Bharat Band Live: MP की मंडियों में भारत बंद का असर, किसान बोले- नहीं छोड़ेंगे कोई कसर
Bharat Band Live: देशभर के किसान संगठनों ने अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर भारत बंद का आह्वान किया है, जहां भारत बंद का असर मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर की कृषि मंडियों में भी देखने मिला। वन इंडिया हिंदी की टीम ने कृषि मंडी पहुंचकर हालातों का जायजा लिया, जहां देखने मिला कि, भारत बंद के चलते किसानों की कम संख्या मंडी पहुंची थी।
किसानों की कम संख्या मंडी में पहुंचने के चलते मंडी में सन्नाटा पसरा था, तो वहीं जो किसान मंडी में अपनी फसल लेकर पहुंचे थे। उन्होंने भी किसान आंदोलन और भारत बंद को अपना समर्थन दिया है। इतना ही नहीं किसानों ने सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए, आने वाले समय में बड़ा आंदोलन करने का अल्टीमेट भी दिया।

भासंदा गांव से सोयाबीन लेकर लक्ष्मीबाई नगर अनाज मंडी पहुंचे किसान अशोक राठौड़ बताते हैं कि, हमारी मांग यह है कि, गेहूं को 2275 रुपए से 2700 रुपए किया जाए। सरकार बोल रही है, हम 2275 रुपए भाव देंगे। यह गलत बात है। हमने इसी को लेकर वोट दिया है। हमारी मांग है 2700 रुपए का भाव दिया जाए, और इस पर सरकार खरी-खरी उतरे, वरना हम भी आगे चलकर किसान आंदोलन कर रहे किसानों का समर्थन करेंगे।
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अरंडिया बायपास से फसल लेकर अनाज मंडी पहुंचे किसान शुभम कुमावत ने कहा की, किसान आंदोलन और भारत बंद का समर्थन करते हैं। फसल के जो दाम चाहिए, वह नहीं मिल रहे। फसलों के दाम मिलने चाहिए। अभी लहसुन के दाम हैं, लेकिन जब किसानों की फसल बाजार में आएगी, तो दाम गिर जाएंगे। अभी लहसुन का दाम 25 से 30 हजार प्रति क्विंटल चल रहा है, जब किसानों की फसल आएगी तो 10 से 15 हजार रुपए प्रति क्विंटल हो जाएगा। सोयाबीन का भाव 6 हजार होना चाहिए, लेकिन 4200 से 4500 में जा रही है।
किसान शिवनारायण बताते हैं कि, किसान आंदोलन और भारत बंद का असर पड़ेगा। मंडी में किसानों की संख्या कम नजर आ रही है। हमारी प्रमुख मांग है की, फसल का उचित दाम मिलना चाहिए। फसल का उचित दाम नहीं मिलने से किसान घाटे में चल रहा हैं, हम यहां सोयाबीन लेकर आए हैं, जो 4200 रुपए में बिक रही है। फसल के दाम लगातार गिर रहे हैं।
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