कौन हैं कोटा नीलिमा? BJP ने लगाया डबल वोटर ID रखने का आरोप, 'वोट चोरी' का 'गेम' कांग्रेस पर ही भारी?
Kota Neelima: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा और उनकी पत्नी कोटा नीलिमा एक बार फिर सियासी तूफान के केंद्र में हैं। बीजेपी ने दोनों पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि इनके पास अलग-अलग राज्यों में दो-दो सक्रिय वोटर आईडी कार्ड हैं।
यह मामला सिर्फ एक आरोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि राजनीतिक गलियारों में गर्म बहस का कारण बन गया है। बीजेपी ने इसे बड़ी साजिश करार दिया है और भाजपा IT सेल प्रमुख अमित मालवीय ने इस मुद्दे को उठाते हुए चुनाव आयोग से जांच की मांग की है।

खैरताबाद और दिल्ली में सक्रिय वोटर आईडी
अमित मालवीय ने आरोप लगाया कि कोटा नीलिमा, जिन्होंने तेलंगाना के खैरताबाद से चुनाव लड़ा था, के पास दो सक्रिय वोटर आईडी हैं। एक आईडी खैरताबाद में दर्ज है, जबकि दूसरी नई दिल्ली में। मालवीय ने यह भी कहा कि इसी तरह पवन खेड़ा के पास भी दो वोटर आईडी होने की जानकारी पहले सामने आ चुकी है।
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कौन हैं कोटा नीलिमा?
कोटा नीलिमा एक जानी-मानी लेखिका, शोधकर्त्री, कलाकार और कांग्रेस नेता हैं। उन्होंने किसान आत्महत्याओं, ग्रामीण संकट और लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कई किताबें लिखी हैं, जिनमें "Widows of Vidarbha: Making of Shadows" और उपन्यास "Shoes of the Dead" प्रमुख हैं। वे दिल्ली विश्वविद्यालय से राजनीति विज्ञान में PhD कर चुकी हैं और जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय से अंतरराष्ट्रीय संबंधों में मास्टर्स की डिग्री रखती हैं। जॉन्स हॉपकिन्स यूनिवर्सिटी, वॉशिंगटन डीसी में भी उन्होंने शोध कार्य किया है।
पत्रकारिता में उनका अनुभव दो दशकों से अधिक का है, जिसमें उन्होंने The Indian Express और The Sunday Guardian में काम किया है। इसके अलावा वे एक कुशल पेंटर भी हैं और उनकी कला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित हो चुकी है। राजनीति में भी कोटा नीलिमा सक्रिय रही हैं। वे तेलंगाना प्रदेश कांग्रेस समिति में पदाधिकारी रह चुकी हैं और 2023 में हैदराबाद के सनथनगर क्षेत्र से विधानसभा चुनाव भी लड़ चुकी हैं।
कांग्रेस पर 'वोट चोरी' का आरोप
बीजेपी का कहना है कि कांग्रेस नेताओं की यह हरकत 'सिस्टमेटिक वोट चोरी' का हिस्सा है। मालवीय ने कहा कि जो लोग खुद नियम तोड़ रहे हैं, वही आम मतदाताओं को बदनाम कर रहे हैं। उन्होंने राहुल गांधी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि इस मामले पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।
सोनिया गांधी का भी जिक्र
बीजेपी नेता ने आरोपों को और आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह समस्या नई नहीं है। उन्होंने दावा किया कि 1980 में सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में शामिल किया गया था, जबकि वह उस समय भारतीय नागरिक नहीं थीं।
चुनाव आयोग से जांच की मांग
मालवीय ने चुनाव आयोग से इस पूरे मामले की जांच की मांग की और कहा कि राहुल गांधी को इस पर जवाब देना चाहिए। उनका कहना है कि कांग्रेस अपने वोट बैंक के लिए अवैध काम कर रही है, जिससे लोकतांत्रिक संस्थाओं को नुकसान पहुंच रहा है।
पवन खेड़ा को नोटिस
बीजेपी के इन आरोपों के बीच चुनाव आयोग ने मंगलवार को पवन खेड़ा को नोटिस जारी किया है। उन पर दिल्ली की एक से ज्यादा विधानसभा सीटों पर मतदाता के रूप में पंजीकरण कराने का आरोप है। न्यू दिल्ली के जिला चुनाव अधिकारी ने नोटिस की कॉपी सोशल मीडिया पर साझा की है। पवन खेड़ा को 8 सितंबर सुबह 11 बजे तक जवाब देने के लिए कहा गया है।
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