Vivek Bansal कौन? जिनके 'शाही स्नान' प्लान देख चकराया इंटरनेट, 50 अफसरों को कच्छा-तौलिया ढोने की ड्यूटी
Vivek Bansal BSNL Director: सरकारी कंपनी BSNL भले ही 4G और 5G के नेटवर्क के लिए संघर्ष कर रही हो, लेकिन उसके अधिकारियों का 'शाही नेटवर्क' बड़ा तगड़ा है! मामला 1987 बैच के ऑफिसर और BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल का है, जिनके प्रयागराज दौरे के लिए जारी एक 'फरमान' ने सोशल मीडिया पर आग लगा दी। साहब परिवार समेत संगम में डुबकी लगाने क्या चले, पूरे विभाग को 'दरबारी' बना दिया गया।
संगम स्नान से लेकर कच्छे-तौलिए तक का हिसाब रखने के लिए 50 अधिकारियों की फौज तैनात कर दी गई। ऐसा लगा मानो डायरेक्टर साहब नहीं, बल्कि कोई मुग़ल शहंशाह पधार रहे हों। फजीहत इतनी हुई कि साहब को अपनी डुबकी कैंसिल करनी पड़ी। आइए, इस 'कच्छा-तौलिया कांड' की परतों को खोलते हैं।

BSNL Director Sangam Bath Controversy: साहब की डुबकी और 'अंडरवियर' का टेंडर
BSNL डायरेक्टर विवेक बंजल साहब को संगम में पुण्य कमाना था, लेकिन उसकी तैयारी ने विभाग का 'पुण्य' दांव पर लगा दिया। वायरल सर्कुलर के मुताबिक, अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि साहब और उनके परिवार के लिए तौलिए, टॉयलेटरीज और ग्रूमिंग किट तो ठीक, 'अंडरवियर' तक का इंतज़ाम करना होगा। लोग हैरान हैं कि क्या अब सरकारी इंजीनियरों की डिग्री का इस्तेमाल साहब के अंतर्वस्त्रों का साइज चेक करने और उनकी क्वालिटी परखने के लिए किया जाएगा?
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Vivek Bansal Prayagraj Visit: 50 अफसरों की फौज और 'शाही' प्रोटोकॉल
प्रयागराज में साहब के स्वागत के लिए कोई एक-दो नहीं, बल्कि 50 कर्मचारियों की पूरी बटालियन उतार दी गई थी। एयरपोर्ट से लेकर संगम के घाट तक, हर कदम पर एक अधिकारी तैनात था। प्रोटोकॉल इतना बारीक था कि संगम में स्नान के बाद तौलिया कौन पकड़ेगा और साहब का सामान कौन संभालेगा, इसकी भी बाकायदा ड्यूटी लगाई गई थी। ऐसा लग रहा था जैसे BSNL टेलीकॉम कंपनी नहीं, बल्कि कोई 'इवेंट मैनेजमेंट' कंपनी बन गई हो।
BSNL Director Sangam Bath Controversy: संगम स्नान में 'पर्सनल सामान' का पहरा
निर्देश इतने सख्त थे कि स्नान के बाद साहब की कोई भी निजी वस्तु, चाहे वो साबुन की टिकिया हो या गीला तौलिया, छूटनी नहीं चाहिए। इसके लिए बाकायदा अफसरों को 'गार्ड' बना दिया गया था। जनता पूछ रही है कि जो अफसर नेटवर्क ठीक करने के लिए टॉवर पर नहीं चढ़ते, वो डायरेक्टर साहब का गीला कच्छा सुखाने के लिए घाट पर क्यों खड़े थे? शायद साहब को लगा कि संगम के पानी के साथ-साथ विभाग की साख भी धो लेनी चाहिए।
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सोशल मीडिया का 'नेटवर्क' पड़ा भारी
जैसे ही यह 'शाही फरमान' इंटरनेट पर लीक हुआ, BSNL का नेटवर्क तो नहीं पर यूज़र्स का गुस्सा ज़रूर फुल स्पीड में दौड़ने लगा। लोगों ने इसे सरकारी तंत्र और जनता के पैसे का भद्दा मज़ाक बताया। फजीहत जब सीमा पार कर गई, तो आलाकमान की नींद खुली। देखते ही देखते साहब का पूरा 'शाही दौरा' रद्द कर दिया गया। अब साहब घर के बाथरूम में ही नहा रहे होंगे, क्योंकि संगम की लहरों से ज्यादा सोशल मीडिया की लहरों ने उन्हें भिगो दिया।
BSNL की सफाई और 'डैमेज कंट्रोल'
मामला बढ़ने पर BSNL ने आधिकारिक तौर पर पल्ला झाड़ते हुए कहा कि यह 'स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन' का उल्लंघन है और संबंधित लोगों पर एक्शन लिया जा रहा है। जनसंपर्क अधिकारी ने पुष्टि की कि अब यह 'शाही यात्रा' नहीं होगी। खैर, कार्रवाई तो होती रहेगी, लेकिन विवेक बंजल साहब ने यह साबित कर दिया कि 35 साल के अनुभव में उन्होंने भले ही सिम कार्ड बेचना सीखा हो या नहीं, पर 'सिस्टम' को अपनी सेवा में कैसे लगाना है, इसमें वो एक्सपर्ट हैं।












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