Bread Prices Hike: दूध के बाद क्यों महंगा हुआ ब्रेड? कितनी बढ़ी एक पैकेट की कीमत
Bread Prices Hike: आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार थमने का नाम नहीं ले रही है। पहले दूध की कीमतों में बढ़ोतरी ने आम जनता का बजट बिगाड़ा और अब सुबह के नाश्ते का सबसे जरूरी हिस्सा यानी 'ब्रेड' भी महंगी हो गई है। देश के प्रमुख ब्रेड ब्रांड्स ने अपने दामों में ₹5 प्रति पैकेट तक की भारी बढ़ोतरी कर दी है।
यह हाल के दिनों में ब्रेड की कीमतों में हुआ अब तक का सबसे बड़ा उछाल है। दूध के बाद ब्रेड का इस तरह महंगा होना आम उपभोक्ताओं, खासकर कामकाजी और मध्यमवर्गीय परिवारों की जेब पर सीधा डाका है। आइए जानतें हैं ब्रेड की कीमतें अचानक इतनी ज्यादा क्यों बढ़ गईं और अब आपके शहर में नया रेट कार्ड क्या है?

ब्रेड ने बढ़ाए दाम, ब्रिटानिया और विब्स भी तैयारी में
ब्रेड बाजार के सबसे बड़े खिलाड़ियों में से एक 'मॉडर्न ब्रेड' (Modern Bread) ने अपने बेसिक और प्रीमियम दोनों तरह के वेरिएंट्स पर ₹5 प्रति पैकेट की रिकॉर्ड बढ़ोतरी कर दी है। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मॉडर्न ब्रांड की पैरेंट कंपनी 'ग्रुपो बिम्बो' के इस कदम के बाद अब 'ब्रिटानिया' (Britannia) और 'विब्स' (Wibs) जैसे अन्य बड़े ब्रांड्स भी बहुत जल्द अपनी कीमतें बढ़ाने वाले हैं। यानी आने वाले दिनों में ब्रेड का पूरा बाजार ही महंगा होने जा रहा है।
अब कितने का मिलेगा ब्रेड का पैकेट? (New Rate List)
मार्केट और बेकरी स्टोर्स से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्रेड के अलग-अलग पैकेट्स के दाम अब आसमान छू रहे हैं:
- सैंडविच लोफ (400 ग्राम): पहले ₹40 में मिलने वाला यह पैकेट अब ₹45 का हो गया है।
- होल व्हीट ब्रेड (Whole Wheat): इसकी कीमत ₹55 से बढ़कर सीधे ₹60 हो गई है।
- मल्टीग्रेन ब्रेड (Multigrain): जो पैकेट ₹60 का था, वह अब ₹65 में मिलेगा।
- ब्राउन ब्रेड (Brown Bread): फिटनेस लवर्स की पसंद मानी जाने वाली इस ब्रेड के दाम ₹45 से बढ़कर ₹50 हो गए हैं।
- छोटा व्हाइट और ब्राउन लोफ: छोटे पैकेट्स पर भी ₹2 की बढ़ोतरी की गई है। व्हाइट लोफ ₹20 से बढ़कर ₹22 और छोटा ब्राउन लोफ ₹28 से बढ़कर ₹30 का हो गया है।
क्यों महंगा हुआ ब्रेड? ये हैं 3 मुख्य कारण
आमतौर पर ब्रेड के दाम ₹2 या ₹3 बढ़ते थे, लेकिन इस बार सीधे ₹5 की बढ़ोतरी के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण हैं:
- प्लास्टिक पैकेजिंग का महंगा होना: रिप बेकरी मालिकों का कहना है कि ब्रेड को पैक करने के लिए जिस प्लास्टिक बैग का इस्तेमाल होता है, उसका कच्चा माल (प्लास्टिक पाउडर) विदेशों से इम्पोर्ट किया जाता है। डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई गिरावट और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे तनाव के कारण प्लास्टिक के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए हैं।
- ट्रांसपोर्टेशन और माल ढुलाई खर्च: डीजल की बढ़ती कीमतों और सप्लाई चेन में आई रुकावटों के कारण ब्रेड को बेकरी से दुकानों तक पहुंचाने का ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट काफी बढ़ गया है।
- कच्चे माल और प्रिजर्वेटिव्स की महंगाई: ब्रेड बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रिजर्वेटिव्स, यीस्ट और यहाँ तक कि नमक और गैस की कीमतें भी पहले से काफी महंगी हो गई हैं, जिससे बेकरी चलाना मुश्किल हो रहा है।
दूध के बाद ब्रेड, बिस्कुट पर भी मंडराया संकट
यह झटका इसलिए ज्यादा बड़ा है क्योंकि महज कुछ दिन पहले ही (14 मई को) अमूल (Amul) सहित देश की प्रमुख डेयरी कंपनियों ने दूध की कीमतों में ₹2 प्रति लीटर का इजाफा किया था। दूध और ब्रेड दोनों ही रोजमर्रा के नाश्ते का मुख्य हिस्सा हैं। मार्केट एक्सपर्ट की मानें तो यह महंगाई यहीं नहीं रुकने वाली है। इनपुट कॉस्ट बढ़ने के कारण बहुत जल्द बाजार में बिस्कुट के दाम भी बढ़ सकते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि दूध, तेल, मसाले, सब्जियां और अब बेकरी आइटम्स के महंगे होने से आम आदमी के लिए घर चलाना दूभर होता जा रहा है।













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