Zoho Mail का क्रेज! रेल मंत्री के बाद गृह मंत्री ने भी छोड़ा Gmail, ट्रंप को कैसे किया ट्रोल?
Amit Shah Switches to Zoho Mail: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने ईमेल में बड़ा बदलाव किया है। अब वह दुनिया की सामान्य ईमेल सेवाओं को छोड़कर एक नए और स्वदेशी प्लेटफार्म पर शिफ्ट हो गए हैं। अब वो भारत में विकसित एक सुरक्षित और प्राइवेसी वाला नया प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करेंगे। बुधवार को उन्होंने अपने नए ईमेल एड्रेस की जानकारी दी। अपना नया ईमेल एड्रेस शेयर करते हुए उन्होंने सबसे कहा कि भविष्य में उन्हें मेल इसी एड्रेस पर भेजें।
यह कदम सिर्फ तकनीकी बदलाव नहीं है, बल्कि डिजिटल सुरक्षा और अपनी निजी जानकारी की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम है। साथ ही यह 'मेड इन इंडिया' अभियान का एक नया अंग भी है। अमित शाह का नया ईमेल एड्रेस अब [email protected] है। अब वह उन लोगों में शामिल हो गए हैं, जो अपने स्वदेशी ईमेल प्लेटफार्म को यूज करेंगे।

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अमित शाह ने अपने नए ईमेल की जानकारी शेयर करते हुए बिना नाम लिए ट्रंप पर तंज किया है। शाह के ट्विट की आखिरी लाइन लोगों को खासकर आकर्षित कर रही है। उन्होंने जो लाइन 'Thank you for your kind attention to this matter.' लिखा है वो बिलकुल ट्रंप के पोस्ट से मेल खाता है।
लोगों का कहना है कि अमेरिकी ईमेल प्लेटफार्म Gmail को छोड़ स्वदेशी प्लेटफार्म पर स्विच करते हुए ट्रंप पर चुटकी ली है। गृह मंत्री अमित शाह से पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव भी जोहो मेल पर स्विच कर चुके हैं। आम लोगों के बीच भी जोहो का क्रेज बढ़ रहा है। बड़े-बड़े लोगों से लेकर आम जनता तक जोहो मेल पर शिफ्ट हो रहे हैं।
Zoho Mail क्या है?
Zoho Mail, जिसे भारत की कंपनी Zoho ने बनाया है, एक ऐसा ईमेल है जो बिलकुल विज्ञापन-मुक्त और सेफ है। पेशेवर, छोटे व्यवसाय और सरकारी लोग इसे इसलिए पसंद कर रहे हैं क्योंकि इसमें अपने डोमेन का ईमेल बनाने, सुरक्षित मेल भेजने और दो-स्टेप वेरिफिकेशन जैसी सुविधाएं हैं। इस बदलाव से साफ हो गया है कि अब डिजिटल दुनिया में सुरक्षा और प्राइवेसी सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत बन गई है।
Zoho Mail 2008 में लॉन्च हुआ और यह Zoho Workplace का हिस्सा है, जिसमें ऑफिस के काम और बातचीत के लिए कई टूल्स आते हैं। यह मेल अपनी सुरक्षा और प्राइवेसी के लिए जाना जाता है। इसमें ईमेल एन्क्रिप्शन (सुरक्षित मेल भेजना), दो स्टेप वेरिफिकेशन और भारत व अमेरिका में सर्वर शामिल हैं। यही कारण है कि पेशेवर, छोटे व्यवसाय और सरकारी लोग इसे पसंद कर रहे हैं।
Gmail का विकल्प
आज Zoho Mail Gmail के विकल्प के रूप में लोकप्रिय हो रहा है। पेशेवर और छोटे व्यवसाय इसके कस्टम डोमेन सपोर्ट, सुरक्षित और विज्ञापन-मुक्त इंटरफेस और बेहतर प्राइवेसी फीचर्स के लिए इसे चुन रहे हैं। यह उन लोगों के लिए सही है जो अपने ईमेल पर पूरा नियंत्रण चाहते हैं और अपने काम को व्यवस्थित रखना पसंद करते हैं।
अमित शाह का यह कदम दिखाता है कि डिजिटल दुनिया में अब सुरक्षा और प्राइवेसी सिर्फ विकल्प नहीं, बल्कि ज़रूरत बन गई है। Zoho Mail के जरिए वह अपनी डिजिटल पहचान को सुरक्षित रखने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं।
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