Hantavirus वाले जहाज पर फंसे 2 इंडियन, बिना जांच के उतर गए कई यात्री, अब भारत को कितना खतरा?
Hantavirus Update: दुनिया के साथ-साथ भारत में भी एक बार फिरे में एक बार फिर वायरस को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस बार मामला कोविड जैसा नहीं, बल्कि हंतावायरस (Hantavirus) से जुड़ा है। कुछ दिन पहले हमने आपको बताया था कि डच लग्जरी क्रूज शिप MV Hondius पर हंतावायरस फैल गया है। इस जहाज पर अब तक पांच लोगों में वायरस की पुष्टि हो चुकी है, जबकि तीन लोगों की मौत की खबर भी सामने आई है। इसी बीच यह क्रूज स्पेन के ग्रेनाडिला पोर्ट पहुंचने वाला है, जिसको लेकर स्वास्थ्य एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
स्पेन पहुंचने वाला है डच क्रूज शिप
स्पेन की स्वास्थ्य मंत्री Monica Garcia ने 7 मई 2026 को बताया कि MV Hondius जहाज पर अभी लगभग 150 लोग सवार हैं। हालांकि फिलहाल किसी भी यात्री या क्रू में बीमारी के गंभीर लक्षण नहीं दिख रहे हैं। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस जहाज के चालक दल में कम से कम दो भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। यही वजह है कि भारत समेत कई देशों की नजर अब इस पूरे मामले पर बनी हुई है।

कितने मामले आए सामने और कितनी हुई मौतें?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, MV Hondius पर हंतावायरस के कुल पांच पुष्ट मामले सामने आए हैं। वहीं अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है। World Health Organization (WHO) ने 7 मई 2026 को पुष्टि की कि जहाज पर मिले आठ संदिग्ध मामलों में से पांच मामलों में हंतावायरस की पुष्टि हो चुकी है। मरने वालों में एक 69 साल की डच महिला शामिल हैं, जिनमें वायरस की पुष्टि हो चुकी थी। इसके अलावा उनके डच पति और एक जर्मन महिला की भी मौत हुई है। इन दोनों मामलों की अभी जांच जारी है।
2 भारतीय भी शिप पर फंसे
कंपनी के मुताबिक, कम से कम 12 अलग-अलग देशों के 29 यात्रियों ने ब्रिटिश क्षेत्र सेंट हेलेना में जहाज छोड़ दिया था। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, जहाज पर मौजूद लोगों में 38 लोग फिलीपींस से, 31 ब्रिटेन से, 23 अमेरिका से, 16 नीदरलैंड से, 14 स्पेन से, 9 जर्मनी से और 6 कनाडा से थे। इसी चालक दल में भारत के दो सदस्य भी मौजूद थे। वहीं, जहाज छोड़ने वाले 29 यात्रियों में से सात ब्रिटिश नागरिक बताए गए हैं।
भारत में फैलने का कितना खतरा?
भारत में अभी तक तो इस वायरस के फैलने का कोई सीधा खतरा नहीं है। लेकिन जो भारतीय उस शिप पर फंसे हैं अगर वे बिना जांच के भारत में प्रवेश कर जाते हैं और उनमें बाद में इसके लक्षण मिलते हैं तो ये भारत के लिए खतरा हो सकता है। हालांकि इस मामले पर भारत सरकार पहले से अलर्ट है और WHO की गाइडलाइंस के हिसाब से काम कर रही है।
कहां से शुरू हुई थी जहाज की यात्रा?
यह लग्जरी एक्सपेडिशन क्रूज Oceanwide Expeditions द्वारा चलाया जा रहा है। MV Hondius ने अपनी यात्रा 1 अप्रैल 2026 को अर्जेंटीना के उशुआया शहर से शुरू की थी। अब यह जहाज 10 मई 2026 को स्पेन के कैनरी द्वीप समूह पहुंचने वाला है। शुरुआत में जहाज पर 28 देशों के करीब 150 यात्री और चालक दल के सदस्य मौजूद थे। लेकिन 24 अप्रैल को दर्जनों यात्रियों ने सेंट हेलेना द्वीप पर जहाज छोड़ दिया था।
जहाज पर कोविड जैसे नियम लागू
WHO ने साफ कहा है कि यह किसी नई महामारी की शुरुआत नहीं है। हंतावायरस कोरोना की तरह नहीं बल्कि करीबी और बेहद नजदीकी संपर्क से फैलता है। WHO के मुताबिक, MV Hondius पर मौजूद सभी लोगों को मास्क पहनने का निर्देश दिया गया है।इसके अलावा जिन लोगों का संपर्क संदिग्ध मरीजों से हुआ है या जो उनकी देखभाल कर रहे हैं, उन्हें हाई-लेवल PPE यानी व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पहनने के लिए कहा गया है। ये कोरोना के समय की यादें ताजा करता है।
क्या होता है हंतावायरस?
WHO के मुताबिक, हंतावायरस आमतौर पर चूहों, गिलहरे जैसे दूसरे छोटे जानवरों से इंसानों में फैलता है। हालांकि यह पहली बार है जब इंसानों के बीच ये वायरस इस तरीके से फैल रहा है। उसमें भी सबसे खतरनाक बात ये है कि जहाज से उतर चुके लोग बिना सटीक जांच के उतर गए हैं। इसीलिए स्वास्थ्य विभाग उन दर्जनों यात्रियों का पता लगाने की कोशिश कर रहा है।
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