Britain Royal Family: किंग चार्ल्स ने भाई को महल से भगाया, छीन लिए सारे पद, विवाद की वजह बना 'चरित्र’
Britain Royal Family: ब्रिटेन के किंग चार्ल्स ने अपने भाई प्रिंस एंड्रयू से उनका अंतिम शाही खिताब छीन लिया है और उन्हें विंडसर स्थित पैलेस से भी बाहर निकाल दिया है। यह फैसला उस समय आया है जब एंड्रयू के सेक्स अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों को लेकर फिर से सार्वजनिक आक्रोश बढ़ गया है। यह कदम दोनों भाइयों के बीच एक बड़े अलगाव का संकेत माना जा रहा है।
'ड्यूक ऑफ यॉर्क' उपाधि भी छीनी गई
बकिंघम पैलेस ने गुरुवार को पुष्टि की कि 65 साल प्रिंस एंड्रयू को अब 'ड्यूक ऑफ यॉर्क' नहीं कहा जाएगा। अब उन्हें केवल एंड्रयू माउंटबेटन विंडसर के नाम से जाना जाएगा। साथ ही उन्हें विंडसर एस्टेट पर स्थित 30 कमरों की हवेली 'रॉयल लॉज' खाली करने का औपचारिक नोटिस भी जारी किया गया है। यह वही हवेली है, जहां वे दशकों से बिना किराए के रह रहे थे।

नया आवास और महल का बयान
महल ने बताया कि एंड्रयू को अब शाही सैंड्रिंघम एस्टेट पर एक निजी आवास में स्थानांतरित किया जाएगा। बकिंघम पैलेस के बयान में कहा गया, "ये निंदाएं आवश्यक मानी जाती हैं, भले ही वे अपने खिलाफ लगे आरोपों से इनकार करना जारी रखते हैं।"
महल ने यह भी जोड़ा, "हिज हाइनेस किंग चार्ल्स यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि उनका समर्थन और गहरी सहानुभूति हमेशा दुर्व्यवहार के पीड़ितों और जीवित बचे लोगों के साथ रहेगी।"
पुराने ईमेल्स से बढ़ा विवाद
यह फैसला हाल में सामने आई नई जांच रिपोर्टों के बाद लिया गया। इस महीने की शुरुआत में द मेल ऑन संडे और द सन ने 2011 के कुछ ईमेल्स और पत्राचार प्रकाशित किए थे। इनमें एंड्रयू को एपस्टीन से यह कहते हुए दिखाया गया कि उन्हें "करीबी संपर्क में रहना चाहिए" और "जल्द ही और अधिक खेलना चाहिए।" इन संवादों के उजागर होने के बाद जनता और मीडिया का दबाव बढ़ गया।
वर्जीनिया गिफ्रे मामला फिर सुर्खियों में
विवाद को और बढ़ावा तब मिला जब वर्जीनिया गिफ्रे के मरणोपरांत संस्मरण (Memoir) का विमोचन हुआ। इस किताब ने एंड्रयू के खिलाफ उनके पुराने मुकदमे को फिर से सुर्खियों में ला दिया।
गिफ्रे ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने जब वह किशोरी थीं, तब उनका यौन उत्पीड़न किया था - हालांकि एंड्रयू ने इन आरोपों से हमेशा इनकार किया है। 2022 में यह मामला बिना अपराध स्वीकार किए कोर्ट के बाहर निपटा लिया गया था।
राजा का फैसला और परिवार
महल के एक अंदरूनी सूत्र ने बताया कि यह कदम किंग चार्ल्स ने प्रिंस विलियम सहित शाही परिवार के समर्थन से उठाया। सूत्र ने कहा, "यह स्पष्ट था कि एंड्रयू के मामले में निर्णय लेने में गंभीर चूक हुई थी।" राजा का यह कदम उस समय आया है जब ब्रिटेन की संसद की एक समिति ने रॉयल लॉज में एंड्रयू के लगातार कब्जे पर सवाल उठाया था।
राजशाही की साख बचाने की कोशिश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ब्रिटिश राजशाही, जिसे युवा पीढ़ी से घटते समर्थन का सामना करना पड़ रहा है, अब अपनी दीर्घकालिक साख और वैधता की रक्षा के लिए कड़े कदम उठा रही है।
अपने सैन्य सेवा और शाही जिम्मेदारियों के बावजूद, एंड्रयू का पतन अब लगभग पूरा हो चुका है - इसे लगभग एक सदी पहले के एडवर्ड VIII के निर्वासन के समान बताया जा रहा है।
इस खबर पर आपकी क्या राय है, हमें कमेंट में बताएं।












Click it and Unblock the Notifications