सर्पदंश के शिकार शख्स की अंत्येष्टि में पहुंचा था छोटा भाई, उसे भी सांप ने काटा, फिर क्या हुआ ? जानिए
बलरामपुर (यूपी/केंद्रपाड़ा-ओडिशा), 4 अगस्त: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर से बहुत ही दर्दनाक खबर है। एक व्यक्ति को सांप ने काट लिया और उसकी मृत्यु हो गई। उसके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए उसका भाई और एक रिश्तेदार भी पहुंचा। अंत्येष्टि वाली रात ही जब वे दोनों नींद में थे, तब उन्हें भी सांप ने डस लिया। उनमें से भी एक की मौत हो गई है और दूसरा अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रहा है। सर्पदंश की इन घटनाओं के बाद से इलाके में हाहाकार मचा हुआ है। स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन लोगों मे भरोसा कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। यहां से सैकड़ों किलोमीटर दूर ओडिशा के केंद्रपाड़ा जिले में भी लोग बेचैन हैं। कुछ ही दिनों के भीतर कम से कम 8 लोगों की मौत सर्पदंश की वजह से हो चुकी है।

भाई की अंत्येष्टि में आए भाई को भी सांप ने डस लिया
यूपी में बलरामपुर के भवानीपुर गांव में मंगलवार को 38 वर्षीय अरविंद मिश्रा की मौत सांप के काटने की वजह से हो गई थी। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए लुधियाना से उनके छोटे भाई और परिवार के और एक रिश्तेदार आए थे। दोनों उनकी अंत्येष्टि में शामिल होने के बाद बुधवार की रात में सोए हुए थे और उन दोनों को भी सांप ने काट लिया। सर्किल ऑफिसर राधा रमन ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि 22 साल के गोविंद मिश्रा ने बुधवार को अपने भाई अरविंद मिश्रा की अंत्येष्टि में हिस्सा लिया, जिनकी सांप काटने की वजह से मंगलवार को मौत हो गई थी।

छोटे भाई की भी हुई मौत, रिश्तेदार की हालत नाजुक
पुलिस अधिकारी ने बताया कि 'गोविंद मिश्रा की नींद में सांप के काटने के बाद मौत हो गई। परिवार के एक रिश्तेदार चंद्रशेखर पांडे (22 साल), जो उसी घर में थे, उन्हें भी सांप ने काट लिया। ' सीओ ने आगे बताया कि 'श्री पांडे को अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।' एक परिवार में हुए सर्पदंश की तीन-तीन दर्दनाक घटनाओं ने इलाके में सांप से दहशत मचा दी है। गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन के बड़े अफसरों ने भी गांव का दौरा किया है।

लोगों में भरोसा कायम करने में जुटा है प्रशासन
इस बीच स्थानीय एमएलए कैलाश नाथ शुक्ला ने शोकाकुल परिवार वालों से मुलाकात की है और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। शुक्ला ने स्थानीय अधिकारियों से भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाने को कहा है। दरअसल, गर्मी और मानसून के दिनों में सांप काटने की घटनाएं आमतौर पर बढ़ जाती हैं। लेकिन, दो दिन के भीतर एक परिवार के तीन-तीन लोगों को सांप ने काट लिया हो और दो की मौत हो चुकी हो और तीसरा जिंदगी और मौत से जूझ रहा हो, यह बहुत ही भयावह स्थिति है।

केंद्रपाड़ा में सर्पदंश से 8 लोगों की मौत-रिपोर्ट
उधर मानसून की वजह से ओडिशा के तटीय इलाके के गांवों में भी सर्पदंश की घटनाओं में बहुत ही ज्यादा बढ़ोतरी हो चुकी है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अकेले केंद्रपाड़ा जिले में अबतक कम से कम 8 लोगों की मौत सांप काटने की वजह से हो चुकी है। ऊपर से एंटी-वेनम दवाओं की कमी हालात को और भी ज्यादा गंभीर बना चुके हैं। वहां भी डेराबिश ब्लॉके के नुआहाट गांव में 31 साल के आशीष साहू को तब सांप ने डस लिया जब वो सोए हुए थे। मंगलवार को उन्होंने दम तोड़ दिया। बीते शुक्रवार को नुआगांव में 82 साल की एक बुजुर्ग महिला की भी सामान्य परिस्थितियों में मौत हो गई।

एंटी-वेनम दवाओं की कमी का आरोप
स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सरकारी अस्पतालों में एंटी-वेनम दवाओं की कमी की वजह से मौतों की संख्या ज्यादा है। जबकि, अकेले केंद्रपाड़ा में एक जिला अस्पताल के अलावा, 9 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 45 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, 227 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्र और ओलावर गांव में एक ग्रामीण अस्पताल भी है। केंद्रपाड़ा के अतिरिक्त जिला स्वास्थ्य अधिकारी बी बेग का दावा है कि जिला मुख्यालय के अस्पतालों और बाकी स्वास्थ्य केंद्रों में एंटी-वेनम दवा उपलब्ध है। हालांकि, उन्होंने माना है कि 227 स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में एंटी-वेनम दवा का स्टॉक इसलिए नहीं रखा गया है, क्योंकि उसे ग्रामीण इलाकों के स्वास्थ्य कर्मी ही चलाते हैं। (सांपों की तस्वीरें- सांकेतिक)












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