क्लाइमेट चेंज पर 11 साल की लड़की ने खत लिखकर ट्रंप को दिखाया आईना
वॉशिंगटन। 'डियर मिस्टर प्रेसिडेंट, मेरा नाम पाउला है। मैं 11 साल की हूं और ऑस्ट्रिया में रहती हूं। कृपया जलवायु परिवर्तन पर हल ढूंढने के लिए मिलकर काम कीजिए। हमारे पास सिर्फ एक ही पृथ्वी है'। यह खत ऑस्ट्रिया के वियना की रहने वाली 11 वर्षीय पाउला ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए लिखते हुए, उन्हें जलवायु परिवर्तन पर आइना दिखाने का काम किया है।

यही खत ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति एलेक्जेंडर वैन डेर बेलेन ने भी जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए यूएन में अपने भाषण में सभी पढ़कर सुनाया है। पाउला ने अपने खत में डोनाल्ड ट्रंप से इस समस्या का हल ढूंढने के लिए आग्रह किया है। कुरियर डॉट एट (Kurier.at) के अनुसार, ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति ने इस खत को ट्रंप तक पंहुचा दिया है।
पेरिस जलवायु परिवर्तन से हट चुके हैं ट्रंप
आपको बता दें कि अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बनने के बाद डोनाल्ड ट्रंप पेरिस जलवायु परिवर्तन समझौते से पीछे हट गए थे। ट्रंप ने पेरिस समझौते पर फिर से विचार करने को लेकर कहा था कि चीन और भारत जैसे देशों को पेरिस समझौते से सबसे ज्यादा फायदा होगा और अमेरिकी उद्योगों और रोजगार पर बुरा असर पड़ेगा।
ये रहा पाउला का पूरा खत
'डियर मिस्टर प्रेसिडेंट,
मेरा नाम पाउला है। मैं 11 साल की हूं और ऑस्ट्रिया में रहती हूं।
मैं इस खत को इसलिए आपको लिख रही हूं क्योंकि मुझे आपसे कुछ महत्वपूर्ण बात कहनी है। अगर आप थोड़ा सा वक्त निकालें तो मुझे खुशी होगी। मिस्टर प्रेसिडेंट, जलवायु परिवर्तन वास्तविक है। लोग दुनिया भर में इसे देख सकते हैं। जब हमारी जलवायु बदलती है तो हम सभी प्रभावित होते हैं। आप भी और मैं भी। अमेरिका में रहने वाले लोग भी, ऑस्ट्रिया में भी, चीन और नॉर्वे में भी, बड़े शहरों और छोटे द्वीपों में भी।
आप और विश्व के दूसरे नेता, कृपया जलवायु परिवर्तन का हल ढूंढने के लिए मिलकर काम कीजिए। यह वक्त हमारे भविष्य को सुरक्षित करने का है। हमारे पास सिर्फ एक पृथ्वी है।
मेरा खत पढ़ने के लिए धन्यवाद, मिस्टर प्रेसिडेंट
आपकी
पाउला
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