MP Election: बुरहानपुर में त्रिकोणीय मुकाबला, BJP-कांग्रेस के साथ निर्दलीय हर्षवर्धन दिखा रहे दम
मध्य प्रदेश के निमाड़ अंचल में निर्दलीय प्रत्याशियों दम देखने मिलेगा, जहां बीजेपी और कांग्रेस से दोनों ही दलों से मजबूत नेताओं ने अपने-अपने दलों का दामन छोड़ते हुए अब बतौर निर्दलीय प्रत्याशी चुनाव मैदान में दम दिखाने का फैसला लिया है।
मध्यप्रदेश में अब सियासत के समीकरण बनते बिगड़ते दिखाई दे रहा है, जहां नामांकन वापस लेने के आखिरी दिन प्रदेश की कई विधानसभाओं से प्रत्याशियों ने अपने नाम वापस ले लिए, तो वहीं कई विधानसभाओं से प्रत्याशियों ने निर्दलिय चुनाव मैदान संभालने का दम ठोंका है।

बुरहानपुर में त्रिकोणीय मुकाबला
बुरहानपुर विधानसभा से BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद स्व. नंदकुमार सिंह चौहान के बेटे हर्षवर्धन सिंह चौहान ने अपना नाम वापस ना लेते हुए BJP की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है, साथ ही अब चौहान बतौर निर्दलिय प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरकर अपना दम दिखाने के लिए तैयार हैं। बुरहानपुर में BJP ने अर्चना चिटनिस को प्रत्याशी बनाया है, तो वहीं कांग्रेस ने सुरेंद्र सिंह शेरा पर भरोसा जताया है। बुरहानपुर में अबकी बार त्रिकोणीय मुकाबला देखा जा रहा है, जहां अब BJP और कांग्रेस की डगर मुश्किल नजर आ रही है।
कौन हैं हर्षवर्धन चौहान?
हर्षवर्धन सिंह चौहान बुरहानपुर विधानसभा से BJP के युवा नेतृत्व हैं, जहां हर्षवर्धन सिंह चौहान के पिता स्व. नंद कुमार सिंह चौहान BJP के प्रदेश अध्यक्ष और बुरहानपुर-खंडवा लोकसभा सीट से सांसद भी रह चुके हैं। हर्षवर्धन सिंह चौहान के पिता नंद कुमार सिंह चौहान का निमाड़ अंचल में अच्छा खासा वर्चस्व माना जाता था। यही कारण है कि, स्वर्गीय नंदकुमार सिंह चौहान के निधन के बाद से हर्षवर्धन से चौहान ने पिता की राजनीतिक विरासत को संजो रखा है। इधर, अब हर्षवर्धन सिंह चौहान को संगठन से टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन संगठन ने अर्चना चिटनिस को अपना प्रत्याशी बना दिया है, जिसके बाद अब हर्षवर्धन सिंह चौहान नाराज नजर आ रहे हैं।
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