कोरोना के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार का बड़ा कदम, दुनिया की सबसे बड़ी प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल शुरू
मुंबई: महाराष्ट्र कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य है, जहां अब तक 1.64 लाख मरीज सामने आए हैं। इसके साथ ही 7429 लोगों की मौत हुई है। कोरोना की मृत्युदर कम से कम रहे, इसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिसके तहत सोमवार से महाराष्ट्र में दुनिया की सबसे बड़ी प्लाज्मा थेरेपी का ट्रायल शुरू किया गया। ये ट्रायल सफल रहा तो कोरोना वायरस के गंभीर मरीजों को काफी ज्यादा फायदा पहुंचेगा।
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महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक इस प्रोजेक्ट नाम 'प्रोजेक्ट प्लेटिना' रखा गया है। जिसके तहत सोमवार को एक साथ 500 मरीजों की प्लाज्मा थेरेपी शुरू की गई। इसके लिए उद्धव सरकार ने 75 करोड़ के अतिरिक्त फंड की व्यवस्था की है, ताकी ट्रायल में कोई दिक्कत न आए। इस दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने ट्वीट करते हुए लिखा कि प्लेटिना प्रोजेक्ट दुनिया का सबसे बड़ा प्लाज्मा थेरेपी ट्रायल होगा। इससे कोरोना के इलाज में प्लाज्मा की भूमिका पता चलेगी। इसकी मदद से सरकार महामारी को लेकर सही गाइडलाइन जारी कर सकेगी।
CMO के मुताबिक राज्य में प्लाज्मा थेरेपी मुफ्त में मरीजों को दी जाएगी। इसके लिए डोनर भी बड़ी संख्या में उपलब्ध हैं। वहीं डोनर को प्लाज्मा डोनेट करने के बाद कमजोरी महसूस नहीं होगी, क्योंकि RBC को शरीर में वापस भेज दिया जाता है। अभी तक 100 पुलिसकर्मियों ने अपना प्लाज्मा डोनेट किया है। साथ ही सरकार और लोगों से भी प्लाज्मा डोनेट करने की अपील कर रही है।
क्या है प्लाज्मा थेरेपी?
जब कोई इंसान कोरोना वायरस की चपेट में आता है, तो उसके शरीर की प्रतिरोधक क्षमता एंटीबॉडीज बनाती है, जो उस वायरस को खत्म कर देते हैं। ये एंटीबॉडीज उस व्यक्ति के शरीर के प्लाज्मा में पूरी जिंदगी रहते हैं। ऐसे में डॉक्टर कोरोना से ठीक हुए मरीज के खून से प्लाज्मा लेते हैं। उसके बाद उसे गंभीर मरीजों को दिया जाता है। महाराष्ट्र सरकार के मुताबिक 10 में से 9 मरीज प्लाज्मा थेरेपी से ठीक हो रहे हैं।











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