Holi पर टेसू के फूल से वन विभाग ने बनाया गुलाल, इस तरह कर सकते हैं Online खरीदी
वन विभाग की ओर से भी प्राकृतिक रंग और गुलाल तैयार किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके चलते अब जल्द ही बाजार में होली पर प्राकृतिक रंग और गुलाल उपलब्ध रहेगा।

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होली का त्यौहार नजदीक है, और ऐसे में और रंग गुलाल की डिमांड भी बढ़ती चली जा रही है। लगातार बढ़ रही डिमांड को पूरा करने के लिए अलग-अलग तरीकों से रंग और गुलाल तैयार किया जा रहा है, जहां वन विभाग की ओर से भी प्राकृतिक रंग और गुलाल तैयार किए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है, जिसके चलते अब जल्द ही बाजार में प्राकृतिक रंग और गुलाल उपलब्ध रहेगा। वन विभाग की ओर से यह रंग और गुलाल टेसू के फूल से बनाया जा रहा है। इतना ही नहीं लोग इस रंग और गुलाल को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से खरीद सकते हैं।

लगातार बढ़ रही गुलाल की डिमांड
बाजारों में होली को लेकर तैयारियां की जा रही है। साथ ही वन विभाग की ओर से भी हमेशा की तरह इस बार भी पलाश और टेसू के फूलों से प्राकृतिक रंग तैयार किया रहा है, रंग तैयार करने के लिए विभाग की ओर से विशेष व्यवस्था की गई है, जिसमें हर साल वन विभाग की ओर से कई क्विंटल हर्बल गुलाल तैयार किया जाता है। इस वर्ष भी होली पर्व से पहले गुलाल बनाने की तैयारी है, जहां 5 क्विंटल गुलाल बनाया गया है। वहीं अबकी बार शहरवासियों के अच्छे प्रतिसाद के साथ ही वन विभाग को ऑनलाइन भी कई डिमांड गुलाल के लिए मिल रही है।

स्टॉल के माध्यम से आम जन तक पहुंचता है
वर्तमान में होली के त्योहार पर रंगों में अलग-अलग केमिकल मिलाकर गुलाल तैयार किया जाता है। यही गुलाल बाजार में बिकने आते हैं, जिससे त्वचा समेत अन्य बिमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसी को देखते हुए वन विभाग की ओर से हर साल विभिन्न फूलों और प्राकृतिक रंग से गुलाल बनाए जाते हैं। इंदौर के पास चोरल में वन समिति द्वारा एक प्लांट लगाया गया है, जिसमें कई लोग मिलकर प्राकृतिक रंग गुलाल को तैयार करते हैं, जिसके बाद वन विभाग इस गुलाल को स्टॉल के माध्यम से आम जनता तक पहुंचता है।

सेहत के लिए होता है लाभदायक
पिछले कुछ सालों से लगातार इन प्राकृतिक रंगों को मिल रहे प्रतिसाद और बढ़ती डिमांड को देखते हुए वन विभाग का कहना है कि, पिछले वर्ष मिले प्रतिसाद के बाद इस वर्ष जल्द इसकी बिक्री की है। साथ ही ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से इसकी बिक्री की जा रही है। इंदौर के साथ ही अन्य जिलों से इसकी मांग आ रही है। वन विभाग द्वारा तैयार किया जाने वाला प्राकृतिक रंग और गुलाल पूर्ण रूप से त्वचा और सेहत के लिए लाभदायक रहता है।यही कारण है कि, लोग इसका ज्यादा से ज्यादा उपयोग करते हैं।

इस तरह होता फायदा
होली पर आमतौर से लोग एक दूसरे को गुलाल और कलर लगाते हैं, जहां गुलाल और कलर दोनों ही स्किन के लिए फायदेमंद हो सके इसे लेकर अब पैसों के फूल से गुलाल और रंग तैयार किया जा रहा है। गुलाल और रंग में केमिकल होने की संभावना ज्यादा रहती है, इसलिए चलते लोग प्राकृतिक रंग और गुलाल तलाश में रहते हैं, जहां उनकी यह तलाश वन विभाग की ओर से बनाए जा रहे रंग और गुलाल से पूरी होने जा रही है। लोग इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही तरीकों से खरीद सकते हैं।
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