Nashik MLC election: बहुमत के बावजूद Mahayuti ने क्यों की रिसॉर्ट में घेराबंदी? क्या सता रहा डर
Nashik MLC election: महाराष्ट्र में स्थानीय MLC चुनावों को लेकर माहौल गरमाया है। नासिक में हो रहे MLC चुनाव में वैसे तो सत्ताधारी गठबंधन 'महायुति' के पास स्पष्ट बहुमत है इसके बावजूद महायुति 'रिजॉर्ट पॉलिटिक्स' का सहारा लिया है।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नासिक के करीब 20 से 22 नगरसेवकों (पार्षदों) को गुपचुप तरीके से ठाणे जिले के भिवंडी स्थित अंजूर गांव के एक आलीशान रिसॉर्ट में शिफ्ट कर दिया गया है। शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं और रणनीतिकारों की निगरानी में इन जनप्रतिनिधियों को सुरक्षित रखा गया है। सूत्रों के अनुसार महायुति के लगभग 150 पार्षदों के लिए अलग-अलग रिजॉर्ट और होटलों में रुकने का इंतजाम किया गया है, जहां सुरक्षा और सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जा रहा है।

Mahayuti के पास कितनों का है समर्थन?
नासिक की इस विधान परिषद सीट के चुनावी गणित को देखें तो कुल वोटर्स की संख्या 619 है। इनमें से लगभग 450 वोटर्स के समर्थन के साथ महायुति के पास पहले से ही बेहद मजबूत और स्पष्ट बहुमतहै। इस एकतरफा मुकाबले के बावजूद महायुति के रणनीतिकार कोई भी ढील देने के मूड में नहीं हैं। किसी भी तरह का 'खेला' या अप्रत्याशित उलटफेर से बचने के लिए भारी सतर्कता बरती जा रही है।
फिर Mahayuti क्यों डरी है?
जनप्रतिनिधियों की कड़े पहरे में रखने की सबसे बड़ी वजह विधान परिषद के स्थानीय निकाय चुनावों की अपनी खास नियमावली है। दरअसल, इन चुनावों में राजनीतिक पार्टियों द्वारा अपने सदस्यों के लिए कोई आधिकारिक 'व्हिप' जारी करने का कानूनी प्रावधान नहीं होता है। सभी वोटर्स अपनी अंतरात्मा की आवाज पर या अपनी मर्जी से किसी भी उम्मीदवार को वोट देने के लिए स्वतंत्र होते हैं। ऐसे में महायुति को अंदेशा है कि विपक्ष या नाराज धड़े गुप्त रूप से अपनी ताकत दिखाकर क्रॉस-वोटिंग न करा दें, जिससे आधिकारिक उम्मीदवार की राह मुश्किल हो सके।
बैलेट पेपर पर छपे बागी उम्मीदवारों के नाम
इस सीट पर महायुति और मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे चुनाव मैदान में हैं। सीट शेयरिंग के दौरान यह सीट शिंदे गुट के खाते में जाने से भाजपा के स्थानीय नेता गोकुल गिते और प्रसाद हीरे बेहद नाराज थे। उन्होंने पार्टी नेतृत्व के फैसले के खिलाफ जाकर निर्दलीय उम्मीदवार के तौर परनामांकन दाखिल कर महायुति के लिए बड़ी मुश्किल खड़ी कर दी थी।
दोनों निर्दलीय उम्मीदवारों ने लिया यू-टर्न
महायुति के वरिष्ठ मंत्रियों गिरीश महाजन, उदय सामंत और दादा भुसे की मैराथन बैठकों और समझौते के बाद दोनों बागियों ने आखिर में अपना चुनाव प्रचार रोकने का फैसला किया। हालांकि, जब तक यह समझौता हुआ, तब तक नाम वापस लेने की समय-सीमा कानूनी तौर पर समाप्त हो चुकी थी। ऐसे में मतपत्र (बैलेट पेपर) पर उनका नाम और चुनाव चिह्न प्रिंट रहेगा, जो महायुति के लिए चिंता का बड़ा केंद्र बना हुआ है।
नासिक एमएलसी चुनाव 2026
- चुनाव के मतदान की तारीख 18 जून
- कुल मतदाता (वोटर संख्या) 619 मतदाता
- महायुति का कुल संख्याबल लगभग 450 नगरसेवक
- आधिकारिक महायुति उम्मीदवार नरेंद्र दराडे (शिवसेना - शिंदे गुट)
- सक्रिय बागी (प्रचार बंद करने वाले) गोकुल गिते और प्रसाद हीरे (निर्दलीय)













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