‘युद्ध रोकना है तो इसे कॉल करो’, इजराइल के दूत ने UN में 153 देशों को क्यों दिखाया ये फोन नंबर?
हमास के खिलाफ युद्ध में इजराइल के लिए दुनिया का समर्थन घटता जा रहा है। ऐसी स्थिति बन रही है कि इजराइल, गाजा में युद्ध छेड़ने को लेकर अकेला पड़ता जा रहा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा में मंगलवार को गाजा में युद्धविराम को लेकर वोटिंग हुई थी।
इस वोटिंग में भारत सहित 153 सदस्य देशों ने युद्धविराम के समर्थन और 10 देशों ने सीजफायर के खिलाफ में वोटिंग की। भले ही अमेरिका ने इजराइल के पक्ष में वोटिंग की है लेकिन बाइडेन की कड़ी टिप्पणी बताती है कि ये साथी देश भी इजराइल से नाराज चल रहा है।

हालांकि इजराइल ने दुनिया भर की अपील को ठुकरा दिया है। संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव का विरोध करते हुए इजराइली दूत गिलाद एर्दान ने याह्या सिनवार के कार्यालय का फोन नंबर लिखा हुआ पोस्टर भी दिखाया।
इजराइली दूत ने कहा कि स्थायी युद्धविराम तभी होगा जब फिलिस्तीनी समूह हमास अपने हथियार सौंप देगा। एर्दान ने महासभा को बताया कि यदि आप वास्तविक युद्धविराम चाहते हैं तो गाजा में हमास के कार्यालयों को कॉल करें और याह्या सिनवार के लिए पूछें। उन्हें बताएं कि जब हमास अपने हथियार डाल देगा, आत्मसमर्पण कर देगा और सभी बंधकों को रिहा कर देगा, तब वास्तविक युद्धविराम होगा जो हमेशा के लिए रहेगा।
उन्होंने युद्धविराम के प्रस्ताव और समर्थन पर आश्चर्य जाहिर करते हुए कहा, ऐसा करने के बाद कोई कैसे खुद से नजरें मिला सकता है। एक ऐसे प्रस्ताव का कोई कैसे समर्थन कर सकता है जिसमें हमास की निंदा नहीं की गई है। प्रस्ताव में हमास के नाम का उल्लेख तक नहीं है।
इजराइली राजदूत ने कहा, कागज का कोई भी टुकड़ा, विशेष रूप से पक्षपाती राजनीतिक बहुमत की मदद से पारित प्रस्ताव का समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने साफ किया कि इजराइल के विनाश का मंसूबा पालने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने से उनका देश पीछे नहीं हटेगा। इजराइली दूत ने कहा कि दुनिया की कोई ताकत इजराइल को खुद का बचाव करने से नहीं रोक सकती।












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