Indore News: नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे को पुलिस ने आखिर क्यों किया गिरफ्तार, जानिए पूरा मामला
Indore News: इंदौर नगर निगम में कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे की गिरफ्तारी ने शहर की राजनीति में हलचल मचा दी है। शनिवार रात पानी के टैंकर को लेकर हुई मामूली झड़प ने ऐसा तूल पकड़ा कि रविवार को पुलिस ने चौकसे को उनके घर से गिरफ्तार कर हीरा नगर थाना पहुंचाया। इसके बाद उन्हें एमवाय अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया।
चौकसे की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है। पार्टी नेताओं ने इसे भाजपा सरकार की राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई करार देते हुए पुलिस और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

क्या है पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, शनिवार रात चिंटू चौकसे के वार्ड में पानी के टैंकर को लेकर कुछ बच्चों के बीच विवाद हुआ था। धीरे-धीरे यह विवाद बड़ों के बीच पहुंचा और फिर कांग्रेस और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच कहासुनी और झड़प हो गई।
इस मामले में भाजपा कार्यकर्ता कपिल पाठक ने हीरा नगर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए चिंटू चौकसे समेत 9 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। शिकायत में गंभीर आरोप लगाते हुए आईपीसी की धारा 307 (हत्या की कोशिश) जैसी धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस ने इसी आधार पर चौकसे को गिरफ्तार किया, जिसे लेकर विवाद और बढ़ गया।
गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस का प्रदर्शन
जैसे ही गिरफ्तारी की खबर फैली, कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में हीरा नगर थाने पहुंच गए। वहां नारेबाजी शुरू हो गई और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई जानबूझकर की गई है ताकि विपक्ष की आवाज को दबाया जा सके।
पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा खुद मामले को लेकर कमिश्नर संतोष सिंह से मिलने पहुंचे। उनके साथ कांग्रेस शहर अध्यक्ष सुरजीत चड्ढा, जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव, पूर्व विधायक अश्विन जोशी और वरिष्ठ नेता शोभा ओझा भी मौजूद थीं।
चौकसे बोले: "मैं वहां था ही नहीं, ये अंधेर नगरी है"
चौकसे को जब मेडिकल चेकअप के लिए एमवाय अस्पताल ले जाया गया, तो उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा:
"यह अंधेर नगरी चौपट राजा है। मैं घटना स्थल पर मौजूद ही नहीं था। मामूली विवाद को जानबूझकर बड़ा बनाया गया है और मुझ पर 307 जैसी गंभीर धारा लगा दी गई। अगर यह जंगलराज नहीं है तो और क्या है? यह साफ तौर पर राजनीतिक साजिश है।"

कांग्रेस का आरोप, लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा है
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह कार्रवाई जनता की आवाज दबाने की कोशिश है। सज्जन वर्मा ने कहा: "चिंटू चौकसे को इस तरह गिरफ्तार करना दर्शाता है कि प्रदेश में लोकतंत्र नहीं, तानाशाही चल रही है। भाजपा अब बर्दाश्त नहीं कर पा रही कि विपक्ष जनता के मुद्दे उठाए।" वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष सदाशिव यादव ने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता खुद वार्ड में अराजकता फैला रहे हैं और उल्टे निर्दोष कांग्रेस नेताओं को फंसाया जा रहा है।
पुलिस का पक्ष, शिकायत के आधार पर कार्रवाई
हीरा नगर थाना प्रभारी का कहना है कि शिकायत और घटना के आधार पर उचित धाराएं लगाई गई हैं। शिकायतकर्ता कपिल पाठक के अनुसार, चौकसे समर्थकों ने झड़प के दौरान जानलेवा हमला किया, जिसके आधार पर 307 सहित अन्य धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने मामले में और भी आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
राजनीतिक संदर्भ में देखी जा रही है कार्रवाई
विशेषज्ञों का कहना है कि चिंटू चौकसे नगर निगम में कांग्रेस के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं। वे स्थानीय मुद्दों पर लगातार सरकार और निगम प्रशासन को घेरते रहे हैं। ऐसे में उनकी गिरफ्तारी को सिर्फ एक कानूनी मामला नहीं, बल्कि राजनीतिक दबाव और रणनीति के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या?
अब देखना यह होगा कि पुलिस इस मामले में क्या सबूत पेश करती है और क्या चौकसे के खिलाफ लगाए गए गंभीर आरोपों की पुष्टि हो पाती है या नहीं। फिलहाल कांग्रेस ने इस मुद्दे को बड़ा जनांदोलन बनाने का संकेत दिया है।
अगर हालात नहीं सुधरे, तो आने वाले दिनों में इंदौर में सड़कों पर कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन देखने को मिल सकता है।












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