टोरंटो में हिंदू आस्था पर हमला? रथ यात्रा में फेंके गए अंडे, भारतीय महिला ने लगाए नस्लवाद का आरोप-VIDEO
Eggs Attack on Indians celebrating Rath Yatra: कनाडा के टोरंटो में भारतीय समुदाय की रथ यात्रा के दौरान अज्ञात लोगों ने श्रद्धालुओं पर अंडे फेंके, जिससे नस्लवाद और विदेशी द्वेष के गंभीर आरोप लगे हैं। यह घटना इस्कॉन टोरंटो द्वारा आयोजित 53वीं वार्षिक रथ यात्रा के दौरान हुई, जिसमें हजारों लोग भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा देवी के सम्मान में सड़कों पर भजन और कीर्तन कर रहे थे। टोरंटो की मेकअप आर्टिस्ट और इस्कॉन भक्त संगना बजाज ने इस घटना का वीडियो इंस्टाग्राम पर शेयर किया, जो तेजी से वायरल हो गया।
संगना बजाज ने बताया कि जुलूस के दौरान, जब भक्त योंग स्ट्रीट पर भजन गा रहे थे, पास की एक इमारत से अंडे फेंके गए। उनके वीडियो में फुटपाथ पर टूटे अंडे साफ दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने लिखा, 'हम स्तब्ध और आहत थे। किसी ने अंडे फेंके, शायद इसलिए कि हमारी आस्था शोर मचाती है या हमारी खुशी अपरिचित लगती है। लेकिन हम नहीं रुके, क्योंकि भगवान जगन्नाथ की मौजूदगी में कोई नफरत हमें हिला नहीं सकती।' उन्होंने इस घटना को नस्लवादी करार देते हुए कहा कि यह भारतीय समुदाय के प्रति असहिष्णुता का प्रतीक है।

सोशल मीडिया पर बंटी राय
संगना के वीडियो को इंस्टाग्राम पर 1.5 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है। कई यूजर्स ने इसे नस्लवादी हमला बताया और कनाडाई अधिकारियों से कार्रवाई की मांग की। एक एक्स यूजर ने लिखा, 'अगर भारत में किसी ईसाई या इस्लामिक जुलूस पर ऐसा होता, तो पश्चिमी मीडिया भारत को असहिष्णु करार देता।' दूसरी ओर, कुछ यूजर्स ने रथ यात्रा को सार्वजनिक सड़कों पर आयोजित करने पर सवाल उठाए। एक यूजर ने लिखा, 'आपको अपनी आस्था मंदिरों या निजी जगहों पर मनानी चाहिए। सार्वजनिक सड़कों पर शोर से दूसरों को असुविधा होती है।" एक अन्य ने कहा, 'कनाडा के रहन-सहन का सम्मान करें। भारत वापस जाएं।'
नवीन पटनायक ने जताई चिंता
ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने इस घटना पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, 'रथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं पर अंडे फेंकने की खबरों से मैं स्तब्ध हूं। यह न केवल जगन्नाथ भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है, बल्कि ओडिशा के लोगों के लिए भी दुखद है।' उन्होंने ओडिशा सरकार और विदेश मंत्रालय से कनाडाई अधिकारियों के साथ इस मुद्दे को उठाने की मांग की।
रथ यात्रा का महत्व
इस्कॉन टोरंटो की रथ यात्रा एक जीवंत उत्सव है, जो भारत के पुरी में होने वाली प्राचीन परंपरा का हिस्सा है। इस्कॉन की वेबसाइट के अनुसार, 'यह उत्सव भगवान जगन्नाथ, बलदेव और सुभद्रा को मंदिर से सड़कों पर लाता है, जो सभी को आशीर्वाद देता है।' टोरंटो में यह आयोजन योंग स्ट्रीट से शुरू होकर सेंटर आइलैंड पर समाप्त होता है, जहां संगीत, नृत्य और मुफ्त शाकाहारी भोजन का आयोजन होता है।
कनाडा में बढ़ता नस्लवाद?
यह घटना कनाडा में भारतीय समुदाय के खिलाफ बढ़ते नस्लवादी घटनाओं की एक कड़ी मानी जा रही है। 2022 में साउथ एशियन कनाडियनों के खिलाफ नस्लीय भेदभाव की घटनाओं में 143% की वृद्धि दर्ज की गई थी। हाल के महीनों में, सोशल मीडिया पर भारतीयों के खिलाफ नफरत भरे कमेंट्स और वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें उन्हें 'रिफ्यूजी" कहकर अपमानित किया गया। इस घटना ने कनाडा के बहुसांस्कृतिक समाज में सहिष्णुता और समावेशिता पर सवाल उठाए हैं।
टोरंटो पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने अभी तक इस घटना पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। भारतीय समुदाय और इस्कॉन ने इस हमले की निंदा की है और इसे धार्मिक स्वतंत्रता पर हमला बताया है। यह घटना कनाडा में भारतीय समुदाय के सामने बढ़ती चुनौतियों को रेखांकित करती है, खासकर ऐसे समय में जब नस्लवाद और आप्रवास नीतियों पर बहस तेज हो रही है। जैसे-जैसे यह मामला तूल पकड़ रहा है, लोग कनाडाई अधिकारियों से सख्त कार्रवाई और इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदमों की उम्मीद कर रहे हैं।
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