सांसद रहते इंदिरा गांधी, महारानी गायत्री देवी और नवनीत राणा को जाना पड़ा जेल, आखिर क्यों?

नई दिल्ली, 27 अप्रैल। किसी महिला सांसद की गिरफ्तारी के बाद क्या पुलिस उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार करती हैं ? अमरावती की सांसद नवनीत राणा ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने उनसे अपमानजनक व्यवहार किया था। इसी तरह जब अक्टूबर 1977 में इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी हुई थी तब उन्होंने सीबीआइ पर भेदभाव और गैरकानूनी आचरण का आरोप लगाया था।

why Indira Gandhi Maharani Gayatri Devi and Navneet Rana had to go to jail while MP

इसके खिलाफ वे सड़क के किनारे धरना पर बैठ गयीं थीं। 1975 में जब महारानी गायत्री देवी सांसद थीं तब इंदिरा गांधी के इशारे पर आयकर विभाग की टीम ने तस्करी जुड़े कानून के तहत उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। तब उन्होंने आरोप लगाया था कि उनकी गिरफ्तारी राजनीतिक अदावत में हुई थी। गायत्री देवी को भारत ही नहीं दुनिया की सबसे सुंदर महिलाओं में एक माना जाता है। कहा जाता है कि इंदिरा गांधी और गायत्री देवी में तब से मनमुटाव था जब वे शांतिनिकेतन में एक साथ पढ़ती थीं।

नवनीत राणा : हिन्दुत्व का नया चेहरा

नवनीत राणा : हिन्दुत्व का नया चेहरा

गिरफ्तारी और जेल जाने के बाद सांसद नवनीत राणा और मशहूर हो गयी हैं। वे हिंदुत्व का नया चेहरा बन कर उभरी हैं। पूरे देश में उनकी चर्चा हो रही है। वे अमरावती से निर्दलीय सांसद हैं। हनुमान चालीसा पाठ पर उद्धव ठाकरे को चुनौती देने के बाद उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी है। वे फिल्म अभिनेत्री रही हैं। भाषण कला में प्रवीण हैं। 2019 में उन्होंने महाराष्ट्र के अमरावती से निर्दलीय चुनाव जीता था। नवनीत ने शिवसेना के बड़े नेता आनंदराव अडसुल को हरा कर यह चुनाव जीता था। तब से उनका शिवसेना के साथ छत्तीस का आंकड़ा है। पिछले साल महाराष्ट्र में पुलिस हफ्ता वसूली का मुद्दा बहुत गरमाया था। महाराष्ट्र के तत्कालीन गृहमंत्री अनिल देशमुख पर 100 करोड़ की उगाही का आरोप लगा था। इसकी वजह से उन्हें अप्रैल 2021 में इस्तीफा देना पड़ा था। नवनीत ने लोकसभा में महाराष्ट्र के वसूली कांड पर जोरदार भाषण दिया था। उन्होंने उद्धव ठाकरे सरकार की बखिया उधेड़ दी थी। इस तीखे भाषण से शिवसेना के नेता तिलमिला गये थे। आरोप है कि तब शिवसेना सांसद अरविंद सावंत ने नवनीत को धमकी दी थी, देखते हैं तू कैसे महाराष्ट्र में घूमती है, तुझे भी जेल में डालेंगे। आखिरकार हनुमान चालीसा पाठ के मुद्दे पर उद्धव ठाकरे सरकार को यह मौका मिल गया। वे अब जेल में हैं। आरोप है कि जब वे पुलिस हिरासत में थीं तब उनके साथ गाली-गलौज और बदसलूकी की गयी। अब लोकसभा अध्यक्ष ने इस संबंध में महाराष्ट्र सरकार से जवाब मांगा है।

इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी

इंदिरा गांधी की गिरफ्तारी

प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी 1977 में चुनाव हार गयीं थीं। उनकी सत्ता का पतन होने के बाद जनता सरकार बनी। जनता पार्टी के नेताओं ने इमरजेंसी में जुल्म सहे थे। उनके मन में इंदिरा गांधी के खिलाफ गुस्सा था। वे उन्हें जेल भेजने पर अमादा थे। जनता सरकार के दौरान इंदिरा गांधी दो बार गिरफ्तार हुईं थी। पहली बार 3 अक्टूबर 1977 को और दूसरी बार 19 दिसम्बर 1978 को। 3 अक्टूबर 1977 को सीबीआइ ने इंदिरा गांधी को दिल्ली स्थित उनके आवास ( 12, विलिंगटन क्रीसेंट रोड) से गिरफ्तार किया था। उनकी गिरफ्तारी जानबूझ कर शाम को की गयी थी ताकि कम से एक दिन उन्हें पुलिस हिरासत में रहना पड़े। इंदिरा गांधी ने गिरफ्तारी से पहले देश-विदेश की मीडिया को इकट्ठा कर लिया था। वे इस घटना को अपने हक में भुनाना चाहती थीं। वे समझती थीं कि दिल्ली में ही कहीं उन्हें कस्टडी में रखा जाएगा। लेकिन सीबीआइ के अफसर उन्हें हिरासत के लिए हरियाणा के बड़खल लेक गेस्ट हाउस ले जाना चाहते थे। इंदिरा गांधी इसका विरोध करती रहीं। जब उनका काफिला फरीदाबाद से आगे बढ़ा तो रास्ते में एक रेल फाटक मिला। वहां से दो ट्रेन गुजरने वाली थी। इसलिए फाटक कुछ देर तक बंद था। सीबीआइ का काफिला रुका हुआ था। तभी इंदिरा गांधी फुर्ती के साथ अपनी गाड़ी से निकली और पास ही एक पुलिया के चबूतरे पर बैठ गयीं।

हरियाणा लाये जाने के विरोध में धरना

हरियाणा लाये जाने के विरोध में धरना

उन्होंने हरियाणा लाये जाने का विरोध शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि कानूनी तौर पर उन्हें दिल्ली में ही हिरासत में रखा जा सकता है। उन्होंने अपने वकील को भी बुला लिया। मजबूर सीबीआइ को वहां से लौटना पड़ा। फिर उन्हें दिल्ली की पुलिस लाइन के ऑफिसर्स मेस में रखा गया। उनकी दूसरी गिरफ्तारी कई मायनों में अनोखी है। 1978 में इंदिरा गांधी कर्नाटक के चिंकमंगलूर से उपचुनाव जीत कर लोकसभा में पहुंची थीं। उनके लोकसभा में आने के बाद जनता सरकार उन्हें फिर जेल भेजने की कोशिश में जुट गयी। एक महीना बाद ही उनको जेल भेजने के लिए लोकसभा में एक प्रस्ताव लाया गया। उन पर सदन की अवमानना का मामला चलाया गया। 8 दिसम्बर से इस प्रस्ताव पर लोकसभा में चर्चा शुरू हुई थी। 19 दिसम्बर 1978 को इस पर मत विभाजन हुआ। इंदिरा गांधी को जेल भेजने के प्रस्ताव के समर्थन में 279 वोट पड़े। विरोध में 139 वोट पड़े। तब स्पीकर ने इंदिरा गांधी के अरेस्ट ऑर्डर पर दस्तखत कर दिये। 19 दिसम्बर 1978 को इंदिरा गांधी संसद भवन से गिरफ्तार हुईं थी। उन्हें सात दिनों तक तिहाड़ जेल में रहना पड़ा था। यह देश ही नहीं दुनिया के लोकतंत्र में पहली घटना थी जब किसी पूर्व प्रधानमंत्री को सदन की अवमानना के मामले में जेल जाना पड़ा था। इसके साथ ही भारत में पहली बार लोकसभा ने अपने ही किसी सदस्य को जेल भेजने पर मुहर लगायी थी।

गायत्री देवी की गिरफ्तारी

गायत्री देवी की गिरफ्तारी

जयपुर की महारानी गायत्री देवी ने 1971 में स्वतंत्र पार्टी के टिकट पर लोकसभा का चुनाव जीता था। वे 1967 में भी सांसद चुनी गयीं थीं। वे कांग्रेस विरोधी थीं। गायत्री देवी और इंदिरा गांधी के बीच तब से दूरी थी जब वे शांति निकेतन में पढ़ती थीं। कहा जाता है कि गायत्री देवी की सुंदरता से इंदिरा गांधी को ईर्ष्या थी। जब गायत्री देवी लोकसभा में पहुंची तो ये बात इंदिरा गांधी को पसंद नहीं आयी। वे उनसे चिढ़ती थीं। 1975 में जब आपातकाल लगा तो गायत्री देवी ने इंदिरा गांधी के विरोध में झंडा उठा लिया। वे इलाज के लिए मुम्बई गयीं हुई थीं। लेकिन वे तत्काल दिल्ली लौट आयीं। लोकसभा में गयी तो देखा कि विपक्ष का बेंच सूना-सूना सा है। रात को जब वे अपने सांसद आवास पहुंची तो उसके कुछ देर बाद ही आयकर विभाग की टीम वहां पहुंच गयी। उन्होंने गायत्री देवी पर अघोषित सम्पत्ति ( 17 मिलियन डॉलर) रखने का आरोप लगाया। आयकर अधिकारियों ने सांसद गायत्री देवी को विदेशी विनिमय और तस्करी से जुड़े कानून के तहत गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद गायत्री देवी को तिहाड़ जेल में रखा गया था। वे करीब छह महीने तक जेल में रहीं। जब उनकी तबीयत खराब रहने लगी तो उन्हें पेरोल पर रिहा किया गया था। इस तरह हम देखते हैं कि राजनीतिक अदावत में महिला सांसदों की गिरफ्तारी होती रही है और उनको अलग अलग कारणों से प्रताड़ित भी किया जाता रहा है।

यह भी पढ़ें: आखिर क्या थीं प्रशांत किशोर की वो 4 शर्तें, जिनसे बनते-बनते बिगड़ गई कांग्रेस में एंट्री की बात

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+