Video: समुद्र में एक साथ तैरते दिखे 64 हजार दुर्लभ हरे कछुए, दुनिया में पहली बार दिखा ऐसा अद्भुत नजारा

नई दिल्ली: प्रकृति आए दिन अपने अनोखे रंग दुनिया को दिखाती रहती है। हाल ही में आस्ट्रेलिया के समुद्र में भी एक अद्भुत नजारा देखने को मिला था, जहां हजारों की संख्या में कछुए समुद्र के ऊपर तैरते नजर आए थे। इस खूबसूरत नजारे को देखकर जीव वैज्ञानिक भी हैरान रह गए। ऐसा पहली बार हुआ था जब इतनी बड़ी संख्या में दुर्लभ कछुए नजर आए थे।

एक साथ दिखे 64 हजार कछुए

एक साथ दिखे 64 हजार कछुए

रिपोर्ट के मुताबिक ग्रेट बैरियर रीफ पर लोगों को हरे कछुए तैरते हुए दिखे। इसके बाद वहां पर जीव वैज्ञानिकों की टीम भी पहुंच गई। शुरू में उन्होंने नाव से इनकी गिनती शुरू की, लेकिन कछुओं की संख्या देखकर वैज्ञानिक भी हैरान रह गए और उन्हें ड्रोन का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान गिनती में 64 हजार से ज्यादा कछुए वहां पर मिले। इन कछुओं का रंग हरा होता है। साथ ही इन्हें विलुप्त होते जीवों की श्रेणी में शामिल किया गया है।

तापमान बढ़ने से आए ऊपर

तापमान बढ़ने से आए ऊपर

आस्ट्रेलिया के पर्यावरण विभाग के डॉक्टर एंड्रेव डंस्टर के मुताबिक हरे रंग के कछुए बहुत ही कम पानी के ऊपर आते हैं। ऐसे में 64 हजार से ज्यादा कछुओं को देखकर सभी हैरान रह गए। दुनियाभर में पहला मौका था, जब समुद्र के ऊपरी हिस्से में इतने कछुए एक साथ दिखे थे। जीव वैज्ञानिक इसकी वजहों का पता लगाने में जुट गए हैं। प्रारंभिक तौर पर बढ़ते तापमान को उनके ऊपर आने की वजह माना जा रहा है। एंड्रेव डंस्टर ने आशंका जताई कि ग्रेट बैरियर रीफ में चट्टान का कोई हिस्सा टूटा होगा। जिसके बाद कछुए ऊपर आए होंगे।

तैयार हो रहा रिकॉर्ड

ग्रेट बैरियर रीफ फाउंडेशन के प्रबंध निदेशक अन्ना मार्सडेन के मुताबिक सरकार हरे कछुओं के संरक्षण की दिशा में सभी जरूरी कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि कछुओं की गिनती ड्रोन से की गई है। इसके बाद उनका एक रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जो कछुओं के लिए और प्रोजेक्ट शुरू करने में मदद करेंगे। मार्सडेन के मुताबिक द्वीप पर कछुओं के घोंसले को सुरक्षित रखने और उनकी मौत को रोकने के लिए बाड़ लगाने का काम चल रहा है।

तस्करों के निशाने पर कछुए

तस्करों के निशाने पर कछुए

राइन आइलैंड को दुनिया में हरे कछुओं का सबसे बड़ा घर माना जाता है। इस आइलैंड पर सरकार ने उनकी सुरक्षा के लिए कई उपाय किए हैं। आमतौर पर ये कछुए तस्करों के निशाने पर रहते हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी खाल और अंडे की कीमत बहुत ज्यादा है। कुछ देशों में इससे यौनवर्धक दवाएं बनाई जाती हैं, जिस वजह से इनकी मांग में तेजी आई है। वहीं दूसरी ओर कई देशों में इनका मांस भी खाया जाता है। भारत जैसे देश में वास्तु दोष दूर के लिए भी कछुओं का इस्तेमाल होता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+