कौन है कर्नाटक का करोड़पति पूर्व क्लर्क? ₹15 हजार वेतन, फिर भी 24 घर-40 एकड़ जमीन और ₹30 करोड़ की संपत्ति!

Who Is Karnataka Ex-Clerk Kalakappa Nidagundi: कर्नाटक में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां कर्नाटक ग्रामीण अवसंरचना विकास लिमिटेड (KRIDL) के पूर्व क्लर्क कलकप्पा निदागुंडी के पास 30 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति का खुलासा हुआ है।

लोकायुक्त की छापेमारी में पता चला कि 15,000 रुपये मासिक वेतन वाला यह शख्स 24 घरों, 4 प्लॉट, 40 एकड़ कृषि भूमि, 30 लाख रुपये के गहने, और वाहनों का मालिक है। 72 करोड़ रुपये के फर्जी बिल घोटाले में शामिल होने का आरोप लगने के बाद यह मामला सुर्खियों में है। आइए, इस घोटाले का जानें पूरा चिट्ठा...

Kalakappa Nidagundi news

टाइमलाइन: क्लर्क से करोड़पति तक का सफर

जुलाई 2025: लोकायुक्त की छापेमारी शुरू

कर्नाटक लोकायुक्त ने आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच के तहत कोप्पल जिले में छापेमारी शुरू की। कलकप्पा निदागुंडी, जो पहले KRIDL में क्लर्क थे, जांच के दायरे में आए। 30 जुलाई 2025 को लोकायुक्त ने निदागुंडी के ठिकानों पर छापा मारा, जिसमें 30 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ।

31 जुलाई 2025: चौंकाने वाली बरामदगी

छापेमारी में 24 घर, 4 प्लॉट, और 40 एकड़ कृषि भूमि मिली, जो निदागुंडी, उनकी पत्नी, और भाई के नाम पर थी। 30 लाख रुपये की कीमत के 350 ग्राम सोना और 1.5 किलो चांदी बरामद। दो कारें और दो दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए। जांच में पता चला कि निदागुंडी ने KRIDL के पूर्व इंजीनियर जेडएम चिंचोलकर के साथ मिलकर 96 अधूरी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए 72 करोड़ रुपये के फर्जी बिल बनाए।

1 अगस्त 2025: सियासी तूफान और जांच तेज

लोकायुक्त ने CPI परशुराम कवतागी, DSP पुष्पलता, और अधिकारी पीएस पाटिल की अगुवाई में जांच को और गहरा किया। निदागुंडी के दस्तावेजों और बैंक खातों की जांच शुरू। BJP नेता अशोक गौड़ा ने इस घोटाले पर कड़ी कार्रवाई की मांग की।

घोटाले का खुलासा: कैसे बना क्लर्क 'करोड़पति'?

कलकप्पा निदागुंडी की मासिक तनख्वाह मात्र 15,000 रुपये थी, लेकिन उनकी संपत्ति उनकी आय से कहीं ज्यादा थी। लोकायुक्त की जांच में पता चला कि निदागुंडी ने KRIDL में फर्जी बिलिंग के जरिए करोड़ों रुपये की हेराफेरी की। 96 अधूरी परियोजनाओं के लिए बिल बनाए गए, जिनका भुगतान ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच बांटा गया। संपत्ति का बड़ा हिस्सा पत्नी और भाई के नाम पर ट्रांसफर किया गया, ताकि जांच से बचा जा सके। 30 लाख रुपये के गहने, 24 घर, और 40 एकड़ जमीन इस बात का सबूत हैं कि निदागुंडी ने संगठित तरीके से भ्रष्टाचार किया।

लोकायुक्त की कार्रवाई और अन्य मामले

यह छापेमारी कर्नाटक लोकायुक्त की आय से अधिक संपत्ति के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा थी।

अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई:-

  • जयन्ना आर (हसन): राष्ट्रीय राजमार्ग डिवीजन के इंजीनियर, 6.28 करोड़ की संपत्ति।
  • के ओमप्रकाश (बेंगलुरु): BDA में सहायक निदेशक, 6.26 करोड़ की संपत्ति।
  • अंजनेया मूर्ति (चिक्कबल्लापुर): कनिष्ठ अभियंता, 5.77 करोड़ की संपत्ति।
  • एन वेंकटेश (बेंगलुरु): BBMP कर सहायक, 2.57 करोड़ की संपत्ति।
  • वेंकटेश जी (चित्रदुर्ग): तालुक स्वास्थ्य अधिकारी, जांच के दायरे में।
  • कुल 24.44 करोड़ रुपये की बेहिसाब संपत्ति इन छापों में बरामद हुई।

सियासी बवाल: BJP ने घेरा, कांग्रेस ने की जांच की मांग

BJP नेता अशोक गौड़ा ने कहा, 'यह भ्रष्टाचार का चरम है। दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।' कांग्रेस ने इस मामले को KRIDL की खामियों से जोड़ा और जांच की मांग की। मामला कर्नाटक विधानसभा में गूंज सकता है, क्योंकि यह सरकारी संस्थानों में भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है।

क्या होगा आगे?

लोकायुक्त निदागुंडी और चिंचोलकर के खिलाफ FIR दर्ज करने की तैयारी में है। 72 करोड़ के फर्जी बिल घोटाले की गहन जांच होगी, जिसमें अन्य अधिकारियों और ठेकेदारों की भूमिका की पड़ताल की जाएगी। जब्त संपत्ति को प्रिवेंशन ऑफ करप्शन एक्ट के तहत अटैच किया जा सकता है। यह मामला कर्नाटक सरकार के लिए चुनौती बन सकता है, क्योंकि विपक्ष इसे भ्रष्टाचार के सबूत के तौर पर पेश करेगा।

यह मामला क्यों अहम?

15,000 रुपये की सैलरी से 30 करोड़ की संपत्ति का खुलासा सरकारी तंत्र में भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों को उजागर करता है। KRIDL जैसे संस्थानों में फर्जी बिलिंग और ठेकेदारी घोटाले लंबे समय से चर्चा में हैं। यह मामला लोकायुक्त की सक्रियता को दर्शाता है, लेकिन साथ ही सवाल उठाता है कि इतना बड़ा घोटाला इतने समय तक कैसे छिपा रहा?

कर्नाटक का यह 'करोड़पति क्लर्क' घोटाला भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक बड़ा सबक है। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक क्लर्क की कहानी है, या सिस्टम की गहरी खामियों का नमूना? आपके मुताबिक, ऐसे घोटालों को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाने चाहिए? कमेंट्स में अपनी राय दें!

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