ईरान में हिजाब विरोधी प्रदर्शन के दौरान 31 की मौत, 15 शहरों में फैला आंदोलन
तेहरान, 22 सितंबर: ईरान में हिजाब के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शन हिंसक हो गया है। ईरानी सुरक्षा बलों द्वारा प्रदर्शनों को दबाने की कोशिशों में अब तक 31 नागरिकों की मौत हो चुकी है। महिलाओं के साथ पुरुष भी प्रदर्शन में शामिल है। अब ये 15 शहरों में फैल गया है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़पें भी हो रही हैं। आंदोलन कर रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने गोलियां चलाईं।

गुरुवार को फायरिंग में 3 और प्रदर्शनकारियों की मौत हुई। 5 दिन में मरने वालों की तादाद 31 हो गई है। सैकड़ों लोग घायल हैं। 1000 से ज्यादा लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। ईरान ह्यूमन राइट्स के निदेशक महमूद एमीरी-मोघद्दाम ने एक बयान में कहा, 'ईरान के लोग अपने मौलिक अधिकारों और मानवीय गरिमा को हासिल करने के लिए सड़कों पर उतरे हैं... सरकार उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन का गोलियों से जवाब दे रही है।
आईएचआर ने देश के 30 से अधिक शहरों में विरोध प्रदर्शन की पुष्टि की है। प्रदर्शन की शुरुआत सबसे पहले ईरान के उत्तरी प्रांत कुर्दिस्तान से हुई थी, लेकिन अब ये धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया है। कुर्दिस्तान जहां अमीनी का जन्म हुआ था। मॉरल पुलिसिंग के खिलाफ युवाओं ने गरशाद नाम का मोबाइल ऐप बना लिया है। इस ऐप को 5 दिन में 10 लाख लोगों ने डाउनलोड किया है।
इस ऐप के जरिए युवा लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। इसे देखते हुए तेहरान में मोबाइल इंटरनेट बंद और इंस्टाग्राम को ब्लॉक कर दिया गया है। ईरान पुलिस ने 13 सितंबर को महसा अमिनी नाम की युवती को हिजाब नहीं पहनने के लिए गिरफ्तार किया था। तीन दिन बाद, यानी 16 सितंबर को उसकी मौत हो गई थी। जिसके बाद पूरे देश में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए।












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