अफगानिस्तान के लोगों को अकेला नहीं छोड़ सकते, उनकी रक्षा के लिए हमें एक साथ आना होगा - संयुक्त राष्ट्र महासचिव

अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई।

नई दिल्ली, 16 अगस्त। अफगानिस्तान की स्थिति को लेकर सोमवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक हुई। बैठक में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने परिषद के सदस्यों को राजधानी काबुल पर तालिबान के कब्जे और वहां के हालातों से अवगत कराते हुए कहा कि, 'मैं सभी पक्षों का आह्वान करता हूं कि वे मानवतावादियों को समय पर और जीवन रक्षक सेवाओं और सहायता के लिए निर्बाध पहुंच प्रदान करें।

António Guterres

मैं सभी देशों से शरणार्थियों को स्वीकार करने और किसी भी निर्वासन से परहेज करने के लिए तैयार रहने का भी आग्रह करता हूं।' गुटेरेस ने आगे कहा कि, 'मैं सभी पक्षों से विशेष रूप से तालिबान से आग्रह करता हूं कि वे जीवन की रक्षा के लिए अत्यधिक संयम बरतें और यह सुनिश्चित करें कि मानवीय जरूरतों को पूरा किया जा सके। संघर्ष ने अपने घरों से सैकड़ों हजारों को बेघर होने पर मजबूर कर दिया है।'

उन्होंने आगे कहा कि राजधानी काबुल ने देशभर के प्रांतों से आंतरिक रूप से विस्थापित व्यक्तियों की भारी आमद देखी है, जहां वे असुरक्षित महसूस करते थे और लड़ाई के दौरान भाग गए थे। मैं सभी पक्षों को नागरिकों की रक्षा के लिए उनके दायित्वों की याद दिलाता हूं।

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उन्होंने कहा कि हमें पूरे अफगानिस्तान से मानवाधिकारों के हनन की बेहद डरावनी खबरें मिल रही हैं। मैं विशेष रूप से अफगानिस्तान की महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ बढ़ते मानवाधिकारों के उल्लंघन से चिंतित हूं, जो काले दिनों की वापसी से डरते हैं।

उन्होंने परिषद के सभी सदस्यों से आह्वान किया कि हमें मानवाधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होना चाहिए। मैं तालिबान और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और सभी व्यक्तियों के अधिकारों और स्वतंत्रता का सम्मान करने और उनकी रक्षा करने का आह्वान करता हूं।

गुटेरेस ने कहा कि अफगान के लोग काफी सम्माननीय है। वे युद्ध और कठिनाई की पीढ़ियों को जानते हैं। वे हमारे पूर्ण समर्थन के पात्र हैं। आने वाले दिन महत्वपूर्ण रहेंगे। दुनिया देख रही है। हम अफगानिस्तान के लोगों को न तो छोड़ सकते हैं और न ही छोड़ना चाहिए

अपने ही वादों का सम्मान नहीं कर रहा तालिबान
संयुक्त राष्ट्र में अफगानिस्तान के राजदूत और स्थायी प्रतिनिधि गुलाम एम इसाकजई ने कहा तालिबान दोहा और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किए गए अपने वादों और प्रतिबद्धताओं का सम्मान नहीं कर रहा है। निवासी पूरी तरह से भय में जी रहे हैं।

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