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US की मदद करने की सजा पा रहे अफगान, बाइडेन प्रशासन ने छोड़ा अकेला, तालिबान को सौंप रहा पाकिस्तान

Afghanistan: अफगानिस्तान में तालिबान और अलकायदा के खिलाफ ऑपरेशन चलाते वक्त अमेरिका ने स्थानीय अफगानों से वादा किया था, कि वो हमेशा उनके साथ रहेगें और जब अमेरिका, अफगानिस्तान से बाहर जाएगा, तो उनके लिए सुरक्षित ठिकाना मुहैया कराया जाएगा।

लेकिन, अगस्त 2021 में अफगानिस्तान से बाहर निकलने के बाद अमेरिका, अपनी बातों से मुकर गया है और अमेरिका की मदद करने वाले अफगानों को या तो मारा जा रहा है, या जेल में ठूंसा जा रहा है, या फिर टॉर्चर किया जा रहा है। सीएनएन की एक रिपोर्ट में कहा गया है, कि जो अफगान मददगार पाकिस्तान चले गये थे, पाकिस्तान उन्हें वापस अफगानिस्तान डिपोर्ट कर रहा है।

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सीएनएन के मुताबिक, परेशान अफगानों का कहना है, कि उन्होंने अमेरिकी सरकार के पास बार बार अपने आवेदन भेजे हैं और वो काफी लंबे समय से इंतजार कर रहे हैं, जबकि उनकी जिंदगी पर खतरा बढ़ता जा रहा है, लेकिन अभी तक अमेरिकी प्रशासन की तरफ से कोई जवाब नहीं आया है।

अमेरिकी सैनिकों की मदद करने वाले अफगानों ने कहा, कि अब उन्हें उस दुश्मन के पास वापस भेजा जा रहा है, जिनसे वे भाग गए थे।

अफगानों के साथ अमेरिका का धोखा

सीएनएन ने खुलासा करते हुए अपनी रिपोर्ट में कहा है, कि कई अफ़गान जो अमेरिका के साथ काम करते थे, उन्हें बताया गया था, कि वे अमेरिका में पुनर्वास के लिए पात्र हैं, लेकिन उन्हें जबरन पाकिस्तान से अफगानिस्तान वापस भेज दिया गया है, जहां तालिबान उनका इंतजार कर रहे हैं।

अमेरिकी वीज़ा का इंतजार कर रहे एक व्यक्ति ने बताया, कि इस गर्मी में पाकिस्तानी पुलिस ने उसे अफगान सीमा पर छोड़ दिया। सीएनएन के मुताबिक, उस अफगान शख्स ने कहा, कि "उन्होंने हमें (तालिबान) अफगान सीमा बलों को नहीं सौंपा, लेकिन उन्होंने हमें अभी सीमा पर छोड़ दिया है और हमें अफगानिस्तान वापस जाने के लिए कहा है।"

सीएनएन के मुताबिक, वो अफगान शख्स अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ अफगानिस्तान की सीमा के पास खड़ा है और दूसरी तरफ तालिबान उसका इंतजार कर रहे थे।

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका की मदद करने वाले कई अफगान, अलग अलग इलाकों में छिपकर रह रहे हैं और उनके कभी भी पकड़े जाने का खतरा है।

वहीं, पाकिस्तान से निकाले गये एक और अफगान, जो काबुल में छिपा हुआ है, उसने सीएनएन से कहा, कि "ये काफी ज्यादा खतरनाक स्थिति है, बहुत खतरनाक और ये काफी ज्यादा मुश्किल हालात हैं।"

उसने कहा, कि "काफी लोग मारे गये हैं, प्रताड़ित किए गये हैं या फिर गायब कर दिए गये हैं।"

अमेरिकी ठेकेदार के यहां काम करने वाले एक पूर्व अफगान कर्मचारी ने कहा, कि 'पकड़ने के बाद तालिबान मुझे सजा सुनाएगा, मुझे जेल में रखेगा या फिर मुझे मार दिया जाएगा।' उसने कहा, कि 'मुझे यकीन है, वो ऐसा ही करेंगे।'

उस अफगान को अभी भी यकीन है, कि अमेरिका उसकी मदद के लिए कदम उठाएगा। उसने कहा, कि "हमारा मानना है कि हमने अभी भी अपनी उम्मीद नहीं खोई है।"

इन अफगानों ने सीएनएन को अमेरिकी वीज़ा नंबर और पाकिस्तान में उनकी उपस्थिति के सबूत दिखाने वाले दस्तावेज़ प्रदान किए।

आपको बता दें, कि 15 अगस्त 2021 को तालिबान ने काबुल पर कब्जा करने के बाद सैकड़ों की संख्या में अमेरिकी मददगार अफगान किसी तरह से भागने में कामयाब रहे थे और अमेरिका के नेतृत्व में एक विशाल ऑपरेशन में, करीब 124,000 से अधिक अफ़गानों को देश से बाहर निकाला गया।

लेकिन, हजारों अफगान अभी भी बचे हुए हैं, जिनका निकाला जाना बाकी है।

विदेश विभाग के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 90,000 अफगानों को अमेरिका में फिर से बसाया गया है, लेकिन कई अन्य लोग तथाकथित अफगान प्राथमिकता 2 (पी-2) या विशेष आप्रवासी वीजा (एसआईवी) आवेदनों के बैकलॉग में फंस गए हैं, जो अभी भी सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार कर रहे हैं।

पाकिस्तान में सबसे गंभीर स्थिति

मानवाधिकार समूहों का कहना है, कि सबसे गंभीर स्थिति का सामना पाकिस्तान में करना पड़ रहा है, जहां हालिया राजनीतिक अस्थिरता के बाद प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई में सैकड़ों अफगानों को निर्वासित किया गया है।

सीएनएन के मुताबिक, पी-2 वीजा का इंतजार कर रहे कम से कम दो अफगान इस कार्रवाई में फंस गए हैं और उन्होंने पाकिस्तानी पुलिस पर उत्पीड़न का आरोप लगाया है। पाकिस्तान में रहने वाले कई अन्य लोगों ने सीएनएन को बताया, कि उन्होंने पाकिस्तानी पुलिस द्वारा उत्पीड़न और जुर्माना या रिश्वत न देने पर निर्वासन की धमकी दी थी।

पाकिस्तान के विदेश और आंतरिक मंत्रालयों ने दावों पर टिप्पणी के लिए सीएनएन के अनुरोध का जवाब नहीं दिया है।

स्वयंसेवी समूह अफगानिस्तान आप्रवासी शरणार्थी परिषद के प्रवक्ता हसीब आफाक के अनुसार, इस साल अब तक कम से कम 530 अफगानों को पाकिस्तान से वापस अफगानिस्तान भेज दिया गया है, जिनकी जिंदगी खतरे में है।

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