PM मोदी ने जिन माखनलाल के छुए पैर अब उन्होंने मांग लिया हक! बंगाल के लिए प्रधानमंत्री के सामने रखीं ये शर्तें
पश्चिम बंगाल की सियासी जमीन पर 9 मई को एक ऐसा ऐतिहासिक पल आया, जिसने न केवल सत्ता की तस्वीर बदली, बल्कि करोड़ों लोगों के दिलों को भी छू लिया। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में जब सुवेंदु अधिकारी मुख्यमंत्री पद की शपथ ले रहे थे, तब मंच पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 98 साल के माखनलाल सरकार का अभिनंदन किया। माखनलाल को मंच पर देखते ही प्रधानमंत्री खुद उनके पास पहुंचे, पूरी विनम्रता के साथ उनके पैर छुए और फिर उन्हें गर्मजोशी से गले लगा लिया। आइए जानतें हैं अब माखनलाल सरकार ने प्रधानमंत्री के सामने अपनी कौन सी मांगें रखी हैं।
शपथ ग्रहण के दौरान पीएम मोदी ने सिलीगुड़ी निवासी 98 वर्षीय बुजुर्ग कार्यकर्ता माखनलाल सरकार के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर इस पल को साझा करते हुए उन्हें एक सच्चा राष्ट्रवादी और डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का साथी बताया। उन्होंने कहा कि माखनलाल जी जैसे समर्पित कार्यकर्ताओं की वजह से ही आज बंगाल में पार्टी इस ऐतिहासिक मुकाम तक पहुंची है।

बंगाल के लिए माखनलाल ने PM से की ये मांगे
सम्मान पाने के बाद माखनलाल सरकार ने ANI से बातचीत के दौरान कहा कि उनका 'एक राष्ट्र, एक संविधान' का सपना तो पूरा हो गया, लेकिन अब बंगाल का हक मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री के सामने मांग रखी कि अब बंगाल पीछे न छूटे।
क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत
माखनलाल ने स्पष्ट किया कि बंगाल के उज्ज्वल भविष्य के लिए हेल्थकेयर, शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव की जरूरत है।
बंगाल के युवाओं के लिए क्या मांगा?
बुजुर्ग नेता ने प्रधानमंत्री से भावुक अपील करते हुए कहा कि बंगाल के युवाओं को काम की तलाश में बाहर न जाना पड़े। उन्होंने जोर दिया कि राज्य में ही रोजगार के ऐसे अवसर पैदा हों जिससे पलायन पूरी तरह से रुक सके। माखनलाल ने मंत्रियों से आग्रह किया कि विकास की गति इतनी तेज हो कि हर बंगाली को अपने राज्य पर गर्व महसूस हो।
कौन हैं माखनलाल सरकार?(Who Is Makhanlal Sarkar)
माखनलाल सरकार जनसंघ के दौर से सक्रिय हैं। उनका इतिहास त्याग और बलिदान से भरा है। साल 1952 में जब कश्मीर में तिरंगा फहराने को लेकर आंदोलन छिड़ा था, तब माखनलाल सरकार जनसंघ के संस्थापक श्यामा प्रसाद मुखर्जी के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे। उस दौरान उन्हें कश्मीर में गिरफ्तार भी किया गया था। आज जब बंगाल में 15 साल के ममता शासन का अंत हुआ और बीजेपी की पहली सरकार बनी, तो इस जीत का श्रेय पीएम मोदी ने उन पुराने तपस्वियों को दिया, जिन्होंने जेलें सहीं और लाठियां खाईं।
सिलीगुड़ी के पहले जिला अध्यक्ष
सिलीगुड़ी के पहले जिला अध्यक्ष रहे माखनलाल ने 1980 में बीजेपी के गठन के बाद उत्तर बंगाल में 10 हजार सदस्य जोड़कर नींव मजबूत की थी।
देशभक्ति गीत गाने पर जाना पड़ा जेल!
कांग्रेस शासन के दौरान देशभक्ति गीत गाने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया था, लेकिन उन्होंने कोर्ट में माफी मांगने से साफ इनकार कर दिया था।
माखनलाल पर परिवार को है गर्व
माखनलाल के बेटे और बेटी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया कि उनके पिता ने 16 साल की उम्र से ही संघ और समाज सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया था। परिजनों ने उनके उस ईमानदारी के किस्से को भी याद किया जब उन्होंने पूर्व पीएम मोरारजी देसाई के समय मिला सरकारी परमिट ठुकरा दिया था। आज जब बंगाल में पहली बार बीजेपी की सरकार बनी है, तो परिवार को लगता है कि उनके पिता की दशकों की तपस्या सफल हो गई है।












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