Pakistan News: बिलावल भुट्टो ने कहा- मुसीबतों के तूफान से घिरा है पाकिस्तान, लोन नहीं देने पर IMF पर बरसे

pakistan News: IMF ने एक बार फिर से पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज के लिए जरूरी MEFP नाम का मेमोरेंडम देने से इनकार कर दिया है। IMF चाहता है कि पहले पाकिस्तान सरकार अपनी अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के लिए उसकी शर्तों को माने।

Bilawal Bhutto displeasure with IMF

Image: PTI

विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो-जरदारी ने अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा अपनाए गए सख्त रुख पर निराशा जताई है। बिलावल ने IMF पर आरोप लगाते हुए कहा कि वे पाकिस्तान के प्रति निष्पक्ष नहीं है। शुक्रवार को दिए गए एक साक्षात्कार में बिलावल भुट्टो ने कहा कि उनका देश मुसीबतों के तूफान से घिरा है। उन्होंने कहा कि बीते साल आई प्रलयकारी बाढ़ और एक बार फिर से सिर उठा रहे आतंकवाद के कारण पाकिस्तान बुरी तरह खतरों से घिरा हुआ है।

पक्षपात व्यवहार का लगाया आरोप

बिलावल भुट्टो जरदारी ने IMF की आलोचना करते हुए कहा कि अन्य देशों की तरह पाकिस्तान भी पक्षपातपूर्ण और ध्रुवीकरण राजनीति से ग्रसित है। IMF उनके देश के साथ निष्पक्ष व्यवहार नहीं कर रहा है। बता दें कि 2019 में इमरान खान की सरकार के रहते IMF ने पाकिस्तान को बेलआउट पैकेज के तहत 6 बिलियन डॉलर से की मदद देने का वायदा किया था। अब इसी वादे के तहत पाकिस्तान IMF से 1.1 बिलियन डॉलर की एक और किश्त मांग रहा है। हालांकि IMF की कुछ शर्तों को न मानने की वजह से अब तक पाकिस्तान को पैसा नहीं मिल पाया है।

कई समस्याओं से घिरा पाकिस्तान

पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी पार्टी ने बढ़े हुए टैक्स के जरिए रेवेन्यू कलेक्शन के विस्तार का समर्थन किया है और उनका मानना है कि जो लोग संपन्न हैं उन्हें अधिक भुगतान करना चाहिए, लेकिन फिर भी पाकिस्तान पिछले 23 IMF कार्यक्रमों के लिए संरचनात्मक कर सुधार हासिल करने में असमर्थ रहा है। बिलावल ने पूछा, "क्या यह वास्तव में हमारी टैक्स पॉलिसी और टैक्स कलेक्शन के बारे में सोचने का समय है? खासतौर से तब जब हम बड़े पैमाने की जलवायु आपदा से पीड़ित हैं?"

bilawal

'बातचीत को खींच रहा IMF'

बिलावल ने कहा कहा, "IMF पाकिस्तान के प्रति निष्पक्ष नहीं है। अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद आर्थिक संकट, भयावह बाढ़ के परिणाम और आतंकवाद के रूप में नई मुश्किलें सामने आ रही हैं। अफगानिस्तान से पश्चिम देशों की वापसी के बाद पाकिस्तान 100,000 नए शरणार्थियों से भी निपट रहा है। इसके अलावा, हमारे देश के भीतर आतंकवादी गतिविधियों में लगातार वृद्धि हुई है।" उन्होंने आगे कहा कि IMF ऐसे समय में बातचीत को आगे खींच रहा है जब देश को "गरीब से गरीब व्यक्ति" की मदद के लिए पैसों की सख्त जरूरत है। और हमें बताया जा रहा है कि जब तक हमारा टैक्स सुधार पूरा नहीं हो जाता, हमें IMF कार्यक्रम के तहत पैसे नहीं मिलेंगे।"

imf

पाकिस्तान ने कई शर्तें मानीं

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिकारियों का कहना है कि पाकिस्तान ने IMF की कई शर्ते मान ली हैं जिसमें तेल, गैस और बिजली की कीमतों में भारी बढ़ोतरी, निर्यात और बिजली क्षेत्रों में सब्सिडी वापस लेना, और एक पूरक बजट में नए टैक्स के जरिए अधिक राजस्व उत्पन्न करना शामिल है। पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि आईएमएफ ने पाकिस्तान को नए निर्देश दिए हैं कि वह गरीब लोगों पर बोझ डाले बिना टैक्स को बढ़ाए और ज्यादा टैक्स कलेक्ट करे। साथ ही सब्सिडी में भी कमी लाए।

नेशनल डे परेड के आयोजन में बदलाव

पाकिस्तान की हालत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि सरकार ने यह तय कर लिया है कि नेशनल डे परेड (23 मार्च) प्रेसिडेंट हाउस के लॉन में होगी। इस परेड आयोजन को बस प्रतीकात्मक रखा जाएगा। इसमें कुछ लोग ही मौजूद होंगे। किसी फॉरेन गेस्ट को भी इस मौके पर इनवाइट नहीं किया जाएगा। आपको बता दें कि पाकिस्तान के पास विदेशी मुद्रा भंडार महज 2.79 अरब डॉलर बचा है। ये भी सऊदी अरब और चीन का गारंटी डिपॉजिट है। इसे खर्च नहीं किया जा सकता। डॉलर की कमी के चलते जरूरी चीजों का भी इम्पोर्ट बंद है। आटा, प्याज, जरूरी दवाएं नहीं मिल रही हैं। बैंकों से लेटर ऑफ क्रेडिट न मिलने से हजारों कंटेनर में पोर्ट पर सामग्री अटकी पड़ी है।

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