Himachal जाने का प्लान है? पहले देखिए ये VIDEO, पर्यटकों के सैलाब से शिमला-मनाली हाईवे पर रेंगती दिखी गाड़ियां
Himachal Traffic Jam: देश के मैदानी इलाकों में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों का रुख कर रहे सैलानियों के लिए सफर अब आफत बनने लगा है। हिमाचल प्रदेश में प्री-मानसून ने दस्तक दे दी है, जिसके चलते मौसम तो सुहावना हो गया है, लेकिन इसके साथ ही पर्यटकों की भारी भीड़ ने कुल्लू-मनाली की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है।
13 जून को देर शाम तक मंडी से कुल्लू के बीच मनाली हाईवे पर इस समय गाड़ियों का सैलाब उमड़ पड़ा है, जिससे कई किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है।

ताजा स्थिति यह है कि पंडोह बाजार से लेकर दवाडा और थलौट तक करीब 10 किलोमीटर लंबा महाजाम लगा हुआ है। चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर गाड़ियां पूरी तरह रेंगने को मजबूर हैं, जिससे दूर-दूर से आए सैलानियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Kullu Manali Highway पर गाड़ियों का रेला, सड़कें बनी पार्किंग
सोशल मीडिया पर इस जाम का एक हैरान कर देने वाला ड्रोन वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पहाड़ों की घुमावदार सड़कों पर जहां तक नजर जा रही है, सिर्फ गाड़ियों की कतारें ही कतारें नजर आ रही हैं।
मनाली की तरफ बढ़ने वाले वाहनों की यह लंबी लाइन इतनी गंभीर है कि गाड़ियां कुछ इंच आगे बढ़ने के लिए भी मिनटों का समय ले रही हैं। कई घंटों से एक ही जगह पर फंसे पर्यटक गाड़ी का एसी बंद करके बाहर सड़क पर खड़े होने को मजबूर हैं। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के साथ सफर कर रहे परिवारों के लिए यह स्थिति किसी सजा से कम नहीं लग रही है।
आखिर पहाड़ों पर क्यों लग रहा है इतना लंबा जाम?
प्रशासन और स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस भीषण जाम के पीछे मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें सामने आ रही हैं:
1. गलत ओवरटेक और लेन तोड़ना
जाम लगने का सबसे बड़ा कारण खुद पर्यटकों की जल्दबाजी है। मैदानी इलाकों से आने वाले कई ड्राइवर पहाड़ों पर ड्राइविंग के नियमों को भूलकर गलत तरीके से ओवरटेक करने की कोशिश करते हैं। जैसे ही कोई गाड़ी अपनी लेन (लाइन) तोड़कर गलत दिशा (रॉन्ग साइड) में जाती है, सामने से आने वाली गाड़ियां वहीं ब्लॉक हो जाती हैं। इसके बाद दोनों तरफ का ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो जाता है।
2. फोरलेन का न होना (पंडोह से कैंची मोड़ का संकरा रास्ता)
सड़क की बनावट भी इस जाम के लिए बड़ी जिम्मेदार है। हाईवे पर कई जगह तो शानदार फोरलेन (चार लेन की सड़क) बनी हुई है, लेकिन पंडोह बाजार से लेकर कैंची मोड़ तक का हिस्सा अभी भी डबल लेन ही है। जब फोरलेन से आ रहा गाड़ियों का भारी दबाव अचानक इस संकरी डबल लेन सड़क पर पहुंचता है, तो वहां एक 'बोतल की गर्दन' (बॉटलनेक) जैसी स्थिति बन जाती है और गाड़ियां फंस जाती हैं।
पर्यटकों से प्रशासन की अपील
कुल्लू-मनाली पुलिस और प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे पहाड़ों पर सफर के दौरान धैर्य बनाए रखें। किसी भी सूरत में ओवरटेक न करें और अपनी ही लेन में चलें। नियमों का पालन करने से जाम की स्थिति को काफी हद तक कम किया जा सकता है। स्थानीय ट्रैफिक पुलिस और अतिरिक्त जवान हाईवे पर व्यवस्था सुधारने के लिए तैनात किए गए हैं, लेकिन गाड़ियों की संख्या इतनी ज्यादा है कि स्थिति को सामान्य होने में लंबा समय लग रहा है।
पीक सीजन में चुनौती बनी ट्रैफिक व्यवस्था
हर साल गर्मियों के मौसम में मनाली आने वाले पर्यटकों की संख्या में भारी बढ़ोतरी होती है। इस बार भी बड़ी संख्या में लोग हिमाचल पहुंच रहे हैं, लेकिन सीमित सड़क क्षमता और बढ़ते वाहनों के कारण ट्रैफिक जाम एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आया है।
फिलहाल कुल्लू-मनाली हाईवे पर यातायात धीरे-धीरे सामान्य करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पर्यटकों को अभी भी लंबा इंतजार और धीमी रफ्तार का सामना करना पड़ सकता है।














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