महिला पहलवानों के साथ धरने पर क्यों नहीं बैठीं बबीता फोगाट? स्मृति ईरानी ने बताया
Wrestlers Protest: कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग को लेकर पहलवानों का प्रदर्शन जारी है। दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवान धरने पर बैठे हैं।

Wrestlers Protest: कुश्ती संघ के अध्यक्ष और बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए गिरफ्तारी की मांग को लेकर लंबे वक्त से प्रदर्शन कर रहे पहलवानों के मुद्दे पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने मंगलवार को बड़ी प्रतिक्रिया दी। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने सवालिया अंदाज में कहा कि बबीता फोगट विरोध करने वाले पहलवानों का समर्थन क्यों नहीं कर रही हैं, जो उनके परिवार के सदस्य हैं? क्योंकि महीने भर का विरोध प्रदर्शनकारियों द्वारा हरिद्वार की गंगा में अपने पदक विसर्जित करने की योजना में बदल गया। जिसे किसान नेता नरेश टिकैत ने नाकाम किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्मृति ईरानी ने बताया कि उनकी बबीता फोगट के साथ बातचीत हुई है। सवालिया अंदाज में एक बार फिर स्मृति ईरानी ने पूछा कि क्या आपको लगता है कि बबीता फोगट जैसी विश्व प्रसिद्ध पहलवान उन लोगों के साथ बैठेगी? जो दूसरों और विशेष रूप से उनके परिवार के सदस्यों का शोषण करते हैं?
विपक्ष के नेता पहलवानों को निष्पक्ष जांच से क्यों वंचित रखना चाहते हैं?
स्मृति ईरानी ने कहा कि मुद्दा यह नहीं है कि पहलवानों ने कहा कि वे अपने पदक शाम छह बजे विसर्जित करेंगे और रात आठ बजे तक ऐसा नहीं किया। जो लोग कानूनों के बारे में जानते हैं, वे जानते हैं कि कानूनी प्रक्रिया चल रही है। अगर अब कोई हस्तक्षेप होता है तो वह महिलाओं के खिलाफ जाएगा। आगे यह भी कहा कि मैं जानना चाहती हूं कि विपक्ष के नेता इन पहलवानों को निष्पक्ष जांच से क्यों वंचित रखना चाहते हैं। क्या आपको लगता है कि बबीता फोगाट ऐसे ही अपने घरवालों के खिलाफ खड़ी होंगी?
वहीं, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल बूटों तले रौंदने वाले कटाक्ष भरे बयान पर जवाब देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि पहलवानों के विरोध का मुद्दा बिल्कुल राजनीतिक है। एक सांसद और एक महिला के रूप में, मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि कांग्रेस को अमेठी की सुधा सिंह के बारे में पता नहीं था, जिन्हें 2021 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। बेहतर होगा कि कांग्रेस परिवार इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने से बाज आए। लेकिन, यह उनकी आदत है और वे करेंगे। एक महिला के रूप में, मैं यह फिर से कह रही हूं कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मुद्दे पर टिप्पणी की है और इसलिए मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगी।
क्या था कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी का बयान ?
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने 28 मई को कहा था कि खिलाड़ियों की छाती पर लगे मेडल हमारे देश की शान होते हैं। उन मेडलों से, खिलाड़ियों की मेहनत से देश का मान बढ़ता है। भाजपा सरकार का अहंकार इतना बढ़ गया है कि सरकार हमारी महिला खिलाड़ियों की आवाजों को निर्ममता के साथ बूटों तले रौंद रही है। ये एकदम गलत है। पूरा देश सरकार के अहंकार और इस अन्याय को देख रहा है।












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