि स्वतंत्रता दिवस पर दिए गए भाषण में भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी की ओर से बलूचिस्तान की चर्चा, चीन और उसके विद्वानों के लिए 'मौजूदा चिंता' है।
साथ ही यह भी कहा गया है कि भारत के अमेरिका से बढ़ते संबंध और दक्षिण चीन सागर पर भारतीय रुख में बदलाव चीन के लिए खतरा है।
भारत कर सकता है कि सरकार विरोधी तत्वों का इस्तेमाल
हू ने कहा है कि चीन को इस बात भय है कि भारत बलूचिस्तान में सरकार विरोधी तत्वों का इस्तेमाल कर सकता है जहां सफलता की महत्वाकांक्षी परियोजना सीपीईसी का निर्माण किया जा रहा है।
कहा गया कि यदि ऐसे किन्हीं कारणों के चलते सीपीईसी को कोई नुकसान हुआ तो चीन को इस मामले में दखल देना पड़ेगा।'
चीन की ओर इस बात का आरोप भी लगाया गया कि बलूचिस्तान, गिलगिट और पाक अधिकृत कश्मीर में भारत अलगाववादियों का समर्थन कर रहा है।












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