NO Car Day का असर, इंदौर में 12% कम बिका पेट्रोल-डीजल, प्रदूषण में आई गिरावट
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में शुक्रवार को नो कार डे मनाया गया, जहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव की पहल पर मनाए गए नो कार डे का असर शहर में देखने मिला, जिसके अंतर्गत जनप्रतिनिधियों से लेकर प्रशासनिक अधिकारी तक पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ई व्हीकल का उपयोग करते नजर आए।
शहर में बनाए गए नो कार डे का असर शहर में साफ तौर पर देखने मिल रहा था, जहां शहर में सामान्य दिनों के मुकाबले कम कारें सड़क पर उतरी थी। इतना ही नहीं पेट्रोल की खपत पर भी इसका असर पड़ा, जहां शुक्रवार को रोजाना के मुकाबले 12% पेट्रोल की कम बिक्री हुई।

'नो कार डे' का दिखा असर
जानकारी के मुताबिक प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से जुड़े वैज्ञानिकों ने बताया कि, शुक्रवार को शहर में 'नो कार डे' का असर सुबह 7 से रात 8 बजे तक दिखाई दिया, जिसके अंतर्गत कार्बन डाइऑक्साइड के उत्सर्जन में गिरावट दर्ज की गई तो वहीं प्रदूषण का स्तर भी प्रभावित हुआ है। उधर, पेट्रोल-डीजल एसोसिएशन के सदस्यों ने बताया कि, शहर में शुक्रवार को 12% पेट्रोल की कम बिक्री हुई। इतना ही नहीं डीजल की खपत पर भी इसका खास असर देखने मिला है। कुल मिलाकर देखा जाए तो इंदौर में मनाए गए नो कार डे का सीधा असर शहर में दिखाई दिया, जहां रोजाना के मुकाबले कम करें सड़क पर उतरी थी।
महापौर की मुहिम का दिखा असर
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के द्वारा किए गए नवाचार का असर देखने मिल रहा है, जहां लोग कार छोड़कर पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ई-वाहनों में सवार हो रहे हैं। कलेक्टर और अन्य अधिकारी भी अलग-अलग पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ई-वाहनों पर सवार होकर अपने-अपने कार्यालय पहुंचे हैं। इंदौर में पर्यावरण प्रदूषण कम करने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के उद्देश्य से 'नो कार डे' मनाया जा रहा है, जहां महापौर पुष्यमित्र भार्गव के आग्रह पर शहर के तमाम जनप्रतिनिधि और अधिकारी शुक्रवार के दिन कार का उपयोग नहीं कर रहे हैं।
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