Fortis Hospital पर सीएम रेखा गुप्ता का एक्शन, मरीज की मौत जांच रिपोर्ट में कई बड़े खुलासे, क्या है पूरा मामला?
Fortis Hospital Shalimar Bagh: दिल्ली के शालीमार बाग स्थित फोर्टिस अस्पताल अब सरकार की जांच के दायरे में है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के निर्देश पर बनाई गई जिला स्तरीय जांच समिति की शुरुआती रिपोर्ट में कई ऐसी खामियां सामने आई हैं, जिनके बाद सरकार ने अस्पताल के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। मामला सिर्फ इलाज में कथित लापरवाही तक सीमित नहीं है, बल्कि भवन नियमों, फायर सेफ्टी और अस्पताल के संचालन से जुड़े कई पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इस पूरे मामले की शुरुआत मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की जनसुनवाई के दौरान मिली एक शिकायत से हुई। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया कि चाकू के हमले में घायल उनके बेटे को इलाज के लिए फोर्टिस अस्पताल लाया गया था, लेकिन इलाज शुरू करने से पहले पैसे मांगे गए। परिवार का दावा है कि समय पर इलाज नहीं मिलने की वजह से युवक की मौत हो गई। शिकायत को गंभीर मानते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने तत्काल जांच के आदेश दिए।

जांच टीम को रिपोर्ट में अब तक क्या-क्या मिला?
सीएम रेखा गुप्ता के निर्देश के बाद केंद्रीय जिला मजिस्ट्रेट एस. एस. परिहार की अगुवाई में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, दिल्ली फायर सर्विस और दूसरे विभागों की संयुक्त टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान आपातकालीन वार्ड के रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज भी देखे गए।
जिला मजिस्ट्रेट एस. एस. परिहार ने बताया कि पिछले कई महीनों से अस्पताल को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। जनसुनवाई के दौरान भी लोगों ने कई बार अनियमितताओं की बात उठाई थी। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच में कुछ जगहों पर स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) और तय गाइडलाइंस का पूरी तरह पालन नहीं मिलने के संकेत मिले हैं। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
सरकारी बयान के मुताबिक, प्राथमिक जांच में भवन निर्माण नियमों के कथित उल्लंघन, बिना अनुमति किए गए निर्माण, फायर सेफ्टी सिस्टम में कमियां, बेसमेंट के इस्तेमाल से जुड़े सवाल और मेडिकल प्रोटोकॉल के पालन में कथित चूक जैसे मुद्दे सामने आए हैं। इन्हीं बिंदुओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जा रही है।
अस्पताल ने क्या कहा?
फोर्टिस अस्पताल ने पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग करेगा। अस्पताल का कहना है कि उसे जैसे ही विस्तृत रिपोर्ट मिलेगी, वह उसका अध्ययन करेगा। अस्पताल ने यह भी दोहराया कि मरीजों की सुरक्षा, बेहतर इलाज और नियामकीय नियमों का पालन उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।
दिल्ली सरकार का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। अगर जांच में सामने आए तथ्यों की पुष्टि होती है तो अस्पताल के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मामला जांच के चरण में है और सरकार ने संकेत दिए हैं कि मरीजों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।














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