America: Trump का मर्डर प्लान करने वाला दोषी करार, Iran-Pakistan से निकला बड़ा कनेक्शन, कैसे हुआ खुलासा?
America में एक बड़े क्रिमिनल केस में पाकिस्तानी कारोबारी Asif Merchant को अमेरिकी राजनेता की हत्या की साजिश रचने के आरोप में दोषी ठहराया गया है। अमेरिकी अदालत ने फैसला सुनाते हुए कहा कि मर्चेंट ने भाड़े के हत्यारों को काम पर रखने की कोशिश की थी। इस केस में ईरान से जुड़े गंभीर साजिश के आरोप भी सामने आए हैं।
ईरान युद्ध के बीच सामने आया बड़ा खुलासा
मध्यपूर्व में बढ़ते तनाव और Iran से जुड़े युद्ध के माहौल के बीच मर्चेंट ने अमेरिकी अदालत में कबूल किया कि उसने 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान एक हत्या की योजना बनाई थी। हालांकि अमेरिकी जांच एजेंसियों ने इस साजिश को समय रहते पकड़ लिया और इसे अंजाम तक पहुंचने से पहले ही नाकाम कर दिया। लोग अब इसे अमेरिका ईरान युद्ध से जोड़कर देख रहे हैं।

ब्रुकलिन की जूरी ने सुनाया फैसला
Brooklyn की जूरी ने मर्चेंट को आतंकवाद और भाड़े की हत्या की साजिश से जुड़े आरोपों में दोषी पाया। इस मामले की सुनवाई करीब एक सप्ताह तक चली, जिसमें मर्चेंट ने खुद भी अदालत में गवाही दी। अब उसे इस अपराध के लिए आजीवन कारावास तक की सजा मिल सकती है।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड से जुड़ा मर्चेंट?
मर्चेंट ने जूरी को बताया कि वह Islamic Revolutionary Guard Corps यानी IRGC के एक अधिकारी के निर्देशों पर काम कर रहा था। उसी व्यक्ति ने उसे कई तरह के काम सौंपे थे, जिनमें काउंटर-सर्विलांस ट्रेनिंग और हत्या की योजना बनाना भी शामिल था। मर्चेंट को पाकिस्तान में ट्रेनिंग देने और ईरान की तरफ से फंडिंग का भी दावा किया गया था।
हिट लिस्ट में थे ये नेता?
मर्चेंट के मुताबिक बातचीत के दौरान अमेरिका के उस समय के राष्ट्रपति पद के दावेदारों Donald Trump, Joe Biden और Nikki Haley के नाम सामने आए थे। हालांकि यह साफ नहीं हुआ कि असली टारगेट कौन था। दूसरी ओर ईरानी सरकार लगातार इन आरोपों से इनकार करती रही है और कहती है कि वह अमेरिकी अधिकारियों की हत्या की किसी भी योजना में शामिल नहीं है।
नैपकिन पर बनाई थी गोलीबारी की योजना
अदालत में सामने आई जानकारी के मुताबिक मर्चेंट की शुरुआती साजिश तब उजागर हुई जब उसने एक परिचित व्यक्ति को नैपकिन पर गोलीबारी का एक स्केच बनाकर अपनी योजना समझाई। उसने उस व्यक्ति से कहा कि वह उसके लिए भाड़े के हत्यारे ढूंढने में मदद करे।
एफबीआई के अंडरकवर एजेंटों से हुई मुलाकात
लेकिन यह योजना जल्द ही फेल हो गई क्योंकि उस व्यक्ति ने मर्चेंट को ऐसे लोगों से मिलवाया जो असल में Federal Bureau of Investigation (एफबीआई) के अंडरकवर एजेंट थे। एजेंटों ने मर्चेंट के साथ हुई बातचीत को गुप्त रूप से रिकॉर्ड किया, जिससे उसके खिलाफ मजबूत सबूत मिल गए।
पाकिस्तानी बैंक में काम कर चुका है मर्चेंट
जांच में यह भी सामने आया कि मर्चेंट ने Manhattan में कथित हत्यारों को 5,000 डॉलर नकद दिए थे। यह पैसा उसने "किसी राजनीतिक व्यक्ति" की हत्या जैसी सेवाओं के लिए दिया था। 47 साल का मर्चेंट ने कई दशकों तक पाकिस्तान के बैंकों में काम किया था। बाद में उसने कपड़ों और अन्य व्यापार में कदम रखा। उसके परिवार पाकिस्तान और ईरान दोनों देशों में रहते हैं और कपड़े का व्यापार करते हैं।
मर्चेंट ने क्या दी सफाई?
मर्चेंट ने अदालत में अपनी सफाई में कहा कि वह यह सोचकर योजना के साथ आगे बढ़ रहा था कि किसी की हत्या होने से पहले ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा और वह अधिकारियों को पूरी सच्चाई बता पाएगा। अदालत में उसने उर्दू ट्रांसलेटर के जरिए कहा, 'मेरे परिवार की सुरक्षा सुरक्षा के लिए मैं ये करता चला गया"। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक मर्चेंट को 12 जुलाई 2024 को पाकिस्तान के लिए उड़ान भरने की तैयारी कर रहा था, उसी वक्त मर्चेंट को गिरफ्तार किया गया।
ईरान ने आरोपों को बताया गलत
अधिकारियों ने कहा कि ट्रंप पर हमले की वह घटना अलग थी और हमलावर ने अकेले काम किया था। हालांकि अमेरिकी एजेंसियां ईरान से जुड़े संभावित खतरों पर नजर रख रही थीं। दूसरी तरफ ईरान सरकार ने इन सभी आरोपों को "निराधार और दुर्भावनापूर्ण" बताते हुए खारिज कर दिया।
जूरी को समझाने की कोशिश
मर्चेंट ने जूरी को समझाने की कोशिश की कि जांच एजेंट उसे एक "सुपर जासूस" समझते थे और शायद उसकी बात पर भरोसा नहीं करते। हालांकि उसने जोर देकर कहा कि वह ऐसा बिल्कुल नहीं था और वह खुद को उस तरह का व्यक्ति नहीं मानता।
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