Bangladesh के हिंदुओं का यूनुस सरकार को अल्टीमेटम, 'जब तक आरक्षण नहीं तब तक वोट नहीं'
Bangladesh Election: बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से हिंदुओं पर अत्याचार के कई वारदात हुए हैं। हिंदू बस्तियों को जलाने से लेकर मंदिरों पर आक्रमण जैसी घटनाओं पर भारत ने चिंता भी जताई थी। इतना ही नहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनाव प्रचार के दौरान भी बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। अब मोहम्मद यूनुस सरकार को देश के हिंदुओं ने अल्टीमेटम दे दिया है। उनकी मांग है कि आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा के लिए उन्हें आरक्षण मिलना चाहिए।
Bangladesh के हिंदुओं के साथ उत्पीड़न की कई घटनाएं
बांग्लादेश में हिंदू समुदाय ने चेतावनी दी है कि जब तक संसद में आरक्षित सीटें और अलग चुनाव व्यवस्था बहाल नहीं होगी, तब तक हर तरह के चुनाव का बहिष्कार करेंगे। शेख हसीना सरकार को अपदस्थ किए जाने के बाद बांग्लादेश में कई सरकारी कर्मचारियों से जबरन इस्तीफा लिया गया था। हिंदू महिलाओं के शोषण की भी कई घटनाएं सामने आई थीं। मोहम्मद यूनुस ने सत्ता संभालते समय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का वादा किया था।

'बांग्लादेश में दशकों से हो रहा हिंदुओं का शोषण'
बांग्लादेश नेशनल हिंदू महासभा के नेताओं का कहना है कि हर राष्ट्रीय चुनाव हिंदू समुदाय के लिए एक सजा है। हमें न तो आरक्षण मिला है और न हमारे लिए अलग से चुनाव प्रणाली है। इस वजह से दशकों से संसद में हमारा प्रतिनिधित्व नहीं है। हिंदू महासभा के नेताओं ने कहा है कि अगर हमें प्रतिनिधित्व नहीं मिलता है और हमारे लिए आरक्षित चुनाव प्रणाली की व्यवस्था नहीं होती है, तो हर चुनाव और मतदान केंद्र का हम बहिष्कार करेंगे। महासभा के नेताओं ने कहा, '26 लाख एकड़ हिंदू समुदाय की संपत्ति 'दुश्मन संपत्ति कानून' के तहत जब्त कर ली गई है।'
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हिंदू महासभा की ओर से विरोध कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें हिस्सा लेने वाले नेताओं ने कहा कि स्वतंत्र बांग्लादेश के लिए हमने भी कुर्बानी दी है। उस वक्त हिंदू समुदाय को आश्वासन दिया गया था कि हमारी जरूरतों और हितों का संरक्षण होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। आज 50 साल से ज्यादा का वक्त हो चुका है, लेकिन हमारा शोषण जारी है। अब जब तक हमारे लिए आरक्षण की व्यवस्था नहीं की जाती है, तब तक हम खुद को लोकतांत्रित व्यवस्था से अलग रखेंगे।
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