'अमित शाह से कोई डील नहीं हुई, धरना जारी रहेगा', गृहमंत्री से मुलाकात पर बोले पहलवान बजरंग पुनिया
जंतर मंतर पर धरना प्रदर्शन के बाद नौकरी पर वापस लौटे बजरंग पुनिया ने कहा कि गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान कोई डील नहीं हुई, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।

ओलंपियन पहलवान बजरंग पुनिया यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर फंसे कुश्ती महासंघ के प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। वहीं, गृहमंत्री अमित शाह से मुलाकात को लेकर उन्होंने कहा कि उनसे किसी भी प्रकार की डील नहीं हुई है। गृहमंत्री ने जांच चलने की बात कही है।
पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि बैठक में हम लोगों को कहा गया कि मीटिंग के बारे में बाहर बात न करने के लिए कहा है। हमारी गृहमंत्री के साथ कोई सेटिंग नहीं हुई है। हमने उनसे पूछा कि बृजभूषण की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई?
एक टीवी चैनल को इंटरव्यू देते हुए कहा कि विरोध आंदोलन खत्म नहीं हुआ है, ये जारी रहेगा। हम इसे आगे बढ़ाने की रणनीति बना रहे हैं। वहीं, ये अफवाहें चल रही हैं कि गृहमंत्री से मिलने वाले पहलवानों ने सौदा कर लिया है और आगे विरोध का कोई फायदा नहीं है। लेकिन, एथलीट सरकार की प्रतिक्रिया से संतुष्ट नहीं हैं, न ही सरकार हमारी मांगों पर सहमत हो रही है।
पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की, जिन पर एक नाबालिग सहित सात महिला पहलवानों ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। अमित शाह ने पहलवानों को भरोसा दिलाया कि कानून सबके लिए समान है। बजरंग पुनिया ने बताया कि उन्होंने गृह मंत्री से पूछा कि बृजभूषण शरण सिंह को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया और क्या उन्हें वास्तव में बचाया जा रहा है।
पहलवानों के रेलवे की नौकरियों पर फिर से लौटने को लेकर चल रहे विरोध के बारे में हालिया अटकलों पर बोलते हुए पहलवान बजरंग पुनिया ने कहा कि उन्होंने अपनी नौकरी से छुट्टी ली थी और दिल्ली के जंतर मंतर विरोध स्थल से निकाले जाने के बाद एक दिन के लिए साइन इन करने के लिए वापस आए थे। हम तब से अपनी नौकरी पर वापस नहीं गए। हमने सब कुछ दांव पर लगा दिया है और अगर ये हमारे आंदोलन में बाधा बनता है तो हम अपनी सरकारी नौकरी छोड़ने के लिए तैयार हैं। ये कोई बड़ी बात नहीं है।
बजरंग पुनिया ने बताया कि ये सम्मान की लड़ाई है। हम अफवाहों या रेलवे की नौकरी खोने से डरते नहीं हैं। अगर कोई हम पर दबाव डाला जाता है तो हम नौकरी छोड़ देंगे। 12 से 13 महिलाओं ने व्यक्तिगत रूप से उन्हें अपनी आपबीती सुनाई थी, और उन्होंने उन्हें आश्वासन दिया था कि वह आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवाएंगे।












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