Ahmedabad Flight Crash: 'जानबूझकर क्रैश किया था विमान', ब्लैक बॉक्स की रिकॉर्डिंग में पायलट की गलती का दावा!
Ahmedabad Flight Crash: अहमदाबाद में जून 2025 में हुए एयर इंडिया विमान क्रैश की जांच में एक बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा सामने आया है। 260 से ज्यादा लोगों की जान लेने वाली इस त्रासदी को पहले तकनीकी खराबी माना जा रहा था, लेकिन अब एक नई रिपोर्ट में दावा किया गया है कि यह हादसा 'जानबूझकर की गई मानवीय कार्रवाई' का नतीजा हो सकता है। अधिकारियों को शक है कि सरदार वल्लभभाई पटेल अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान के इंजन मैन्युअल रूप से बंद किए गए। इस मामले में कैप्टन सुमीत सभरवाल को मुख्य संदिग्ध बताया जा रहा है।
इटली की रिपोर्ट में क्या दावा किया गया?
इटली के प्रमुख दैनिक अखबार 'कोरिरे डेला सेरा' ने नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच हुई चर्चाओं से जुड़े दो सूत्रों का हवाला देते हुए लिखा है कि जांचकर्ता जानबूझकर किए फ्यूल स्विच ऑफ को संभावित कारण मान रहे हैं। हालांकि, भारत के नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने साफ किया है कि आधिकारिक अंतिम रिपोर्ट आने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना ठीक नहीं होगा।जांच में अमेरिकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं। उन्होंने शुरुआती निष्कर्षों को 'एक बड़ी सफलता' बताया है, क्योंकि इससे जांच की दिशा साफ हुई है। लेकिन फाइनल रिपोर्ट आने तक इसकी पुष्टि नहीं की जा सकती।

हादसा कैसे हुआ था?
एयर इंडिया का बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरने के कुछ ही सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। यह हादसा इतना भयानक था कि 260 लोगों की जान चली गई। मृतकों में विमान में सवार यात्री शामिल थे, साथ ही एक मेडिकल छात्रों के छात्रावास के निवासी भी थे, जो गिरते हुए विमान की चपेट में आ गए थे। इस पूरी दुर्घटना में केवल एक यात्री ही जीवित बच पाया। यह भारत के हाल के सालों के सबसे गंभीर विमान हादसों में से एक माना जा रहा है।
कॉकपिट की आखिरी बातचीत ने बढ़ाया शक
जुलाई 2025 में विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) द्वारा दर्ज कॉकपिट की आखिरी बातचीत ने जांच को नई दिशा दी। ब्लैक बॉक्स से निकली रिकॉर्डिंग के मुताबिक, एक पायलट ने दूसरे से पूछा, 'आपने (ईंधन) क्यों काटा?' जवाब में दूसरे पायलट ने कहा, 'मैंने ऐसा नहीं किया।'
इस बातचीत के बाद जांचकर्ताओं को संदेह हुआ कि कमांडर कैप्टन सुमीत सभरवाल या सह-पायलट फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर में से किसी एक ने जानबूझकर इंजन के ईंधन नियंत्रण स्विच को ऑपरेट किया था। ईंधन बंद होने के कारण दोनों इंजन ने शक्ति खो दी और विमान गिर गया।
ब्लैक बॉक्स डेटा ने क्या बताया?
ब्लैक बॉक्स से मिले डेटा ने यांत्रिक खराबी की संभावना को लगभग खारिज कर दिया है। डेटा के मुताबिक, इंजन के इग्निशन और शटडाउन को कंट्रोल करने वाले स्विच मैन्युअल रूप से हिलाए गए थे। इसका मतलब है कि इंजन बंद होने में किसी तकनीकी खराबी की बजाय मानवीय हस्तक्षेप की भूमिका हो सकती है। दुर्घटना के समय दोनों इंजन बंद पाए गए। इसी वजह से जांच अब तकनीकी दोषों से हटकर मानव कारक पर ज्यादा फोकस कर रही है।
कैप्टन सुमीत सभरवाल पर सवाल
रिपोर्ट में कहा गया है कि जिम्मेदारियां अभी पूरी तरह साफ नहीं हैं, लेकिन मुख्य संदिग्ध के तौर पर कैप्टन सुमीत सभरवाल का नाम सामने आया है। बताया गया कि दुर्घटना के एक महीने बाद उन्हें डिप्रेशन से पीड़ित पाया गया था।
हालांकि, उनके पिता ने इन दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके बेटे के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर जो बातें कही जा रही हैं, वे बेबुनियाद हैं। उन्होंने नई जांच की मांग की है और तलाक जैसी व्यक्तिगत समस्याओं के कारण बेटे के डिप्रेशन में होने की खबरों को भी गलत बताया है।
आगे क्या हो सकता है?
आने वाली अंतिम जांच रिपोर्ट में पायलटों के लिए नियमित और लगातार मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन की सिफारिश की जा सकती है। साथ ही, पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण की कड़ी निगरानी पर जोर दिया जा सकता है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
यह हादसा केवल एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि विमानन सुरक्षा, पायलटों के मानसिक स्वास्थ्य और सिस्टम की जवाबदेही से जुड़े बड़े सवाल खड़े करता है। अब सबकी नजर अंतिम रिपोर्ट पर है, जो यह तय करेगी कि इस भीषण त्रासदी के पीछे असली कारण क्या था।
बंग्लुरू में टला अहमदाबाद जैसा क्रैश, विमान पर भी सवाल
2 फरवरी, 2026 को एयर इंडिया की लंदन-बेंगलुरु बोइंग 787-8 फ्लाइट में ईंधन स्विच से जुड़ी एक और तकनीकी गड़बड़ी सामने आई। यह समस्या लैंडिंग के बाद एक पायलट द्वारा रिपोर्ट की गई। एयरलाइन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए विमान को सेवा से हटा दिया और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।
कैप्टन अमित सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि इंजन स्टार्ट के दौरान ईंधन स्विच दो बार कोशिश करने के बावजूद 'रन' स्थिति में लॉक नहीं हुआ और 'कटऑफ' की ओर चला गया। उनका कहना है कि इससे ईंधन आपूर्ति बाधित हो सकती थी। इस मामले में विमान निर्माता कंपनी और DGCA दोनों ही जांच कर रहे हैं। लिहाजा, ये घटना विमान पर भी सवाल खड़े करती है।
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