Zoho Mail: NIC से हटे PMO सहित 12 लाख कर्मचारियों के ईमेल, अब Zoho संभालेगा नई जिम्मेदारी
Zoho Mail: भारत सरकार ने डिजिटल सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। अब देशभर के सभी केंद्रीय सरकारी कर्मचारियों, जिनमें प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अधिकारी भी शामिल हैं, के ईमेल अकाउंट्स को पूरी तरह से Zoho प्लेटफॉर्म पर स्थानांतरित कर दिया गया है। यह फैसला न केवल डेटा सुरक्षा को मजबूत करेगा बल्कि भारत में विकसित स्वदेशी तकनीकी समाधानों को भी नई पहचान देगा।
Zoho, जिसका मुख्यालय तमिलनाडु के तेनकासी में स्थित है, अब सरकारी ईमेल सेवाओं का नया टेक्नोलॉजी पार्टनर बन गया है। इस परिवर्तन को 'डिजिटल सॉवरेनिटी' की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है, जो भारत को विदेशी सॉफ्टवेयर पर निर्भरता से मुक्त करने का प्रयास है। पिछले एक साल में केंद्र सरकार के सभी 12 लाख ईमेल एड्रेस नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) से हटाकर Zoho प्लेटफॉर्म पर शिफ्ट किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, तमिलनाडु के तेनकासी में मुख्यालय वाली इस कंपनी को 2023 में सात साल के लिए यह कॉन्ट्रैक्ट दिया गया था।

सरकारी कर्मचारियों को Zoho सूट का इस्तेमाल करने का निर्देश
सरकारी कर्मचारियों को अब Zoho के ऑफिस सूट का इस्तेमाल करने के लिए कहा गया है। ताकि वे ओपन सोर्स सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल न करें। पहले यह सूट उपलब्ध तो था, लेकिन बहुत कम कर्मचारी इसका उपयोग कर रहे थे। एक अधिकारी ने बताया कि कई सरकारी कर्मचारी मुफ्त टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे जिससे फाइलों की सुरक्षा पर खतरा था। अब Zoho के फीचर्स को सरकारी मेल सिस्टम में प्रमुख रूप से दिखाया जा रहा है।
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'आत्मनिर्भर भारत' की दिशा में कदम
शिक्षा मंत्रालय ने 3 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर कहा कि Zoho सूट का उपयोग करना देश को 'सर्विस इकोनॉमी' से 'प्रोडक्ट नेशन' बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मंत्रालय ने कहा कि Zoho के स्वदेशी प्रोडक्ट्स अपनाने से भारत की डिजिटल संप्रभुता (डिजिटल सॉवरेनिटी) मजबूत होगी और डेटा सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी। अधिकारियों ने बताया कि ईमेल का डोमेन पहले जैसा ही रहेगा। यानी nic.in या gov.in, लेकिन अब डेटा की होस्टिंग और प्रोसेसिंग Zoho के सर्वर पर होगी। NIC अब इस सेवा का तकनीकी पार्टनर नहीं रहेगा।
डेटा सुरक्षा पर उठे सवाल
Zoho प्लेटफॉर्म की सुरक्षा जांच NIC और CERT-In जैसी एजेंसियों ने की है। एक अधिकारी ने बताया कि "डेटा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नियमित ऑडिट किए जाते हैं और अब तक सभी रिपोर्ट्स संतोषजनक रही हैं।"
Zoho के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने हाल ही में X (ट्विटर) पर कहा, "हम ग्राहकों के डेटा का इस्तेमाल कभी मार्केटिंग के लिए नहीं करते। हमारा कारोबार भरोसे पर टिका है और हम हर दिन उस भरोसे को बनाए रखने की कोशिश करते हैं।" उन्होंने यह भी बताया कि जल्द ही Zoho के मैसेजिंग ऐप 'Arattai' में एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन जोड़ा जाएगा।
AIIMS साइबर अटैक के बाद लिया गया बड़ा फैसला
यह कदम 2022 में AIIMS दिल्ली पर हुए साइबर हमले के बाद लिया गया, जब एक महीने तक अस्पताल की ई-हॉस्पिटल सेवाएं ठप रहीं। इसके बाद सरकार ने डिजिटल इंडिया कॉरपोरेशन (DIC) के जरिए निजी क्लाउड सर्विस प्रदाताओं से बोली आमंत्रित की थी।
मंत्रियों के निजी मेल भी Zoho पर
हाल में अमित शाह और अश्विनी वैष्णव सहित कई केंद्रीय मंत्रियों ने X पर घोषणा की कि उन्होंने Zoho ईमेल सर्विस का उपयोग शुरू कर दिया है। हालांकि, अधिकारियों के अनुसार यह उनके निजी मेल हैं, जबकि आधिकारिक मेल अब भी NIC के gov.in या nic.in डोमेन पर ही चलते हैं।
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