'योगी जी, इन चंदा चोरों को फांसी दिलाओ', राम मंदिर घोटाले पर अरविंद केजरीवाल ने की ये 3 बड़ी मांगे
अयोध्या के राम मंदिर में करोड़ों रुपये के चढ़ावे की चोरी का मामला अब बेहद आक्रामक राजनीतिक रूप ले चुका है। ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और डॉक्टर अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद अब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इस पूरे विवाद में एंट्री मार दी है। केजरीवाल ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधे संबोधित करते हुए एक बेहद हैरान करने वाला बयान दिया है। उन्होंने सीएम योगी से अपील की है कि वे इन चंदा चोरों का बचाव करने के बजाय इन्हें सरेआम फांसी के फंदे पर लटकाने में उनका साथ दें।
अयोध्या में चल रही कानूनी कार्रवाई को देखें तो ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत के बाद इस मामले में पहली FIR दर्ज हुई थी। इसके बाद पुलिस ने रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इन सभी का मेडिकल टेस्ट कराने के बाद इन्हें सीजेएम (CJM) कोर्ट में पेश किया गया, जहां से अदालत ने सभी 8 आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक कस्टडी में जेल भेज दिया है। इस बीच खबर यह भी है कि मंदिर निर्माण प्रभारी गोपाल राव को भी मैनेजमेंट की व्यवस्थाओं से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।

अरविंद केजरीवाल इस कार्रवाई और बड़े अफसरों के इस्तीफे से बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने अपनी बात रखते हुए कहा कि एक तरफ भगवान राम के घर में महा-डकैती डाली गई है और दूसरी तरफ असली गुनाहगारों को बचाने की कोशिश हो रही है। देश की जनता की आत्मा को सुकून तब तक नहीं मिलेगा, जब तक इस पूरे नेक्सस में शामिल बड़े चेहरों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती।
केजरीवाल ने खुद के जेल जाने का दर्द बयां कर उठाए सवाल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सचेत करते हुए अरविंद केजरीवाल ने एक बड़ा राजनीतिक दावा भी कर दिया। उन्होंने कहा कि ये चंदा चोर खुद सीएम योगी को भी उनके पद से हटाने का एक बड़ा षडयंत्र रच रहे हैं और उनकी कुर्सी के पीछे हाथ धोकर पड़े हुए हैं।
केजरीवाल ने कहा,
'मैं योगी जी को कहना चाहता हूं कि महाराज जी, ये जो चंदा चोर हैं, ये आपको भी हटाने का पूरा षडयंत्र रच रहे हैं। आपकी भी कुर्सी के पीछे खड़े हैं। आप महापाप करने वालों का साथ क्यों दे रहे हो? मेरा जो संघर्ष हैं, इन चंदा चोरों को सरेआम फांसी देनी चाहिए, इसमें मेरा साथ दीजिए, इन महापापियों का साथ मत दीजिए।'
केजरीवाल बोले,
"मैंने तो एक पैसे की भी हेराफेरी नहीं की थी, फिर भी इन लोगों ने मुझे, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह को उठाकर जेल में डाल दिया। लेकिन जिन लोगों ने साक्षात प्रभु श्री राम के दरबार में इतनी बड़ी डकैती को अंजाम दिया, क्या उनके सिर्फ पद छोड़ देने से हमें खुश हो जाना चाहिए? ऐसे महापापियों को तो सीधे फांसी होनी चाहिए। महाराज जी, आप ऐसे भ्रष्ट लोगों का साथ देना तुरंत बंद कीजिए।"
राम मंदिर को लेकर केजरीवाल की 3 सबसे बड़ी मांगें
इस पूरे घोटाले को लेकर अरविंद केजरीवाल ने देश और पूरे हिंदू समाज की तरफ से सरकार के सामने कुछ बेहद सख्त मांगें रख दी हैं।
- भ्रष्ट चेहरों की तत्काल छुट्टी: राम मंदिर ट्रस्ट के भीतर जितने भी राजनेता और प्रशासनिक अधिकारी जमे हुए हैं, उन्हें तुरंत उनके पदों से बर्खास्त किया जाए।
- साधु-संतों को मिले कमान: भगवान श्री राम के पावन मंदिर के संचालन और खजाने की पूरी जिम्मेदारी देश के प्रतिष्ठित साधु-संतों और धर्माचार्यों के हाथों में सौंप दी जाए।
- नेताओं का सामाजिक बहिष्कार: केजरीवाल ने देशवासियों से अपील की कि इस चोरी में शामिल लोगों और उनके मददगारों का पूरी तरह से हुक्का-पानी बंद यानी सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।
पीएम मोदी पर भी केजरीवाल ने साधा निशाना!
अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस के आखिरी हिस्से में अरविंद केजरीवाल ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि खुद पीएम मोदी ने चंपत राय से मंदिर के पैसों और खर्चों का पूरा हिसाब-किताब मांगा था, लेकिन चंपत राय ने उन्हें रिकॉर्ड सौंपने से साफ मना कर दिया।
उन्होंने कहा, ''प्रधानमंत्री मोदी ने चंपत राय से हिसाब-किताब मांगा, लेकिन चंपत राय ने उन्हें रिकॉर्ड देने से इनकार कर दिया, आखिर चंपत राय के पास ऐसी कौन-सी जानकारी है, जिसके सामने प्रधानमंत्री मोदी भी बेबस नज़र आ रहे हैं? देश जानना चाहता है- प्रभु श्री राम के मंदिर से चोरी हुए अरबों रुपये, सोना, चाँदी, जवाहरात और भगवान की पादुकाएं कहां गईं?













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