China Coal Mine Explosion: चीन की कोयला खदान में गैस विस्फोट से तबाही, 8 मजदूरों की मौत, 38 अब भी अंदर फंसे
China Coal Mine Explosion: चीन के उत्तरी हिस्से में स्थित एक कोयला खदान में 22 मई की देर रात हुए भीषण गैस विस्फोट ने बड़ा हादसा खड़ा कर दिया। इस दुर्घटना में अब तक कम से कम 8 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि दर्जनों कर्मचारी अब भी खदान के अंदर फंसे हुए हैं।
चीनी सरकारी मीडिया के मुताबिक यह हादसा शांक्सी (Shanxi) प्रांत की लियूशेन्यू (Liushenyu) कोयला खदान में हुआ, जहां अचानक गैस विस्फोट के बाद अफरा-तफरी मच गई।

सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ कि रिपोर्ट्स के अनुसार विस्फोट शुक्रवार शाम करीब 7:29 बजे हुआ। उस समय खदान के अंदर कुल 247 मजदूर काम कर रहे थे। हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य तुरंत शुरू किया गया। शनिवार सुबह तक 201 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कई कर्मचारी अब भी जमीन के नीचे फंसे हुए हैं।
खदान में बढ़ा जहरीली गैस का स्तर
चीनी समाचार एजेंसी के मुताबिक हादसे के बाद खदान के अंदर कार्बन मोनोऑक्साइड गैस का स्तर खतरनाक सीमा से ऊपर पहुंच गया था। यही वजह है कि रेस्क्यू ऑपरेशन काफी मुश्किल हो गया है। अधिकारियों ने बताया कि अंदर फंसे कुछ मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमों ने रातभर राहत अभियान चलाया। बचावकर्मी ऑक्सीजन सपोर्ट और विशेष सुरक्षा उपकरणों के साथ अंदर पहुंचे, लेकिन जहरीली गैस और धुएं की वजह से ऑपरेशन धीमी गति से चल रहा है।
38 मजदूर अब भी फंसे
आपातकालीन प्रबंधन विभाग के अनुसार हादसे में अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 38 मजदूर अब भी खदान के अंदर फंसे हुए हैं। बचाव दल लगातार संपर्क स्थापित करने और मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं। चीनी मीडिया के मुताबिक कई मजदूर विस्फोट के बाद अंदर बने सुरंगों और अलग-अलग हिस्सों में फंस गए। रेस्क्यू टीम भारी मशीनों और गैस मॉनिटरिंग सिस्टम की मदद से रास्ता साफ करने में जुटी हुई है।
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने दिए जांच के आदेश
इस बड़े हादसे के बाद चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घटना पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने घायलों के इलाज के लिए हरसंभव प्रयास करने और हादसे की विस्तृत जांच कराने के निर्देश दिए हैं। शिन्हुआ के मुताबिक राष्ट्रपति शी ने कहा कि देश के सभी क्षेत्रों और विभागों को इस दुर्घटना से सबक लेना चाहिए और कार्यस्थल की सुरक्षा को लेकर लगातार सतर्क रहना होगा। उन्होंने भविष्य में ऐसे बड़े और विनाशकारी हादसों को रोकने के लिए कड़े कदम उठाने पर जोर दिया।
चीन में क्यों होते रहते हैं खदान हादसे?
शांक्सी प्रांत को चीन का कोल माइनिंग हब माना जाता है। यह इलाका देश के सबसे बड़े कोयला उत्पादक क्षेत्रों में शामिल है। हालांकि पिछले कुछ दशकों में चीन ने खदान सुरक्षा मानकों में सुधार किए हैं, लेकिन इसके बावजूद वहां खनन दुर्घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि कई जगहों पर सुरक्षा नियमों का सही तरीके से पालन नहीं किया जाता। अत्यधिक उत्पादन दबाव, खराब वेंटिलेशन सिस्टम और गैस मॉनिटरिंग की कमी के कारण ऐसे हादसे बार-बार होते हैं।
दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उपभोक्ता है चीन
चीन दुनिया का सबसे बड़ा कोयला उपभोक्ता और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करने वाला देश माना जाता है। हालांकि चीन तेजी से रिन्यूएबल एनर्जी यानी सौर और पवन ऊर्जा की तरफ बढ़ रहा है, लेकिन अब भी उसकी अर्थव्यवस्था का बड़ा हिस्सा कोयले पर निर्भर है। विशेषज्ञों के मुताबिक ऊर्जा की बढ़ती मांग के कारण चीन में कोयला खनन का दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सुरक्षा मानकों की अनदेखी कई बार जानलेवा साबित हो जाती है।
स्थानीय लोगों में दहशत
हादसे के बाद आसपास के इलाके में दहशत का माहौल है। खदान के बाहर मजदूरों के परिजन बड़ी संख्या में जमा हैं और अपनों के सुरक्षित बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन ने इलाके को घेर लिया है और मीडिया की पहुंच सीमित कर दी गई है। फिलहाल पूरे चीन की नजर इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई है और उम्मीद की जा रही है कि बाकी फंसे मजदूरों को जल्द सुरक्षित बाहर निकाल लिया जाएगा।














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