Indore News: 'वन नेशन-वन इलेक्शन' पर डॉक्टर्स का रिएक्शन, कही कुछ ऐसी बात
On One Nation One Election को लेकर मोदी सरकार ने बड़ा फैसला किया है, जहां मोदी कैबिनेट की बैठक में 'वन नेशन-वन इलेक्शन' के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। वहीं अब इसके बाद देशभर में 'वन नेशन-वन इलेक्शन' को लेकर चर्चा है तेज हो चली है, जहां सभी इस मुद्दे पर अपनी अपनी राय रखते नजर आ रहे हैं।
प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में वन नेशन वन इलेक्शन पर जनता का मन जानने जब वन इंडिया हिंदी की टीम जनता के बीच पहुंची तो डॉक्टर्स ने अपनी राय रखी, जहां डॉक्टर्स ने 'वन मिशन-वन इलेक्शन' के नकारात्मक और सकारात्मक दोनों पहलुओं को वन इंडिया हिंदी की टीम के साथ साझा किया है।

जूनियर डॉक्टर आयुष जैन बताते हैं कि, वन नेशन वन इलेक्शन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो ऐलान किया है, मैं इसके समर्थन में हूं, क्योंकि हर साल हमारे देश में कहीं ना कहीं किसी राज्य में इलेक्शन चलते रहते हैं। इस पर काफी पैसा और मैन पावर दोनों चीज व्यर्थ होती है। इससे देश की प्रगति में काफी अड़चने आती है। हम प्रोग्रेस की तरफ नहीं बढ़ पाते हैं। बार-बार इलेक्शन के आने से जो पॉलिटिशियन हैं, उनका ध्यान भटकता है, उनका ध्यान इलेक्शन को केचैप करने में लग जाता है। वन नेशन वन इलेक्शन होने से देश को नई प्रगति मिलेगी।
डॉक्टर मयंक बताते हैं कि, मैं मोदी जी के फैसले पर समर्थन देना चाहता हूं, अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग टाइम पर जब इलेक्शन होते हैं, तो आचार संहिता लगती है। ये प्रगति में बाधक होती है, यदि एक बार में सारे इलेक्शन हो जाएंगे, तो अच्छा रहेगा। डॉ. कमलेश चौधरी बताते हैं कि, इस फैसले की कुछ पॉजिटिव और कुछ निगेटिव बातें हैं, लेकिन अधिकतर बातें इसकी पॉजिटिव है, क्योंकि जब भी इलेक्शन होते हैं जब उस टाइम लिमिट में डेवलपमेंट के काम नहीं हो पाते, सारे ऑफिसर और टीचर्स की ड्यूटी इलेक्शन में लग जाती है, अपना काम छोड़कर सभी लोग इलेक्शन के काम में जुट जाते हैं, इससे हर चीज प्रभावित होती है।
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