Indore: 'आपके बेटे को कोर्ट ने बरी कर दिया?', सवाल सुनते ही कैलाश विजयवर्गीय ने दिया चौंकाने वाला रिएक्शन
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में उस वक्त हड़कंप मच गया था, जब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के सुपुत्र और पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय समेत कुछ समर्थकों पर निगम अधिकारी के साथ मारपीट का आरोप लगा था। वहीं इस मामले पर अदालत ने अपना फैसला सुनाया है।
स्पेशल कोर्ट ने बहुचर्चित बल्ला कांड मामले में अपना फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। वहीं इसके बाद अब इस मामले पर सियासत का सिलसिला रफ्तार पकड़ रहा है।

हरदा दौरे पर आए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से जब मीडियाकर्मियों ने पूछा कि, आपके बेटे आकाश विजयवर्गीय कोर्ट से बरी हो गए हैं, उस पर आप क्या कहेंगे?, तो इस सवाल का जवाब देते हुए कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि, छोड़ो उस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी।
दरअसल, यह मामला 26 जून 2019 का है, जब इंदौर नगर निगम की टीम शहर के गंजी कंपाउंड क्षेत्र में कुछ मकानों को जमींदोंज करने पहुंची थी, तभी कार्रवाई के दौरान तत्कालीन विधायक आकाश विजयवर्गीय अपने कुछ समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे थे, और निगम अधिकारी के साथ कथित तौर पर मारपीट करने का आरोप उन पर लगा था। इस मामले में पुलिस ने आकाश विजयवर्गीय समेत 10 लोगों को खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। इसके बाद यह घटनाक्रम पूरे मध्य प्रदेश में चर्चा का विषय बन गया था।
इस मामले में तत्कालीन विधायक आकाश विजयवर्गीय को जेल जाना पड़ा था, जिसके बाद उन्हें कोर्ट से जमानत मिल गई थी। वहीं अब स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया है, जहां स्पेशल कोर्ट ने आकाश विजयवर्गीय समेत सभी समर्थकों को बरी कर दिया है। स्पेशल कोर्ट में यह मामला लगभग 5 सालों तक चला, जहां ट्रायल के दौरान फरियादी निगम के अधिकारी अपने बयान से पलट गए। वहीं बयानों से पलटने के चलते स्पेशल कोर्ट ने आकाश विजयवर्गीय, और उनके समर्थकों को बरी कर दिया।
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