Delhi to Kedarnath Guide: 2026 में केदारनाथ यात्रा की तैयारी कैसे करें? रूट और खर्च की पूरी डिटेल
Delhi to Kedarnath Yatra 2026: उत्तराखंड में स्थित बाबा केदारनाथ धाम हर साल लाखों श्रद्धालुओं को अपनी ओर खींचता है। गर्मियों के मौसम में जैसे ही यात्रा शुरू होती है, दिल्ली समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग दर्शन के लिए निकल पड़ते हैं। हालांकि पहाड़ी रास्ते, लंबा सफर और कठिन ट्रेक की वजह से इस यात्रा के लिए पहले से तैयारी करना बेहद जरूरी माना जाता है।
सही रूट, होटल, ट्रांसपोर्ट और बजट की जानकारी होने से यात्रा काफी आसान और आरामदायक हो सकती है। कई लोग कम खर्च में यात्रा पूरी करना चाहते हैं, जबकि कुछ हेलिकॉप्टर या बेहतर होटल के साथ आरामदायक सफर चुनते हैं। ऐसे में अगर आप भी 2026 में दिल्ली से केदारनाथ जाने का प्लान बना रहे हैं, तो यह पूरी जानकारी आपके लिए काम की साबित हो सकती है।

दिल्ली से केदारनाथ का पूरा रूट
दिल्ली से केदारनाथ पहुंचने के लिए सबसे ज्यादा इस्तेमाल होने वाला रूट इस प्रकार है:
- दिल्ली → हरिद्वार → ऋषिकेश → देवप्रयाग → रुद्रप्रयाग → गुप्तकाशी → सोनप्रयाग → गौरीकुंड → केदारनाथ
दिल्ली से गौरीकुंड तक सड़क मार्ग से पहुंचा जाता है। इसके बाद करीब 16 से 18 किलोमीटर का ट्रेक करना पड़ता है। जो यात्री पैदल नहीं जाना चाहते, उनके लिए घोड़ा, पालकी और हेलिकॉप्टर की सुविधा भी उपलब्ध रहती है।
यात्रा के लिए कौन सा समय बेहतर
मई और जून के दौरान सबसे ज्यादा श्रद्धालु केदारनाथ पहुंचते हैं। इस समय मौसम सुहावना रहता है, लेकिन भारी भीड़ भी देखने को मिलती है। वहीं सितंबर और अक्टूबर का समय यात्रा के लिए ज्यादा बेहतर माना जाता है क्योंकि मौसम साफ रहता है और भीड़ भी कम होती है। जुलाई और अगस्त में भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा बढ़ जाता है, इसलिए इस दौरान यात्रा से बचने की सलाह दी जाती है।
पहले दिन हरिद्वार या ऋषिकेश में रुकना बेहतर
दिल्ली से हरिद्वार या ऋषिकेश पहुंचने में करीब 5 से 7 घंटे लग सकते हैं। यहां ट्रेन, वोल्वो बस और निजी कार से आसानी से पहुंचा जा सकता है।
- ट्रेन का किराया: 300 से 1500 रुपये तक
- वोल्वो बस: 700 से 1800 रुपये
- निजी कार से खर्च: 3500 से 7000 रुपये तक
हरिद्वार और ऋषिकेश में हर बजट के होटल मिल जाते हैं।
- बजट होटल: 800 से 1500 रुपये
- अच्छे होटल: 2000 से 4000 रुपये
शाम के समय हर की पौड़ी की गंगा आरती देखने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
दूसरे दिन गुप्तकाशी या सोनप्रयाग पहुंचना
ऋषिकेश से गुप्तकाशी या सोनप्रयाग तक का सफर पहाड़ी रास्तों से होकर गुजरता है। इसमें करीब 8 से 10 घंटे लग सकते हैं।
कई यात्री गुप्तकाशी में रुकना पसंद करते हैं क्योंकि यहां होटल और सुविधाएं ज्यादा अच्छी मिलती हैं। वहीं सोनप्रयाग ट्रेक के ज्यादा करीब पड़ता है।
- बजट होटल: 1000 से 2000 रुपये
- बेहतर होटल: 2500 से 5000 रुपये
यहां से शुरू होता है केदारनाथ ट्रेक
सोनप्रयाग से आगे निजी वाहनों की अनुमति नहीं होती। यहां से शेयर टैक्सी लेकर गौरीकुंड पहुंचना पड़ता है। इसके बाद केदारनाथ ट्रेक शुरू होता है।
ट्रेक पूरा करने में सामान्य लोगों को 7 से 10 घंटे तक लग सकते हैं, जबकि फिट यात्री इसे 6 से 8 घंटे में पूरा कर लेते हैं।
जो लोग पैदल नहीं जाना चाहते, उनके लिए ये विकल्प मौजूद हैं:
- घोड़ा: 3000 से 5000 रुपये
- पालकी: 6000 से 10000 रुपये
- हेलिकॉप्टर सेवा: 7000 से 12000 रुपये तक
हेलिकॉप्टर सेवा फाटा, सिरसी और गुप्तकाशी से उपलब्ध रहती है।
केदारनाथ में कहां रुक सकते हैं
मंदिर के पास जीएमवीएन कैंप, लॉज और होटल उपलब्ध रहते हैं। यात्रा सीजन में यहां पहले से बुकिंग करना जरूरी माना जाता है।
- सामान्य कमरे: 1500 से 3000 रुपये
- प्रीमियम होटल: 4000 से 8000 रुपये
रात के समय यहां काफी ठंड रहती है, इसलिए गर्म कपड़े साथ रखना जरूरी होता है।
कुल कितना आ सकता है खर्च
अगर कोई यात्री बजट में यात्रा करता है तो दिल्ली से केदारनाथ ट्रिप करीब 6000 से 9000 रुपये में पूरी हो सकती है। आरामदायक यात्रा के लिए 10000 से 18000 रुपये तक खर्च आ सकता है। वहीं हेलिकॉप्टर से यात्रा करने वालों का कुल बजट 35000 से 55000 रुपये तक पहुंच सकता है।
यात्रा से पहले इन बातों का रखें ध्यान
केदारनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन जरूरी होता है। बिना रजिस्ट्रेशन कई जगहों पर आगे जाने में परेशानी हो सकती है। यात्रा पर जाते समय गर्म कपड़े, रेनकोट, मजबूत जूते, दवाइयां, पावर बैंक और जरूरी पहचान पत्र साथ रखना जरूरी माना जाता है।
पहाड़ी रास्तों पर मौसम तेजी से बदलता है, इसलिए सुबह जल्दी ट्रेक शुरू करना बेहतर माना जाता है। कई जगह नेटवर्क की दिक्कत भी रहती है, इसलिए कैश साथ रखना फायदेमंद हो सकता है।












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