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महाराष्ट्र में उद्धव सरकार बनने के एक महीने के भीतर गठबंधन में घबराहट की आहट

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नई दिल्ली- महाराष्ट्र में आजकल एक होर्डिंग की वजह से महा विकास अघाड़ी सरकार के सहयोगियों में असहजता देखने को मिल रही है। मामला कृषि लोन माफी से जुड़े होर्डिंग्स से संबंधित है। कांग्रेस और एनसीपी के नेताओं का कहना है कि कृषि लोन माफी का फैसला सभी दलों ने मिलकर लिया है, लेकिन शिवसेना की ओर से जो होर्डिंग लगाई जा रही है, उसमें सहयोगी दलों के नेताओं की अनदेखी की गई है। दरअसल, ये विवाद औरंगाबाद से शुरू हुआ है, जहां पिछले कुछ दिनों में कृषि लोन माफी से जुड़े बड़े-बड़े होर्डिंग्स देखने को मिले हैं।

घटक दलों में होर्डिंग्स पर हड़कंप

घटक दलों में होर्डिंग्स पर हड़कंप

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार बनने के एक महीने के भीतर ही महा विकास अघाड़ी की सरकार में कश्मकश दिखाई देने लगी है। प्रदेश में किसानों की कर्ज माफी वाले फैसले से जुड़े कुछ होर्डिंग्स में सिर्फ शिव सेना के नेताओं को दिखाए जाने के बाद कांग्रेस और एनसीपी नाराज हो गई है। शिवसेना सरकार के दोनों घटक दलों की शिकायत है कि जब कर्ज माफी का फैसला गठबंधन का साधा फैसला है, तब शिवसेना सिर्फ अपने नेताओं और पार्टी का प्रचार क्यों कर रही है। जानकारी के मुताबिक औरंगाबाद जिले में पिछले कुछ दिनों में ऐसी होर्डिंग्स सामने आई हैं, जिसमें कर्ज माफी से जुड़े प्रचार में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और उनके पिता बाल ठाकरे को तो दिखाया गया है, लेकिन दोनों सहयोगी दलों के नेता उसमें से गायब हैं।

हमारे नेताओं की क्यों नहीं लगी तस्वीर- कांग्रेस-एनसीपी

हमारे नेताओं की क्यों नहीं लगी तस्वीर- कांग्रेस-एनसीपी

अपने बड़े नेताओं की तस्वीर होर्डिंग्स से गायब रहने के खिलाफ कांग्रेस-एनसीपी के नेता खुलकर सामने आ रहे हैं। एनसीपी के एमएलसी सतीश चव्हाण ने कहा है कि, "ज्यादा अच्छा ये होता कि गठबंधन के दिग्गज नेताओं की तस्वीर भी (होर्डिंग्स पर) उसपर लगाई जाती।" वहीं औरंगाबाद शहर के कांग्रेस अध्यक्ष नामदेवराव पवार का कहना है कि यह गठबंधन सरकार का फैसला है और होर्डिंग पर सिर्फ एक पार्टी को दिखाना उचित नहीं है। उनके मुताबिक, "कृषि लोन माफ करने का फैसला राज्य सरकार के सभी गठबंधन सहयोगियों का है। अगर पोस्टर सिर्फ स्थानीय कार्यकर्ता की ओर से लगाया जाता है तो इसे समझा जा सकता है। लेकिन, अगर इसे पार्टी के अधिकारियों ने लगाया है तो यह निश्चित ही चिढ़ाने वाला है।" पवार का कहना है कि उन्हें तस्वीरों में एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की तस्वीरें को भी जगह देनी चाहिए थी।

शिवसेना को देनी पड़ी सफाई

शिवसेना को देनी पड़ी सफाई

इस विवाद पर सफाई देते हुए शिवसेना के औरंगाबाद जिलाध्यक्ष और एमएलसी अंबादास दानवे ने कहा है कि पार्टी कार्यकर्ताओं ने भावना में बहकर इस तर के होर्डिंग्स लगा दिए हैं। उन्होंने कहा कि, "आगे से हम इस बात का ख्याल रखेंगे कि ऐसे पोस्टर में गठबंधन के सहयोगियों को भी प्रमुखता से जगह दी जाए।" गौरतलब है कि मंगलवार को मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने 2 लाख रुपये तक कृषि लोन माफ करने की घोषणा की थी। इसके ठीक अगले दिन ही उन्होंने राज्य में सारा कृषि लोन माफ करने का भरोसा दिया था।

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English summary
Within a month of forming Uddhav government in Maharashtra, coalition scare
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