Vice Admiral Sanjay Vatsayan कौन हैं? 'गनरी और मिसाइल' एक्सपर्ट को मिली वेस्टर्न नेवल की कमान
Who is Vice Admiral Sanjay Vatsaya: भारतीय नौसेना में बड़ा बदलाव हुआ है। अनुभवी और रणनीतिक सोच वाले अधिकारी वाइस एडमिनरल संजय वात्स्यायन को वेस्टर्न नेवल कमांड का नया फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (FOC-in-C) नियुक्त किया गया है। अब वे उस अहम समुद्री मोर्चे की जिम्मेदारी संभालेंगे, जो अरब सागर और देश के पश्चिमी समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है।
मौजूदा समय में वे नौसेना स्टाफ के वाइस चीफ के पद पर कार्यरत हैं और अब नई जिम्मेदारी के साथ भारतीय नौसेना की रणनीतिक ताकत को और मजबूत करेंगे।

'गनरी और मिसाइल' एक्सपर्ट Vice Admiral Sanjay Vatsaya
गनरी और मिसाइल प्रणालियों के एक्सपर्ट वाइस एडमिरल संजय वत्सयान 1 जनवरी 1988 को भारतीय नौसेना में शामिल हुए थे। National Defence Academy के पूर्व छात्र वत्सयान ने अपने 30 से ज्यादा वर्षों के करियर में कई अहम ऑपरेशनल, कमांड और स्टाफ जिम्मेदारियां निभाई हैं। उनकी पहचान एक कुशल रणनीतिकार और अनुभवी नौसैनिक अधिकारी के रूप में होती है।
कई युद्धपोतों की संभाली कमान
अपने लंबे करियर में वत्सयान ने कई महत्वपूर्ण युद्धपोतों पर सेवा दी। वे INS Mysore और INS Nishank के कमीशनिंग क्रू का हिस्सा रहे। इसके अलावा उन्होंने INS Vibhuti, INS Nashak और INS Kuthar की कमान संभाली। वहीं गाइडेड मिसाइल फ्रिगेट INS Sahyadri के वे कमीशनिंग कमांडिंग ऑफिसर भी रहे।
गलवान संकट के दौरान निभाई अहम भूमिका
फरवरी 2020 में उन्होंने पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग का पद संभाला। इसी दौरान गलवान संकट के बाद समुद्री क्षेत्र में बढ़ी गतिविधियों और सुरक्षा चुनौतियों के बीच उन्होंने कई बड़े ऑपरेशनल मिशन और नौसैनिक अभ्यासों का नेतृत्व किया। उनकी रणनीतिक योजना और नेतृत्व क्षमता की काफी सराहना हुई।
नीति निर्माण और स्वदेशीकरण पर भी मजबूत पकड़
नौसेना मुख्यालय में भी वत्सयान ने कई अहम जिम्मेदारियां निभाईं। वे निदेशक नौसेना योजनाएं और प्रमुख निदेशक नौसेना योजनाएं जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रहे। 2018 में फ्लैग रैंक में पदोन्नति के बाद उन्हें नौसेना स्टाफ का सहायक प्रमुख (नीति और योजना) बनाया गया। इसके अलावा वे पूर्वी नौसेना कमान के चीफ ऑफ स्टाफ और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के डिप्टी कमांडेंट भी रह चुके हैं।
स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को दिया बढ़ावा
अगस्त 2025 में नौसेना स्टाफ के वाइस चीफ बनने से पहले वत्सयान ने मुख्यालय एकीकृत रक्षा स्टाफ में संचालन समन्वय, बल विकास और सशस्त्र बलों में स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने से जुड़े कई अहम कार्य किए। उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 2021 में अति विशिष्ट सेवा पदक से सम्मानित किया गया था।
पश्चिमी समुद्री मोर्चे पर मिलेगी रणनीतिक मजबूती
पश्चिमी नौसेना कमान भारतीय नौसेना की सबसे महत्वपूर्ण कमानों में गिनी जाती है। ऐसे में वाइस एडमिरल संजय वत्सयान की नियुक्ति को समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक तैयारी और नौसेना की ऑपरेशनल क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।












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