Bilawal Bhutto Lies: शर्मनाक! बिलावल भुट्टों ने माना पाक पालता है आतंकी, लेकिन मां बेनजीर की हत्या पर बोला झूठ
Bilawal Bhutto Lies: यूं तो पाकिस्तान और आतंकवाद के चोली-दामन का साथ होने का कोई सबूत नहीं चाहिए। समय-समय पर पाकिस्तान खुद इसके सबूत देता रहा है। चाहे वो परवेज मुशर्रफ का कारगिल का कबूलनामा हो या हाल ही में पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ का बयान जिसमें उन्होंने माना था कि पाकिस्तान, भारत में आतंकवाद फैलाता रहा है। लेकिन अब इसी में अगला नाम पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान की संसद में मौजूदा सांसद बिलावल भुट्टो का है।
पाकिस्तान में आतंकवाद राज की बात नहीं- भुट्टो
बिलावल भुट्टो-जरदारी ने आतंकवादियों को समर्थन देने में पाकिस्तान की भूमिका के बारे में खुलकर बात की है। स्काई न्यूज को दिए गए एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा, "मुझे नहीं लगता कि यह कोई राज की बात नहीं है कि पाकिस्तान में आतंकवादियों को पाला गया है, उन्हें हर किस्म की मदद दी गई है। पाकिस्तान का अतीत आतंकवाद को समर्थन देने का रहा है।" भुट्टो का यह कबूलनामा पाकिस्तान के मौजूदा रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हालिया बयानों से पूरी तरह मेल खाता है, जिन्होंने दशकों से पाकिस्तान की सरजमीं पर आतंकवाद को तैयार करने की बाद कबूली थी।

पाकिस्तान में आतंकवाद का इतिहास
अपने इंटरव्यू में बिलावल भुट्टो ने पहले अफगान युद्ध के दौरान पाकिस्तान द्वारा पश्चिमी देशों का साथ देने की बात भी मानी, यहां बिलावल का पश्चिमी देशों से मतलब अमेरिका से था। उन्होंने खास तौर पर पाकिस्तान में मुजाहिदीनों (आतंकवादियों) की मदद करने में सेना की भूमिका को खोलकर रख दिया। उन्होंने कहा, "हमने पश्चिमी देशों की मदद से ऐसा किया,"। पाकिस्तान की काली असलियत वाले इतिहास के बावजूद, भुट्टो-जरदारी ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान अब ऐसी गतिविधियों में शामिल नहीं है और उसने अपनी पिछली गलतियों से सबक सीखा है। हालांकि भुट्टों ने ये नहीं बताया कि अगर पाक ने अपनी गलतियों से सबक सीखा है तो लश्कर ए तैयबा का चीफ और खूंखार आतंकवादी हाफिज सईद, आतंकवादी मसूद अजहर और दाऊद इब्राहिम पाकिस्तान में क्यों मेहमान बने बैठें हैं?
अपनी मां की हत्या पर भी झूठ बोले बिलावल
भुट्टो ने आतंकवादियों के प्रति पाकिस्तान के रुख में आए बदलाव का श्रेय मौजूदा राजनीति और सेना को दिया। उन्होंने ये भी कहा कि मां बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद आतंकवादी समूहों के खिलाफ कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा, "हमने हर दूसरे दिन आतंकवादी हमले देखे और पाकिस्तान ने इन संगठनों के खिलाफ गंभीर कार्रवाई की है"। हालांकि बिलावल के बयान पूरी तरह से झूठ है, क्योंकि बिलावल भुट्टो की मां और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या 27 दिसंबर 2007 को रावलपिंडी के लियाकत बाग में बिलाल नाम के 15 साल के लड़के ने गोली मारकर की थी, जो कि तालिबान का एक आतंकी था। बेनजीर को मारने के बाद उसने खुद बम से उड़ा लिया था। लेकिन इस घटना के बाद भी पाकिस्तान की सेना और राजनीति में तालिबान की सांठ-गांठ जारी रही। पाकिस्तान ने तालिबान की कई मौकों पर मदद ली और कई मौकों पर उसे खुलकर सपोर्ट भी किया। यहां तक कि बिलावल जब विदेश मंत्री रहे तब भी तालिबान से दोस्ती जारी रही, लेकिन बिलावल अपनी मां बेनजीर की हत्या पर बेशर्मों की तरह झूठ बोल गए।
रक्षा मंत्री भी मान चुके आतंकवादी पालने की बात
ख्वाजा आसिफ ने भी कुछ ही दिन पहले स्काई न्यूज के एक इंटरव्यू के दौरान पाकिस्तान में पाले गए आतंकवाद और आतंकवादियों की बात कबूली थी। ख्वाजा आसिफ ने कहा था, "हम लगभग 3 दशकों से अमेरिका के लिए यह गंदा काम कर रहे हैं... और ब्रिटेन सहित पश्चिम के लिए भी। ख्वाजा आसिफ ने इसे एक गलती भी बताया और इससे खामियाजा भुगतने जैसे अल्फाज भी बोले। लेकिन प्रश्न अभी भी वही है कि क्या पाकिस्तान अब एक ऐसा देश है दुनिया की नजर में जिसमें एक भी आतंकवादी संगठन नहीं पाला जा रहा हो? इसका जवाब बिना सोचे में ना में दिया जा सकता है।
ग्लोबल लेवल पर पाकिस्तान की लानत-मलानत
अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस ने पिछले महीने फॉक्स न्यूज पर बोलते हुए पहलगाम हमले की निंदा की। उन्होंने कहा कि भारत आतंकवादियों पर एक्शन ले, लेकिन ध्यान रखे कि ये संघर्ष क्षेत्रीय युद्ध में न बदले। वेंस ने पाकिस्तान से कहा कि वह जिम्मेदार लोगों का पता लगाने में भारत की मदद करे: "जहां तक वे जिम्मेदार हैं, [पाकिस्तान] यह सुनिश्चित करने के लिए भारत के साथ सहयोग करता है कि आतंकवादियों का पता लगाया जाए और उनसे निपटा जाए।" ये बताता है कि पहलगाम हमले में अमेरिका भी पाकिस्तान की भूमिका को जानता है।
पहलगाम हमले के बाद भारत-पाक में बढ़ा तनाव
हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी और इसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कई कदम उठाए थे। इनमें पाकिस्तानी नागरिकों के लिए वीजा रद्द करना, सिंधु जल संधि को रद्द करना और राजनयिक कर्मचारियों की संख्या कम करना शामिल था। इसके अलावा, भारत ने 30 अप्रैल से 23 मई, 2025 तक अपने हवाई क्षेत्र से सभी पाकिस्तानी विमानों पर बैन लगा दिया।
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