Beijing Plane Crash: 109 मंजिला इमारत में घुसा विमान, 9/11 की यादें हुई ताजा, आतंकी हमला या हादसा?- Video
Beijing Plane Crash: चीन की राजधानी बीजिंग से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। शुक्रवार, 26 जून 2026 की दोपहर एक छोटा नागरिक विमान बीजिंग की सबसे ऊंची इमारत सीआईटीआईसी टावर (China Zun) से टकरा गया। टक्कर इतनी तेज थी कि इमारत के बाहरी हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा और विमान के टुकड़े नीचे सड़क पर जा गिरे। हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
9/11 हमले की यादें हुई ताजा
हादसे के तुरंत बाद प्रशासन हरकत में आ गया। सुरक्षा को देखते हुए पूरी इमारत खाली करा ली गई और उसके आसपास का इलाका सील कर दिया गया। पुलिस, दमकल और आपातकालीन सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं। फिलहाल राहत और बचाव अभियान जारी है। अधिकारियों ने अभी तक विमान में सवार लोगों या किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस घटना ने अमेरिका के 9/11 (World Trade Tower Attack) की यादें ताजा कर दी हैं।

कौन सा विमान हुआ हादसे का शिकार?
शुरुआती जानकारी के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान चीन में बना बी-12पीपी (B-12PP) मॉडल का एक हल्का नागरिक विमान था। चीनी मीडिया और सोशल मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में केवल एक पायलट सवार था। इस विमान ने बीजिंग के शिफोसी हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी।
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक, विमान को उड़ान भरने के करीब 30 मिनट बाद शाम लगभग 5:40 बजे वापस एयरपोर्ट लौटना था। लेकिन तय समय से पहले ही विमान अपने निर्धारित मार्ग से भटक गया और बीजिंग के ईस्ट फिफ्थ रिंग रोड के पास उसका रडार से संपर्क टूट गया। इसके बाद उससे दोबारा संपर्क नहीं हो सका।
कैसे हुआ हादसा? जांच शुरू
बीजिंग जैसे हाई सिक्योरिटी वाले इलाके में किसी छोटे विमान का रास्ता भटककर सीधे सबसे ऊंची इमारत से टकराना कई बड़े सवाल खड़े कर रहा है। उड्डयन विशेषज्ञ और सुरक्षा एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या फिर इसमें मानवीय गलती थी। मामले की जांच के लिए उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है। हालांकि इसमें किसी भी तरह के आतंकी हमले की कोई खबर नहीं है।
वायरल वीडियो में दिखा हादसे का डरावना मंजर
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि विमान तेज रफ्तार से इमारत के ऊपरी हिस्से से टकराया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि सीआईटीआईसी टावर की कम से कम दो बड़ी कांच की खिड़कियां टूट गईं और इमारत की बाहरी दीवार में बड़ा छेद हो गया।
हादसे के बाद विमान का मलबा और कांच के टुकड़े सैकड़ों फीट की ऊंचाई से नीचे सड़क पर गिरने लगे। इससे नीचे खड़ी गाड़ियों और आसपास की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है। मौके पर गहरा धुआं उठता दिखाई दिया, जिससे आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई।
क्यों खास है सीआईटीआईसी टावर?
बीजिंग के चौयांग जिले के सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट (CBD) में स्थित सीआईटीआईसी टावर, जिसे चाइना जून (China Zun) भी कहा जाता है, चीन की तीसरी सबसे ऊंची इमारत है। यह शंघाई टावर और पिंग एन फाइनेंस सेंटर के बाद आती है। इस इमारत में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के बड़े कार्यालय मौजूद हैं।
सुरक्षा नियमों पर उठे सवाल
विशेषज्ञों का कहना है कि बीजिंग जैसे घनी आबादी वाले शहर के ऊपर छोटे विमानों की उड़ानों के लिए बेहद सख्त नियम लागू होते हैं। ऐसे में विमान का अपने रास्ते से भटककर सीधे गगनचुंबी इमारत से टकराना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जांच एजेंसियां विमान के तकनीकी रिकॉर्ड, उड़ान मार्ग और एयर ट्रैफिक कंट्रोल से हुई बातचीत की भी जांच कर रही हैं।
इलाका सील, वीडियो बनाने पर भी रोक
हादसे के बाद बीजिंग पुलिस ने सीआईटीआईसी टावर के आसपास की कई प्रमुख सड़कों को बंद कर दिया। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन ने लोगों को घटनास्थल की फोटो और वीडियो बनाने से भी रोक दिया है। पुलिस राहगीरों को मोबाइल से रिकॉर्डिंग नहीं करने की हिदायत दे रही है ताकि राहत और जांच का काम बिना किसी बाधा के पूरा हो सके।
आगे और सख्त हो सकते हैं नियम
बीजिंग के बीचोंबीच हुए इस हादसे ने चीन की जनरल एविएशन (General Aviation) सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माना जा रहा है कि जांच पूरी होने के बाद चीन का नागरिक उड्डयन प्राधिकरण और वायुसेना छोटे और निजी विमानों की उड़ानों के लिए नए और ज्यादा सख्त नियम लागू कर सकते हैं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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