बॉन्ड के जरिए दे पाएंगे चुनावी चंदा, जेटली ने बताया आखिर क्यों जरूरी है इलेक्टोरल बॉन्ड

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राजनीतिक दलों को मिलने वाले चुनावी चंदे को लेकर नई स्कीम का ऐलान कर दिया है। राजनीतिक दलों को अब बॉन्ड के जरिए चंदा देने की तैयारी की जा रही है। सरकार ने इसे लेकर तैयारी कर ली है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने बताया है कि आखिर ये इलेक्टोरल बॉन्ड क्यों जरूरी है और इसे लाना क्यों आवश्यक है। जेटली ने फेसबुक पर एक पोस्ट के जरिए इस चुनावी चंदे की स्कीम की आवश्यका को बताया है।

 क्यों जरूरी है इलेक्टोरल बॉन्ड

क्यों जरूरी है इलेक्टोरल बॉन्ड

केंद्र सरकार ने चुनावी चंदे के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम लाने की तैयारी कर ली है। जल्द ही राजनीतिक पार्टियों को बॉन्ड के जरिये चंदा दिया जा सकेगा। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने संसद में इस बारे में ऐलान करते हुए इस स्कीम की खासियत के बारे में बताया कि इस स्कीम से राजनीतिक पार्टियों को मि लने वाले चंदे में पारदर्शिता आएगी। इस स्कीम देश का कोई भी नागरिक चंदा दे सकेगा।

 इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम से आएगी पारदर्शिता

इलेक्टोरल बॉन्ड स्कीम से आएगी पारदर्शिता

इस स्कीम के द्वारा न केवल काले धन पर रोक लगेगी बल्कि राजनीतिक दलों को मिलने वाले फंड में भी पारदर्शिता आएगी। जेटली ने रविवार फेसबुक पर इस बारे में पोस्ट लिखा, जिसमें उन्होंने बताा कि अभी तक राजनीतिक दलों को चंदा देने और उनका खर्च दोनों कैश में होता चला आ रहा है। कितना पैसा आया यह कभी नहीं पता चलता था। राजनीतिक चंदे को लेकर ऐसी व्यवस्था बना दी गयी है कि अज्ञात स्रोतों से संदिग्ध धन आता रहे। लेकिन इस स्कीम के बाद ऐसा नहीं हो सकेगा।

 राजनीतिक दलों की नाराजगी

राजनीतिक दलों की नाराजगी

जेटली ने लिखा है कि अब तक व्यवस्था से बिल्कुल अपारदर्शी तरीका है, लेकिन ज्यादातर राजनीतिक दल और समह इस मौजूदा व्यवस्था से बहुत सुखी हैं। लेकिन मोदी सरकार का प्रयास यह है कि ऐसी वैकल्पिक प्रणाली लाई जाए जिससे राजनीति चंदे की व्यवस्था में पारदर्शिता आ सके। उन्होंने कहा कि इस व्यवस्था के बाद अब लोगों को तय करना होगा कि वो नकद में कैश देकर चंदे की मौजूदा व्यवस्था को अपनाए रखना चाहते हैं या फिर चेक, ऑनलाइन ट्रांजेक्शन और चुनावी बॉन्ड के जरिए इस व्यवस्था में स्वच्छता लाना चाहते हैं।

 राजनीतिक चंदे की स्वच्छ प्रणाली

राजनीतिक चंदे की स्वच्छ प्रणाली

जेटली ने लिखा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है, लेकिन इसके बावजूद वो राजनीतिक चंदे में स्वच्छता नहीं ला सका। राजनीतिक पार्टियों को करोड़ों में चंदे मिलते हैं और वो पूरे साल बड़ी रकम खर्च करते हैं।इसका एक सही प्रणाली बनाना आवश्यक है।

 क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड

क्या है इलेक्टोरल बॉन्ड

आपको बता दें कि मोदी सरकार चुनावी चंदे में पारदर्शिता लाने के लिए इलेक्टोरल बॉन्ड ला रही है, जिसमें देश का कोई भी नागरिक एसबीआई की चुनिंदा ब्रांचों में जाकर किसी भी राजनातिक दल को 1000,10000,100000,1000000 में बॉन्ड के तौर पर चंदा दे सकता है। इसमें चंदा देने वाले शख्स का नाम गुप्त रखा जाएगा।

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