कौन हैं राम मोहन नायडू, जो बने मोदी कैबिनेट में सबसे कम उम्र के मंत्री, अपने ही पिता का तोड़ा रिकॉर्ड
Meet Ram Mohan Naidu: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार एनडीए की सरकार बनी है। पीएम नरेंद्र मोदी ने आज शाम अपने मंत्रियों के साथ शपथ ली। इस बार मोदी कैबिनेट 3.0 में टीडीपी के सांसद राम मोहन नायडू को भी शामिल किया गया है।
आंध्र प्रदेश की श्रीकाकुलम लोकसभा सीट से तीन बार सांसद रहे राम मोहन नायडू सबसे युवा केंद्रीय मंत्री बने हैं। वो अभी 36 साल के हैं। ये ंअब मोदी कैबिनेट के सबसे युवा मंत्री हैं। राम मोहन नायडू ने हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में 3.27 लाख से अधिक मतों के भारी बहुमत से जीत हासिल की है।

who is Ram Mohan Naidu: कौन हैं राम मोहन नायडू?
- राम मोहन नायडू वर्तमान में आंध्र प्रदेश की श्रीकाकुलम लोकसभा सीट से सांसद हैं। 36 वर्षीय राम मोहन नायडू का पूरा नाम 'किंजरापु राम मोहन नायडू' है। राम मोहन नायडू का जन्म निम्माडा में 18 दिसंबर 1987 को हुआ था।
- राम मोहन नायडू पूर्व केंद्रीय मंत्री और टीडीपी नेता येरन नायडू के बेटे हैं। राम मोहन नायडू के पिता येरन नायडू साल 1996 में सबसे कम उम्र के कैबिनेट मंत्री बने थे। अब 2024 में राम मोहन नायडू एनडीए गठबंधन की सरकार में मंत्री बन गए हैं और उन्होंने अपने पिता कारिकॉर्ड तोड़ दिया है।

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Ram Mohan Naidu Education: राम मोहन नायडू की शिक्षा
- राम मोहन नायडू ने स्कूली पढ़ाई दिल्ली के आरके पुरम में स्थित दिल्ली पब्लिक स्कूल से की है। उसके बाद अमेरिका की Purdue विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है।
- राम मोहन नायडू ने इसके बाद लॉन्ग आईलैंड से एमबीए किया है। राम मोहन नायडू को फोटोग्राफी का भी शौक था। वह कॉलेज के दिनों फोटोग्राफी करते थे। उन्हें बास्केटबॉल और क्रिकेट खेलने का भी शौक है।

Ram Mohan Naidu Political journey: राम मोहन नायडू का राजनीतिक सफर
- 2012 में कार हादसे में राम मोहन नायडू के पिता की दुखद मृत्यु ने उन्हें राजनीति में आने को मजबूर कर दिया। 26 साल की उम्र में उन्होंने 2014 में श्रीकाकुलम से लोकसभा सांसद के रूप में जीत हासिल की और 16वीं लोकसभा में दूसरे सबसे कम उम्र के सांसद बने।
- राम मोहन नायडू टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव के रूप में कार्यरत थे और उन्हें पार्टी प्रमुख एन चंद्रबाबू नायडू के वफादारों में से एक माना जाता है। उन्होंने मुश्किल वक्त में पार्टी को बचाने में अहम भूमिका निभाई और नारा लोकेश के साथ मिलकर अलग-अलग राजनीतिक गलियारों से नायडू को समर्थन और एकजुटता दिलाने में भी अहम भूमिका निभाई।

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- जब जगन मोहन रेड्डी शासन द्वारा नायडू को गिरफ्तार किया गया था तो नारा लोकेश के साथ मिलकर राम मोहन नायडू ने पार्टी के लिए खूब काम किया। राम मोहन नायडू चंद्रबाबू नायडू के साथ दिल्ली की उनकी सभी यात्राओं में शामिल होते हैं, जो राष्ट्रीय राजनीति की पेचीदगियों को सुलझाने में उनकी साझेदारी के महत्व को दिखाता है।
- राम मोहन नायडू संसद की कई समितियों के सदस्य भी रह चुके हैं। इनमें कृषि, पशुपालन और खाद्य प्रसंस्करण गृह मामलों, पर्यटन एवं संस्कृति समेत कई समिति शामिल हैं। राम मोहन नायडू को 2020 में संसद रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।












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