US Election 2024: बराक ओबामा ने भी छोड़ा बाइडेन का साथ, राष्ट्रपति चुनाव में जीत पर जताई आशंका

US President Election 2024: नाटो शिखर सम्मेलन में अपनी कई मौखिक गलतियों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की उम्मीदवारी पर संकट और बढ़ गया है और डेमोक्रेटिक पार्टी से एक के बाद एक सांसद और नेता उनकी बढ़ती उम्र की वजह से उन्हें राष्ट्रपति उम्मीदवारी से नाम वापस लेने की मांग तेज कर रहे हैं।

हालांकि इसके बावजूद, बाइडेन ने अपनी दावेदारी से पीछे हटने से इनकार करते हुए दावा किया है, कि वह "राष्ट्रपति पद के लिए सबसे योग्य व्यक्ति हैं।"

uS President Election 2024

81 साल के जो बाइडेन 27 जून को अटलांटा में आयोजित CNN की बहस में डोनाल्ड ट्रंप से बहस के दौरान चारों खाने चित हो गये थे। बहस में बुरी तरह से हार मिलने के बाद बाइडेन के खिलाफ उनकी ही पार्टी के नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है और उनके कुछ साथी डेमोक्रेट्स ने बाइडेन की योग्यता के बारे में तीखे सवाल उठाए हैं। बहस में उनकी कर्कश आवाज और अस्थिर प्रदर्शन के पीछे जो बाइडेन की उम्र को वजह बताया जा रहा है।

बाइडेन की क्षमता पर ओबामा को शक

वहीं, अब यह बात सामने आई है, कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और पूर्व हाउस स्पीकर नैन्सी पेलोसी, जो लंबे समय से बाइडेन के सहयोगी हैं, उन्होंने निजी तौर पर 81 साल के जो बाइडेन की डोनाल्ड ट्रम्प को हराने की संभावनाओं और उनके 2024 के अभियान के भविष्य के बारे में चिंता जताई है। CNN की एक रिपोर्ट के मुताबिक, ना ही बराक ओबामा और ना ही नैन्सी पेलोसी, दोनों में से कोई भी इस बारे में निश्चित नहीं है, कि बाइडेन की उम्मीदवारी को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी में जो संकट छा गया है, उसे सुलझाने के लिए क्या करना चाहिए?

कम से कम 17 डेमोक्रेटिक सांसदों ने अब तक बाइडेन से अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का आह्वान करते हुए पार्टी से कहा है, कि बाइडेन की जगह किसी और उम्मीदवार को व्हाइट हाउस की रेस के लिए चुना जाए।

डेमोक्रेटिक पार्टी के सांसद चिंतित हैं, कि बाइडेन की अप्रूवल रेटिंग काफी कम है और लोगों में चिंता है, कि ज्यादा उम्र की वजह से काफी ज्यादा प्रेशर वाला राष्ट्रपति पद संभालने में सक्षम नहीं हो सकते हैं, जिसकी वजह से अमेरिकी संसद और सीनेट में भी डेमोक्रेटिक पार्टी को नुकसान हो सकता है। जिससे अगर बाइडेन जीत भी जाते हैं, फिर भी सरकार पर उनका कंट्रोल नहीं रहेगा।

वहीं, बाइडेन ने शक करने वालों को आश्वस्त करने की भरसक कोशिश की है, कि वे अभी भी राष्ट्रपति संभालने में पर्याप्त सक्षम हैं, लेकिन जब वो सार्वजनिक कार्यक्रम में बोलते हैं, तो कुछ ना कुछ गलती कर रहे हैं। एक दिन पहले ही उन्होंने कमला हैरिस को 'उप-राष्ट्रपति ट्रंप' कहकर संबोधित कर दिया। इसके अलावा, नाटो शिखर सम्मेलन में भी उन्होंने यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमीर जेलेंस्की को "राष्ट्रपति पुतिन" कह डाला, जिससे कार्यक्रम में हड़कप मच गया।

ओबामा और पेलोसी का स्टैंड क्या है?

डेमोक्रेट पार्टी के नेता, पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा और अमेरिकी संसद की पूर्व स्पीकर नैन्सी पेलोसी से पार्टी के अंदर दो फाड़ को खत्म करने की गुहार लगा रहे हैं, ताकि पार्टी, डोनाल्ड ट्रंप को हराने की स्थिति में आ सके।

सीनेटर चक शूमर, जो डेमोक्रेटिक पार्टी के बड़े नेता हैं, उन्हें भी बाइडेन को लेकर भरोसा नहीं है। दूसरी तरफ, अमेरिकी कांग्रेस के एक दर्जन से ज्यादा सांसदों ने सीएनएन से बात की है, जिनमें से कई को लगता है, कि बाइडेन की उम्मीदवारी खत्म होने वाली है।

वहीं, नैन्सी पेलोसी के कई सहकर्मी उम्मीद कर रहे हैं, कि वह चल रही उथल-पुथल को खत्म कर सकती हैं।

पेलोसी ने हाल ही में कहा है, कि बाइडेन को जल्दी से फैसला करना चाहिए, कि 2024 के व्हाइट हाउस की दौड़ में उन्हें बने रहना है या नहीं, हालांकि उन्होंने यह कहने से इनकार कर दिया, कि वह चाहती हैं, कि बाइडेन रेस में रहें या नहीं।

लेकिन, नैन्सी पेलोसी के बयानों में इस बात की अनदेखी देखी गई, कि बाइडेन, जो बार बार व्हाइट हाउस की रेस में बने रहने के लिए जोर दे रहे हैं, उसे लेकर उनकी क्या राय है, जिससे माना जा रहा है, कि बाइडेन को नये सिरे से चुनावी रेस से हटने का आह्वान झेलना पड़ सकता है।

दूसरी तरफ, ओबामा ने दो हफ्ते तक इस विवाद पर कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की, जबकि उन्होंने 27 जून को, जब बाइडेन को बहस में बुरी तरह से शर्मिंदगी झेलनी पड़ी थी, उसके फौरन बाद कहा था, कि "मेरा विश्वास कीजिए, ऐसी बुरी रातें आती रहती हैं, मुझे पता है।" इसके अलावा, ओबामा ने बाइडेन की उम्मीदवारी पर कोई और रूख नहीं अपनाया।

ओबामा और पेलोसी के करीबी एक डेमोक्रेट ने कहा, कि "वे राष्ट्रपति बाइडेन पर नजर रख रहे हैं और इंतजार कर रहे हैं, कि वे अपने दम पर कोई फैसला लें।"

लेकिन अभी तक बराक ओमाना ने इस बात पर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है, कि बाइडेन को उम्मीदवार बने रहना चाहिए या नहीं, अगर वे बने रहते हैं तो क्या होगा, या अगर वे अपना रास्ता बदलते हैं और जाने का फैसला करते हैं तो क्या होगा?

क्योंकि अगर बाइडेन के चुनावी अभियान पर ओबामा का पूरा प्रभाव पड़ेगा और बाइडेन के लिए, बगैर ओबामा की सहमति के चुनाव अभियान को आगे बढ़ाना काफी मुश्किल होगा। अमेरिका में बराक ओबामा की अभी भी ऐसी छवि है, जो डेमोक्रेटिक पार्टी के भविष्य को तय कर सकते हैं। कई डेमोक्रेट मानते हैं, कि अगर ओबामा और पेलोसी के पास बाइडेन की उम्मीदवारी पर कोई अलग विचार है, तो उन्हें अभी भी अपनी राय जाहिर कर देनी चाहिए और ऐसा ना हो, कि जब तक वो विचार रखें, पार्टी को ज्यादा नुकसान हो चुका हो।

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