ब्रिटेन: गर्ल स्टूडेंट्स पर खुलासा, पैसों की किल्लत ने ‘गलत काम’ करने और प्राइवेट तस्वीरें बेचने पर किया मजबूर
ब्रिटेन में लॉकडाउन के चलते गर्ल्स स्टूडेंट्स पर भारी असर पड़ा है। पैसों की कमी ने छात्राओं को गलत काम करने और अपनी प्राइवेट फोटोज बेचने पर मजबूर कर दिया है।
लंदन, अप्रैल 14: कोरोना वायरस इंसानी समाज के ऊपर सबसे बड़ी त्रासदी बनकर सामने आया है और इंसानों को हर वो काम करने पर मजबूर कर रहा है, जिसे वो हरगिज नहीं करना चाहे। कोरोना वायरस की वजह से दुनियाभर की आर्थिक स्थिति काफी ज्यादा खराब हुई है और इसका सबसे बड़ा झटका मिडिल क्लास को लगा है। जो कोरोना वायरस की चपेट में आकर मर गये वो तो मर ही गये...हजारों लाखों ऐसे लोग भी हैं, जो इस वायरस की वजह से जिल्लत भरी जिंदगी जीने को मजबूर हैं। ऐसा ही खुलासा ब्रिटेन को लेकर हुआ है, जहां पैसों के चलते कॉलेज और यूनिवर्सिटी जाने वाली लड़कियां 'गलत काम' करने और अपनी प्राइवेट तस्वीरें ऑनलाइन बेचने पर मजबूर हो रही हैं। ब्रिटेन की गर्ल स्टूटेंड्स को लेकर ऐसा ही सनसनीखेज खुलासा हुआ है, जो रूह कंपाने के लिए काफी है।

‘गलत काम’ करने को मजबूर
इंग्लिश अखबार 'मिरर' ने ब्रिटेन की गर्ल्स स्टूडेंट्स को लेकर ये खुलासा किया है। रिपोर्ट में एक प्रॉस्टीट्यूट यूनियन इंग्लिश कलेक्टिव ऑफ प्रॉस्टीट्यूट के हवाले से सनसनीखेज रिपोर्ट छापी गई है। रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में काम करने वाली लड़कियां पैसों के लिए इतना मजबूर हो गई हैं कि उन्हें अपने शरीर का सौदा करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। संस्था के मुताबिक उनके पास भारी संख्या में कॉलेज और यूनिवर्सिटी जाने वाली लड़कियों के कॉल्स आ रहे हैं। पिछले साल से ये सिलसिला शुरू हुआ था जो अब तीन गुणा तक बढ़ चुका है। इस कैंपेन ग्रुप के मुताबिक ज्यादातर गर्ल्स स्टूडेंट्स की आर्थिति स्थिति बेहद खराब है और उनके पास कॉलेज फीस भरने के लिए पैसे नहीं हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लॉकडाउन का असर
इस कैंपेन ग्रुप का कहना है कि लॉकडाउन का बेहद खराब असर ब्रिटेन पर पड़ा है और भारी संख्या में लोगों की नौकरियां गई हैं। जिसके बाद पैरेट्स के पास अपने बच्चों की फीस भरने के लिए पैसे नहीं हैं और लड़कियों की पढ़ाई बीच में बंद होने की संभावना ज्यादा हो गई है। ऐसे में गर्ल्स स्टूडेंट किसी भी तरह अपनी पढ़ाई जारी रखना चाह रही हैं। कैंपेने ग्रुप के मुताबिक गर्ल्स स्टूडेंट उन्हें फोन कर पैसों की मदद मांग रही हैं और वो गलत काम करने के लिए तैयार हो रही हैं। कई गर्ल्स स्टूडेंट अपनी निजी तस्वीरें भी ऑनलाइन वेबसाइट्स को बेचने पर मजबूर हो रही हैं। ओनली फैंस नाम के एक वेबसाइट पर कई गर्ल्स स्टूडेंट अपनी तस्वीरें बेच रही हैं। कैंपेन संस्था के मुताबिक उनके पास हर दिन 7 से 8 लड़कियों के फोन आते हैं, जो उनसे मदद मांगते हैं। गर्ल्स स्टूडेंट उनसे सुरक्षित तरीके से देह व्यापार में शामिल होने और पैसे कमाने के बारे में पूछती हैं। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

जॉब की भारी कमी और खर्च बढ़ा
कैंपेन ग्रुप की प्रवक्ता लॉरा वॉटसन ने ब्रिटिश न्यूजपेपर मिरर को बताया है कि पिछले कुछ महीनों में कॉलेज और यूनिवर्सिटी में फीस काफी ज्यादा बढ़ गया है जबकि लोगों की नौकरियां कम हुई हैं, ऐसे में गर्ल्स स्टूडेंट के पास अपनी फीस भरने के लिए पैसे नहीं हैं और उन्हें अपनी पढ़ाई छूटने का डर सता रहा है। ऐसे में वो शरीर बेचकर पैसे कमाना चाह रही हैं ताकि उनकी पढ़ाई जारी रहे। वहीं, कोरोना वायरस के चलेत पॉर्ट टाइम जॉब्स काफी कम हो चुके हैं और गर्ल्स स्टूडेंट के पास नौकरी का भारी अभाव है। ऐसा लग रहा है कि उनके पास पैसे कमाने का ये आखिरी विकल्प बचा हो। उन्होंने कहा कि पहले भी आमतौर पर स्टूडेंट्स मॉल्स, शॉप्स या पब और बार में काम करती रही हैं, लेकिन इस वक्त इन जगहों पर नौकरियां बची नहीं है जिसके चलते गर्ल स्टूडेंट्स को शरीर बेचने के व्यवसाय में उतरना पड़ रहा है।

वेबसाइट पर तस्वीरों की बिक्री
कैंपेन ग्रुप की वॉटसन बताती हैं कि ब्रिटेन में लॉकडाउन लगने के बाद भारी संख्या में लोग अचानक बेरोजगार हो गये थे। उनमें कई महिलाओं ने ओनलीफैंस नाम के वेबसाइट पर अपनी हॉट तस्वीरें बेचना शुरू कर दिया। कई महिलाएं आज उस वेबसाइट से काफी पैसा कमा रही हैं और अपना खर्च चला रही हैं। कैंपेन ग्रुप की वॉटसन का कहना है कि अगर उन्हें जीना है तो पैसे कमाना होगा और एक वक्त के बाद आपके पास सोचने के लिए समय नहीं होता है कि सही क्या है और गलत क्या है? ये संस्था 1975 में खुला था जिसका उद्येश्य शरीर बेचने वाले महिलाओं की हिफाजत करना और उनके अधिकारों के लिए लड़ना है। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लड़कियों को होती है दिक्कत
रिपोर्ट के मुताबिक इस व्यापार में शामिल होने वाली गर्ल स्टूडेंट को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। वो मानसिक तौर पर इसके लिए तैयार नहीं होती हैं और अकसर ग्राहक उन्हें काफी परेशान करते हैं। ऐसे में गर्ल स्टूडेंट मानसिक तौर पर डिप्रेशन में जाने लगती हैं। वहीं अब ज्यादातर लड़कियों ने इस संस्था से सलाह लेना शुरू कर दिया है। वॉटसन के मुताबिक जब ब्रिटेन में पहली बार लॉकडाउन लगा था तो भारी संख्या में महिलाओं और लड़कियों ने वनली फैंस वेबसाइट पर अपनी तस्वीरें बेचनी शुरू कर दी थी। हालांकि, कई महिलाओं को इस वेबसाइट पर बुरे अनुभव का भी सामना करना पड़ रहा है। कई महिलाओं ने शिकायत की है कि उनकी प्राइवेट तस्वीरों का गलत इस्तेमाल हो रहा है। वहीं, कई महिलाओं की निजी जानकारियां भी कई लोग दुर्भावनावश सार्वजनिक कर देते हैं, जिनसे उनके मान सम्मान को ठेस पहुंचता है।












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