बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमले के विरोध में आए कई संगठन, पूछा- कब चलेगा ये दौर? लिया जाए कड़ा एक्शन
ढाका, 24 जुलाईः बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर लगातार हो रहे हमलों के खिलाफ हिंदू समुदाय के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। शुक्रवार को हिंदू समुदाय के लोगों ने हिन्दुओं पर हमले और महिलाओं से बलात्कार की बढ़ती घटना के खिलाफ चटगांव में एक विरोध प्रदर्शन किया और शरारती तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की।

तस्वीरः प्रतीकात्मक
बांग्लादेश की एक समाचार एजेंसी के मुताबिक नरैल सहपारा में हिंदुओं पर हुए बर्बर हमले के विरोध में पूरे बांग्लादेश में अलग-अलग हिंदू संगठनों ने विरोध मार्च निकालकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन किया और हमलों को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इससे पहले बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने कहा था कि सरकार सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाले लोगों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।
गृह मंत्री ने कहा ये मंजूर नहीं
असदुज्जमां खान ने कहा, "बांग्लादेश में किसी भी तरह के सांप्रदायिक विवाद की अनुमति नहीं दी जाएगी। सरकार शांति में बाधा पैदा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध है।" उन्होंने कहा, "बांग्लादेश विकास को हासिल करने का प्रयास कर रहा है, लेकिन कुछ लोग यहां माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। आज का बांग्लादेश बंगबंधु शेख मुजीब का गैर सांप्रदायिक बांग्लादेश है। यह एक संयुक्त राष्ट्र है। इसलिए यहां किसी भी तरह के सांप्रदायिक हमलों की इजाजत नहीं दी जाएगी।"
NHRC ने दिए जांच के निर्देश
इस बीच बांग्लादेश राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने भी गृह मंत्रालय को इन हमलों की गहन जांच करने का निर्देश दिया है। NHRC ने यह भी कहा था कि एक धर्मनिरपेक्ष देश में सांप्रदायिक हमले और दंगे किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है। आयोग ने गृह मंत्रालय से पूछा था कि क्या इन हमलों को रोकने का प्रयास किया गया था या पुलिस ने इसके लिए कोई उचित कार्रवाई की थी?
हिन्दुओं के खिलाफ बढ़ती जा रही हिंसा
गौरतलब कि बांग्लादेश में हिन्दू समुदाय के लोगों और मंदिरों पर हमले निरंतर बढ़ रहे हैं। बीते 15 जुलाई को नरैल के लोहागड़ा के सहपारा में कुछ लोगों ने 15 जुलाई को हिन्दू अल्पसंख्यकों के घर में आग लगा दिया था। कट्टपथी हमलावरों का आरोप था कि एक युवक ने फेसबुक पर कुछ आपत्तिजनक पोस्ट लिख कर मुस्लिम समुदाय की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है। स्थानीय लोगों के अनुसार 18 साल के कॉलेज छात्र आकाश साहा ने फेसबुक पर कथित रूप से कुछ आपत्तिजनक पोस्ट किया था जिसके बाद भीड़, अल्पसंख्यकों के घरों में पहुंच गयी और उनके घरों में लूटपाट की घटना को अंजाम दिया और आग लगा दी।












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