भारत के सबसे बड़े 'दुश्मन' ने बना लिया एयरशिप, 9000 मीटर पर उड़ाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड किया कायम
नई दिल्ली: दूसरे देशों की टेक्नोलॉजी चोरी करके चीन रोजाना नई हाईटेक चीजें बना रहा है। हाल ही में उसने दुनिया के सबसे तेज विमान को बनाने का प्रोजेक्ट शुरू किया था। उस प्रोजेक्ट पर अभी काम चल ही रहा था कि चीन ने एक फ्लोटिंग एयरशिप विकसित कर लिया, जिसने अब विश्व रिकॉर्ड बनाया है। (Photo: Courtesy of Aviation Industry Corporation of China)

कहां कर रहा इस्तेमाल?
ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक चीन ने जो फ्लोटिंग एयरशिप बनाया है, उसका नाम जिमू-1 है। 15 मई को ये 9032 मीटर की ऊंचाई पर पहुंचा और एटमॉस्फेयर साइंस ऑब्जर्वेशन (वायुमंडलीय विज्ञान अवलोकन) कर विश्व रिकॉर्ड बनाया। इस अध्ययन का मकसद किंघई-जिजांग पठार पर पानी, ग्लोबल वार्मिंग आदि का अवलोकन कर वैज्ञानिकों को डेटा प्रदान करना है।

सही तरीके से इकट्ठा कर रहा डेटा
चाइना सेंट्रल टेलीविजन के मुताबिक एयरशिप 4,270 मीटर की ऊंचाई से उठा और जमीन से 4,762 मीटर ऊपर पहुंच गया। इसके बाद इसने सही तरीके से डेटा इकट्ठा करना शुरू किया। आने वाले दिनों में ये चीनी वैज्ञानिकों के लिए काफी अहम साबित होगा।

एशिया के जल मीनार पर पहुंचा
रिपोर्ट में बताया गया कि एयरशिप द्वारा एकत्र किए गए वैज्ञानिक डेटा का उपयोग क्षेत्रीय जल चक्र का अध्ययन करने और वायुमंडलीय परिवर्तन की निगरानी के लिए किया जाएगा। किंघई-जिजांग पठार को 'तीसरा ध्रुव' और 'एशिया का जल मीनार' भी कहा जाता है। यहां से ही कई एशियाई नदियों को पानी की आपूर्ति होती है।

2017 में दोबारा शुरू हुई रिसर्च
करीब 40 साल पहले चीनी वैज्ञानिकों ने इसको लेकर शोध शुरू किया था। उसके बाद ये बंद हो गया, फिर चीनी सरकार ने इसे 2017 में शुरू करवाया। इसी अध्ययन के लिए अब जिमू -1 का इस्तेमाल हो रहा है।












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