एंटीगुआ की विपक्षी पार्टी ने कहा- चोकसी के साथ हो नागरिक जैसा व्यवहार, जानिए प्रत्यर्पण पर क्या होगा असर?
एंटीगुआ, 29 मई। एंटीगुआ की प्रमुख विपक्षी पार्टियों में से एक ने प्रधानमंत्री गैस्टोन ब्राउन से मांग की है कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के साथ एंटीगुअन नागरिक की तरह व्यवहार होना चाहिए। एंटीगुआ की न्यूज एजेंसी एंटीगुआ न्यूज रूम के मुताबिक यूनाइटेड प्रोग्रेसिव पार्टी (यूपीपी) ने संसद में कहा कि मेहुल चोकसी एंटीगुआ का नागरिक है और उचित प्रक्रिया का हकदार है। उसके साथ कानून के अनुसार ही व्यवहार किया जाना चाहिए।

एंटीगुआ से भागे चोकसी को डोमिनिका ने किया गिरफ्तार
यूपीपी का बयान तब आया है जब एंटीगुआ से गायब होने के बाद डोमिनिका में गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार को ही एंटीगुआ के प्रधानमंत्री ने डोमिनिकन सरकार से कहा था कि वह 'मेहुल चोकसी को सीधे भारत को सौंप दे' जहां की सरकार उनकी तलाश कर रही है।
वहीं चोकसी के वकीलों ने भी दावा किया था कि उनके मुवक्किल को एक नागरिक के रूप में कानूनी और संवैधानिक संरक्षण प्राप्त है। चोकसी ने वकीलों ने उनके साथ बल प्रयोग कर डोमिनिका लाए जाने का भी आरोप लगाया है। इसके बाद अब एंटीगुआ की विपक्षी पार्टी ने भी मेहुल चोकसी के साथ एक नागरिक के तौर पर व्यवहार किए जाने की मांग की है।
यूपीपी ने कहा "चोकसी का कथित अपहरण और पिटाई पहले से ही देश की एक बुरी तस्वीर पेश करती है। ब्राउन के जानबूझकर कानून के शासन को नष्ट करने और भ्रष्ट करने का प्रयास हमें और भी बदतर बनाता है।"

नाव से डोमिनिका पहुंचा चोकसी
पंजाब नेशनल बैंक के 13,500 करोड़ रुपये के घोटाले में भगोड़े मेहुल चोकसी की भारत सरकार को तलाश है। घोटाले के बाद चोकसी भागकर एंटीगुआ पहुंच गया था जहां उसने पहले से ही नागरिकता ले रखी थी। तब से भारत सरकार उसे लाने की कोशिश कर रही थी लेकिन प्रत्यर्पण संधि न होने के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा था। इस बीच खबर आई कि मेहुल चोकसी का एंटीगुआ में कोई पता नहीं चल रहा है लेकिन इसी सप्ताह की शुरुआत में उसकी डोमिनिका पुलिस की हिरासत में होने की खबर आई।
डोमिनिका की पुलिस ने कहा कि सभी तथ्यों की जांच करने के बाद वे चोकसी को एंटीगुआ और बारबूडा को सौंप देंगे। एंटीगुआ में छपी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एंटागुआ और डोमिनिका के बीच की 100 समुद्री मील की दूरी चोकसी ने नाव के जरिए तय की थी।
वहीं चोकसी ने दावा किया कि उसे अपहरण करके डोमिनिका लाया गया लेकिन एंटीगुआ की पुलिस ने आरोपों से इनकार किया है।

क्या भारत आ पाएगा चोकसी?
इस बीच एंटीगुआ के प्रधानमंत्री गैस्टोन ब्राउन ने कहा कि चोकसी ने एंटीगुआ छोड़कर बड़ी गलती की है और उन्होंने डोमिनिका से कह दिया है कि वे चोकसी को सीधे भारत को सौंप दें। उनका देश उन्हें वापस लेने में इच्छुक नहीं है।
एंटीगुआ के पीएम के बयान के बाद भारतीय एजेंसियों को उम्मीद जगी थी कि वह चोकसी को भारत लाने में सफल होंगी। इसके लिए डोमिनिका सरकार के साथ बातचीत भी चल रही थी। लेकिन इस बीच चोकसी ने ईस्ट कैरीबियन सुप्रीम कोर्ट में अपील कर दी जिसके बाद कोर्ट ने कहा वह सोमवार को हैबियस कार्पस याचिका पर सुनवाई करेगी। सुनवाई के पहले मेहुल चोकसी को प्रत्यर्पित नहीं किया जाएगा। मेहुल चोकसी को वर्तमान में डोमिनिका में क्वारंटाइन के तहत रखा गया है। खास बात यह है कि भारत सरकार की डोमिनिका के साथ भी प्रत्यर्पण संधि नहीं है। ऐसे में चोकसी को भारत लाने की कोशिश आसान नहीं रहने वाली है।












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